Editorial: विकास के मजबूत संकेत, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुधारों पर जोर
वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा गुरुवार को संसद में पेश की गई। इस समीक्षा को वित्त मंत्रालय के अर्थशास्त्रियों ने मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार किया है और यह हाल की अन्य समीक्षाओं की तुलना में नए सिरे से व्यवस्थित की गई है। जैसा कि समीक्षा में कहा गया है, […]
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बजट, सरकारी उधारी और आरबीआई: वित्त वर्ष 2027 के बढ़ते दबावों को संभालने की चुनौती
आगामी बजट एक नए युग की शुरुआत करेगा। राजकोषीय मजबूती का आधार घाटे और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात से हटकर ऋण और जीडीपी अनुपात पर केंद्रित होगा। ऋण-जीडीपी अनुपात मध्यम अवधि में वित्त वर्ष2026 के 56.1 फीसदी से घटकर वित्त वर्ष 2031 तक 50 फीसदी (1 फीसदी कम या ज्यादा) तक पहुंच सकता […]
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कठिन वैश्विक हालात और रोजगार दबाव के बीच बजट में क्या उम्मीदें?
इस सप्ताह के अंत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। पुराने अनुभवों के आधार पर अनुमान लगाएं तो बजट प्रस्तुति का बड़ा हिस्सा उन योजनाओं के कार्यक्रम संबंधी बदलावों का ब्योरा होगा जो सीधे वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी नहीं हैं बल्कि अन्य मंत्रालयों की हैं। वास्तव में महत्त्वपूर्ण वे निर्णय हैं जो बजट […]
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Editorial: ट्रंप की धमकियों से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, सुरक्षित निवेश बने सोना-चांदी
जनवरी 2026 में अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड से संबंधित मांगों के कारण भू-राजनीतिक तनाव में इजाफा देखने को मिला। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक व्यापार में भी अनिश्चितता बढ़ी। इन धमकियों और अनिश्चितताओं का वैश्विक परिसंपत्तियों पर सीधा प्रभाव देखने को मिला। सोने और चांदी दोनों में बहुत अधिक तेजी देखने को मिली। वर्ष […]
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