अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड के बारे में “कुछ कदम उठाएगा”, चाहे डेनमार्क इसे पसंद करे या न करे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सौदा आसानी से नहीं हुआ तो अमेरिका इसे “मुश्किल तरीके से” करेगा।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड की रणनीतिक और खनिज संपदा के कारण इसे अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हित में अहम बताया। उन्होंने कहा, “अगर हम ग्रीनलैंड पर कदम नहीं उठाएंगे तो रूस या चीन इसका लाभ उठाएंगे, और हम ऐसा नहीं होने देंगे।”
हालांकि उन्होंने डेनमार्क के प्रति अपने सम्मान का भी इज़हार किया और कहा कि वे डेनमार्क के “फैन” हैं। लेकिन ट्रंप ने जोड़ा कि “500 साल पहले वहां एक जहाज पहुंचा था, इसका मतलब यह नहीं कि वे पूरी तरह से मालिक हैं।”
#WATCH | US President Donald Trump says, “We are going to do something on Greenland, whether they like it or not, because if we don’t do it, Russia or China will take over Greenland, and we’re not going to have Russia or China as a neighbour. I would like to make a deal the easy… pic.twitter.com/lclIgq5JZa
— ANI (@ANI) January 9, 2026
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेत्ते फ्रीडरिकसेन ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर किसी भी आक्रामक कदम से नाटो और पारंपरिक सुरक्षा ढांचे पर गंभीर असर पड़ेगा। यूरोपीय देशों ने भी ट्रंप की धमकी पर चिंता व्यक्त की और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने पर जोर दिया।
ग्रीनलैंड में पहले से ही अमेरिका की एक सैन्य मौजूदगी है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों और जनता ने स्पष्ट किया है कि कोई भी निर्णय उनके हितों और स्वायत्तता का सम्मान करता हुआ होना चाहिए।
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और यूरोप के बीच कूटनीतिक बातचीत और बढ़ सकती है, जबकि ग्रीनलैंड की प्राकृतिक संपदा और रणनीतिक महत्व इस मामले को और संवेदनशील बना देता है।