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म्युचुअल फंड बनाम एसआईएफ.. आखिर किसे चुनें कौन से निवेशक₹1 करोड़ से ज्यादा का स्वास्थ्य बीमा कवर, पहले दें ध्यान.. भविष्य में बोझ न बन जाए महंगा प्लानREITs निवेश गाइड: बढ़ते विकल्पों के बीच निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम दोनों बढ़ेपश्चिम ए​​शिया संकट से छोटी-मझोली दवा कंपनियों के मुनाफे पर दबाव, लागत और सप्लाई बाधाओं से बढ़ी चिंता भू-राजनीतिक, आ​र्थिक जो​खिमों पर रिलायंस ने किया आगाह; जियो आईपीओ पर चुप्पीप्ला​स्टिक नोटों की ओर RBI का कदम, नोट छपाई लागत घटाने और टिकाऊ करेंसी पर जोरEditorial: IIP का नया रूप, 2022-23 आधार वर्ष के साथ औद्योगिक माप प्रणाली में बड़ा बदलावलोन लेने वाली महिलाओं की बढ़ी तादाद मगर नहीं बनेगी बात, दो-तिहाई अब भी फॉर्मल सिस्टम से बाहरबचाव, पुनरुद्धार और सुधार: IBC के पहले दशक ने भारत की क्रेडिट संस्कृति को बदलाउतार-चढ़ाव भरे बाजारों में हॉस्पिटल शेयरों को दम, हेल्थकेयर इंडेक्स में 7% की बढ़त

लेखक : देवाशिष बसु

आज का अखबार, लेख

अतार्किक विकल्प: आंकड़ों के जाल में उलझी आर्थिक वृद्धि

Indian Economy: भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर वृहद स्तर पर दो दृष्टिकोण हो सकते हैं। पहला यह कि देश 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। इस नजरिये को आकर्षक आर्थिक आंकड़ों से वजन दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि देश में संपन्नता बढ़ती जा रही है […]

आज का अखबार, लेख

सरकार के हाथों में वृद्धि का पांसा

वर्ष 2022 में मुद्रास्फीति, उच्च ब्याज दरों और आर्थिक मंदी आदि के कारण विश्व स्तर पर जो निराशाजनक परिदृश्य बना वह 2023 में भी जारी रहा लेकिन मार्च तिमाही में परिदृश्य बदलता नजर आया। अमेरिका में मुद्रास्फीति की दर गत वर्ष जून के 9.1 फीसदी से कम होकर अब 3.2 फीसदी रह गई। यूरो क्षेत्र […]

आज का अखबार, लेख

फिनफ्लुएंसर के खिलाफ कितने कारगर कदम

पिछले सप्ताह के अंत में बाजार नियामक सेबी ने दो छोटे चर्चा पत्र जारी किए जिनका मकसद वित्तीय इन्फ्लुएंसरों या फिनफ्लुएंसरों के अवैध तौर तरीकों पर लगाम लगाना है। सेबी के अनुसार ‘फिनइनफ्लुएंसर आमतौर पर ऐसे अपंजीकृत लोग या कंपनियां होते हैं जो अपने फॉलोअरों को विभिन्न वित्तीय मसलों पर लुभावनी सामग्री, जानकारी और सलाह […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: वै​श्विक अर्थव्यवस्था पर घने बादलों का साया

बीते चार महीनों में भारतीय बाजारों में अच्छी खासी तेजी देखने को मिली है, उधर अमेरिकी शेयर बाजारों में पूरे 2023 के दौरान जबरदस्त तेजी रही। निवेशकों ने उच्च ब्याज दर, कमजोर आ​र्थिक वृद्धि और विकसित देशों में उच्च ऋण दर जैसी वृहद आ​र्थिक दिक्कतों की अनदेखी की है। इसके बावजूद 2022 में मुख्य बाधा […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

म्युचुअल फंड बाजार में हलचल मचाएगी जियो!

जियो फाइनैंशियल सर्विसेज मुकेश अंबानी की वह कंपनी है जो हाल ही में एक विलय से मुक्त हुई है। इस कंपनी के बारे में शायद ही किसी को कोई खास जानकारी है लेकिन माना यही जा रहा है कि यह 540 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय म्युचुअल फंड (एमएफ) कारोबार में उथलपुथल कर सकती है। […]

आज का अखबार, लेख

डिजिटल बैंकिंग पर जोर और परेशान होते ग्राहक

ग्राहकों की समस्या हल करने की पुख्ता व्यवस्था कायम किए बगैर डिजिटल की ओर बढ़ते समय हम ग्राहकों को ही सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है। बता रहे हैं देवाशिष बसु बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) के अधिकारियों ने गत वर्ष कथित तौर पर फर्जी मोबाइल नंबरों का प्रयोग करके बैंक की नई ऐ​प्लिकेशन बॉब […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, लेख

अवैध है बैंक खातों को बेवजह फ्रीज करना

सेवानिवृत्त सैन्य अ​धिकारी रणदीप अरोड़ा ने जब रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने की को​शिश की तो उन्होंने पाया कि उनका बैंक खाता ‘ग्राहक को जानें (केवाईसी)’ मानक का ‘अनुपालन’ न होने के कारण फ्रीज कर दिया गया है। यानी वह अपने खाते से रुपये नहीं निकाल सकते थे। वह 30 वर्षों से बैंक के ग्राहक थे […]

आज का अखबार, लेख

फंसे कर्ज को छुपाने के लिए बैंक अपना रहे नए हथकंडे

अगर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अधिकारियों और कर्जधारकों के बीच सांठगांठ से खुलकर उधारी बांटने का सिलसिला शुरू हुआ तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। बता रहे हैं देवाशिष बसु भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले महीने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के निदेशकों के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया था। अपने […]

आज का अखबार, लेख

आर्थिक वृद्धि में असंतुलन और भ्रष्टाचार का संबंध

पिछले सप्ताह मैं रसोई का सामान बनाने वाली एक कंपनी के निदेशक से बातचीत कर रहा था। उन्होंने बताया कि इन दिनों रसोई में उपयोग होने वाले बर्तनों एवं अन्य उपकरणों की बिक्री अधिक नहीं हो रही है। रसोई का सामान बनाने वाली दूसरी कंपनियों की कमजोर बिक्री के आंकड़े भी कुछ ऐसा ही कहते […]

आज का अखबार, लेख

मजबूत हों संस्थान तो बेहतर हो विकास

गत सप्ताह ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारत अपने प्रत्यक्ष कर कानूनों में सुधार की तैयारी कर रहा है ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आय की बढ़ती असमानता को कम करने में मदद मिल सके। हालिया बजट में सरकार ने पहले ही डेट फंडों पर सामान्य आय कर दरों से कर लगाने का […]

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