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लेखक : देवाशिष बसु

आज का अखबार, लेख

शेयर पुनर्खरीद में कर पर हो फिर विचार

दुनिया भर में कंपनियां अपने शेयरधारकों को पूंजी लौटाने, बहीखाते दुरुस्त रखने और बेहतरीन माली हालत का संकेत देने के लिए शेयर पुनर्खरीद का रास्ता खूब पकड़ती हैं। ऐपल ने पिछले पांच साल में 430 अरब डॉलर के शेयर वापस खरीदे हैं, जिससे इसका शेयर चढ़ा है। मगर भारत में शेयर पुनर्खरीद को दुधारू गाय […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप के शुल्कों से ध्वस्त होती वैश्विक व्यवस्था

कोई नहीं बता सकता कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप कब क्या करेंगे या कहेंगे। मगर दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से उन्होंने जो कदम उठाए हैं उनसे कट्टर नीति निर्माता, कारोबारी, व्यापारी, निवेशक, राजनेता और अफसरशाह हैरत में पड़ गए हैं। अभी तो उन्हें व्हाइट हाउस में 46 महीने और रहना है। जो कुछ […]

आज का अखबार, बाजार, लेख, शेयर बाजार

क्या बाजार फिर हो पाएगा तेजी पर सवार?

पिछले साल सितंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत के दरम्यान तमाम बाजार सूचकांक अपने शिखर पर पहुंच गए थे। लेकिन वहां से वे ऐसे फिसले कि ठहरते नहीं दिख रहे। निफ्टी 50 सूचकांक 13 प्रतिशत गिर चुका है, निफ्टी 500 तथा निफ्टी मिडकैप 16 प्रतिशत लुढ़क चुके हैं और निफ्टी स्मॉलकैप एवं माइक्रोकैप तो […]

आज का अखबार, लेख

क्या है विकसित भारत की राह?

मौजूदा सरकार ने जब से ‘2047 तक विकसित भारत’ का नया नारा दिया है तभी से बहस-मुबाहिसे चल रहे हैं कि देश संपन्न कैसे हो। कोई देश कैसे धनवान बनता है इस पर भारत ही नहीं पूरी दुनिया में बहस चलती रहती है। इसकी वजह यह है कि दुनिया में कुछ ही संपन्न देश हैं […]

आज का अखबार, लेख

अतार्किक विकल्प: छोटे शेयरों की दुनिया में दिखेंगे बदलाव

पिछले पखवाड़े सीएनएक्स स्मॉलकैप 100 सूचकांक 7.3 प्रतिशत लुढ़क गया। इस सूचकांक में इससे ज्यादा गिरावट दिसंबर 2022 में आई थी, जब यह 8.33 प्रतिशत फिसला था। स्मॉलकैप 100 सूचकांक में शामिल शेयरों में पिछले कुछ महीनों से बदलाव की कवायद चल रही थी मगर यह उठ नहीं पाया और आखिरकार लुढ़क गया। सूचकांक के […]

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अतार्किक विकल्प: हिचकोले खाती भारत की आर्थिक वृद्धि की गाड़ी

नवंबर के शुरू में मैंने अपने एक आलेख में जिक्र किया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था अनुमान के मुताबिक ही बिना उत्साह आगे बढ़ रही है। भारत की अर्थव्यवस्था यदा-कदा ही मंदी के दलदल में पूरी तरफ फंसती है मगर यह भी सच है कि लगातार तेज रफ्तार दौड़ने में इसकी सांस फूलने लगती है। कुछ […]

आज का अखबार, लेख

अतार्किक विकल्प: निर्यात को प्राथमिकता से बनेगा ‘विकसित भारत’

बात 1990 के दशक के मध्य की है, जब भारतीय कंपनियां आर्थिक मंदी और ऊंची ब्याज दरों जैसी चुनौतियों से जूझ रही थीं। उस वक्त मैंने अच्छी यानी उच्च गुणवत्ता वाली कंपनियां छांटने के लिए आसान तरीका ढूंढा था। मैं देखता था कि कंपनी के राजस्व का बड़ा हिस्सा निर्यात से आता है या नहीं। […]

आज का अखबार, लेख

शेयर बाजार की चाल में उभरती छोटी कंपनियां

पिछले दो महीने में चार अलग-अलग स्तंभ लेखों में मैंने भारतीय अर्थव्यवस्था में देखी जा रही सुस्ती पर बात की थी जिसका अंदाजा अब कार, उपभोक्ता वस्तुओं, बैंक, वित्तीय सेवाएं और बुनियादी ढांचा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों की कीमतों से स्पष्ट रूप से हो रहा है। दो प्रमुख बाजार सूचकांक, निफ्टी और सेंसेक्स, 27 […]

आज का अखबार, लेख

अतार्किक विकल्प: शेयर बाजार में आशंका के गहराते घने बादल

पिछले चार वर्षों में भारत के शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखी गई है और यह महामारी के निराशाजनक दौर की गिरावट से उबरता हुआ भी दिख रहा है। निफ्टी 50, मार्च 2020 के अंत में 8,598 के स्तर पर बंद हुआ और कोई भी इसमें दोबारा तेजी की भविष्यवाणी नहीं कर सकता था। इसकी […]

आज का अखबार, लेख

अतार्किक विकल्प: उम्मीद के अनुरूप चल रही देश की अर्थव्यवस्था

अगर आप भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को लेकर हमेशा निराशावादी रहेंगे तब आप अच्छे मौके गंवा सकते हैं। हमने इसे 2022 के मध्य से अब तक देखा है, जब अर्थव्यवस्था में मजबूती देखी गई और शेयर बाजार में भी तेजी आई। लेकिन जब अर्थव्यवस्था में कमजोरी दिखने लगती है तब कुछ लोग सरकार की […]

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