Editorial: ट्रंप के नए टैरिफ से बढ़ी अनिश्चितता, क्या भारत की व्यापार नीति तैयार है?
अमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार को जब अपने लगभग सभी कारोबारी साझेदार देशों के विरुद्ध व्यापार अधिनियम 1974 के सेक्शन 301 के तहत शुल्क लगाए तो किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। नए शुल्क सेक्शन 122 के तहत लगाए गए शुल्क की जगह आए हैं। इस सेक्शन में अधिकतम 150 दिनों के लिए शुल्क लगाए जा सकते […]
Editorial: ऑफलाइन पेमेंट के लिए बेहतर साइबर सुरक्षा और मजबूत नियमों की दरकार
भारत का डिजिटल भुगतान तंत्र एक और बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है। नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) का उपयोग करके एक ऑफलाइन ‘टैप-ऐंड-पे’ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) सुविधा विकसित की है, जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी लगभग 2,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा। प्रस्तावित प्रणाली […]
Editorial: 1991 के आर्थिक सुधारों के 35 साल, अब भारत को सुधारों की दूसरी बड़ी लहर की जरूरत
पैंतीस वर्ष पहले आज ही के दिन जो घटित हुआ वह वास्तव में ऐतिहासिक था। उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था राजकोषीय अनुशासनहीनता और अभूतपूर्व भुगतान संतुलन संकट की दोहरी चुनौतियों से जूझ रही थी। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार बेहद कम हो गए थे और देश के पास मुश्किल से पंद्रह दिन का आयात करने लायक […]
Editorial: निवेश आकर्षित करने की दौड़ में राज्यों के सामने सुधार की बड़ी चुनौती
नीति आयोग ने पिछले सप्ताह अपना पहला निवेश अनुकूलता सूचकांक (आईएफआई), 2026 जारी किया। इसमें बुनियादी ढांचे, कारोबारी माहौल, संसाधन, सरकारी नीति, नियामक सुगमता, संस्थागत वातावरण, वित्तीय स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लचीलापन सहित आठ स्तंभों में 84 संकेतकों के व्यापक ढांचे के माध्यम से राज्य-स्तरीय निवेश पारिस्थितिकी तंत्र की समग्र गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया है। […]
Editorial: विदेशी मुद्रा बढ़ाने की RBI की रणनीति सही, लेकिन FDI के बिना नहीं बनेगी बात
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गत 5 जून को घोषित रियायती स्वैप सुविधाओं के तहत विदेशी मुद्रा का जुटान अब तक उम्मीद से बेहतर रहा है। सोमवार को केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार एफसीएनआर (बी) जमा, विदेशी मुद्रा उधारी और बाह्य वाणिज्यिक उधारी के तहत जुटाई गई राशि 17 जुलाई तक 20.72 अरब डॉलर […]
Editorial: विक्रम-1 की ऐतिहासिक उड़ान ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में खोले निजी भागीदारी के दरवाजे
स्काईरूट एरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट की सफलता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में मील का एक पत्थर है। यह निजी क्षेत्र का डिजाइन किया हुआ और बनाया गया पहला भारतीय रॉकेट है जिसने पृथ्वी की कक्षा में पहुंचकर उपग्रहों को स्थापित किया। तकनीकी खराबी के कारण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन स्पेस सेंटर […]
Editorial: मोबाइल और चिप मैन्युफैक्चरिंग में अब असेंबली से आगे बढ़ने का वक्त
पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) और 1.27 लाख करोड़ रुपये के ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ (आईएसएम) 2.0 के लिए हामी भर दी थी। इस कदम से देश में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन संबंधी योजना (पीएलआई) का पहला चरण काफी असरदार रहा, जिससे स्मार्टफोन विनिर्माण के […]
Editorial: रूसी तेल खरीदने पर भारत को घेरने की तैयारी, अमेरिकी सीनेट में 100% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव
अमेरिका के सीनेटरों द्वारा इस सप्ताह पेश किए गए एक विधेयक में रूस से तेल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदार देशों से आयातित माल पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। खबरों के अनुसार विधेयक को दोनों दलों का समर्थन प्राप्त है। यह विधेयक स्पष्ट रूप से भारत और चीन को निशाना […]
Editorial: नई यूरिया नीति ही काफी नहीं, सब्सिडी सुधार अब भी जरूरी
नई राष्ट्रीय यूरिया नीति कृषि क्षेत्र से जुड़े इस महत्त्वपूर्ण कच्चे माल से जुड़ी समस्या का आंशिक समाधान प्रस्तुत करती है। इसका उद्देश्य यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है ताकि इसे वैश्विक आपूर्ति झटकों से बचाया जा सके। भारत अपनी वार्षिक 4 करोड़ टन यूरिया मांग का 25 फीसदी आयात करता है। पश्चिम एशिया […]
Editorial: सेवा उत्पादन सूचकांक से मिलेगी अर्थव्यवस्था की सटीक तस्वीर
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सेवा उत्पादन का परीक्षण सूचकांक (आईएसपी) मंगलवार को जारी किया। यह उच्च आवृत्ति वाले ऐसे संकेतक के रूप में काम करेगा जो सेवा क्षेत्र की अल्पकालिक आर्थिक गतिविधियों को मापेगा। यद्यपि एक समग्र सूचकांक आंकड़ा नहीं दिया गया है लेकिन यह सेवा क्षेत्र के मापन की गतिविधियों में एक […]








