Editorial: व्यापार समझौते के बाद भारत-अमेरिका रिश्तों में नई गर्माहट
भारत और अमेरिका द्वारा जारी किया गया संयुक्त बयान जिसमें एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पेश की गई है, वह दोनों देशों के बीच संबंधों में महत्त्वपूर्ण नरमी का संकेत हो सकता है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इसे कितनी तेजी से लागू किया जाएगा, लेकिन उम्मीद है कि उन निर्यातकों को […]
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अर्थव्यवस्था की बढ़ती रफ्तार और काबू में महंगाई के बीच लंबे समय तक दरों में बदलाव के आसार नहीं
दिसंबर के पहले सप्ताह में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने क्रिसमस से पहले ही खुशखबरी दी। केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंक की कटौती की तथा ओपन मार्केट ऑपरेशंस (ओएमओ) और डॉलर-रुपये की खरीद-बिक्री स्वैप के माध्यम से प्रणाली में पर्याप्त नकदी डालने का वादा किया। उसके […]
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प्रिय नरेंद्रभाई, क्या आप हमारे पूर्वी क्षेत्र में रणनीतिक स्थिरता को फिर से बहाल कर सकते हैं?
करीब एक दशक से भी अधिक पहले अगस्त 2013 में प्रकाशित एक आलेख में मैंने तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार बनने जा रहे नरेंद्र मोदी से एक अपील की थी। यह उसी अपील की दूसरी कड़ी है और इसकी एक वजह है। बांग्लादेश में एक सप्ताह […]
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क्या खत्म हो रहा है स्थायी दोस्ती का दौर? ट्रंप की नीतियों ने हिला दी वैश्विक गठबंधनों की बुनियाद
अमेरिका और कनाडा के बीच आखिरी सैन्य संघर्ष 1812 में हुआ था। कनाडा उस समय ब्रिटेन का उपनिवेश था। अमेरिका और कनाडा की सरहद लंबे समय से खुली रही हैं और उन्होंने कई बार एक ही पाले में युद्ध लड़े हैं। अमेरिका का जर्मनी और जापान के साथ आखिरी सैन्य संघर्ष 1945 में हुआ था। […]
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