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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: हर घर जल की दिशा में नया चरण और डिजिटल निगरानी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस सप्ताह जल जीवन मिशन (जेजेएम) के पुनर्गठन और इसे 2028 तक आगे बढ़ाने की योजना को मंजूरी प्रदान की। रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2019 में जल शक्ति मंत्रालय के तहत शुरू किए गए इस मिशन ने ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप से पानी की पहुंच को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है। नल-जल […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: भारत ने सीमा साझा करने वाले देशों से एफडीआई नियमों में संशोधन की मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले निवेश के संचालन संबंधी नियमों में बदलाव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। यह एक समझदारी भरा निर्णय है। बहरहाल, बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक माहौल के साथ देश की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) व्यवस्था में भी बदलाव की आवश्यकता […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: महाराष्ट्र में किसानों के लिए तीसरी ऋण माफी योजना, राजकोषीय जोखिम और नैतिक चुनौती

महाराष्ट्र सरकार ने पिछले सप्ताह, राज्य विधान सभा में बजट पेश करते समय अपने एक चुनावी वादे को पूरा किया। सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में सरकार की सराहना की जाती है लेकिन इस बार मामला थोड़ा जटिल है। यह वादा किसानों के कृषि ऋण माफी से जुड़ा है। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, संपादकीय

Editorial: ईरान-इजरायल युद्ध के चलते बढ़ती अनिश्चितता और बिगड़ता भारत का आर्थिक समीकरण

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले हाल के दिनों में तेज हो गए हैं और फिलहाल इनके जल्द खत्म होने के कोई संकेत भी नहीं दिख रहे हैं। इस युद्ध का उद्देश्य भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में इसका परिणाम क्या होगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। इस वजह से अनिश्चितता का माहौल बन […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, संपादकीय

Editorial: साइबर ठगी और धोखाधड़ी से बचने के लिए RBI का नया ‘कवच’

देश की डिजिटल भुगतान क्रांति ने नागरिकों के लेनदेन के तौर तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। परतु इसके साथ ही लोगों के साथ साइबर धोखाधड़ी का जोखिम भी बढ़ता जा रहा है। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक ने गत सप्ताह मसौदा निर्देश जारी किए हैं ताकि डिजिटल लेनदेन में […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: भारतीय कंपनियों में लैंगिक विविधता, कानून के बावजूद पुरुष प्रधान बोर्ड की चुनौती

इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक के मध्य तक पहुंच जाने के बाद भी भारतीय कंपनियों में लैंगिक विविधता यानी महिला और पुरुष का समान प्रतिनि​​धित्व अभी तक नहीं हो पाया है। कॉरपारेट कार्य मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष जनवरी में पंजीकृत निदेशकों में से 68 फीसदी पुरुष थे। मंत्रालय के नवीनतम बुलेटिन में बताया गया […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: टाटा संस की सूचीबद्धता पर फिर बढ़ा फोकस

टाटा समूह के हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर टाटा संस की बाजार में सूचीबद्धता की ओर ध्यान आकृष्ट किया है। यह नमक से लेकर, सेमीकंडक्टर तक के क्षेत्र में कारोबार करने वाले समूह की होल्डिंग कंपनी है। टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक टाटा ट्रस्ट की हालिया अंदरूनी भिड़ंत और नेतृत्व तथा कारोबार में […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: मार्क कार्नी की भारत यात्रा से बदला कूटनीतिक और आर्थिक परिदृश्य

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा उनके पदभार संभालने के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाती है। दोनों देशों के संबंधों में कभी कटुता आ गई थी लेकिन अब उनमें महत्त्वाकांक्षा का भाव पनप रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई उनकी मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: पश्चिम एशिया संघर्ष, भारत के लिए चुनौती

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध से भारत के समक्ष तेल की कीमतें बढ़ने से लेकर प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और विदेशी मुद्रा की आमद में ठहराव जैसी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। इस टकराव का अंतिम परिणाम क्या होगा, इस बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। इसका मतलब यह है […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: नई GDP श्रृंखला से बदलेगी भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा पिछले सप्ताह जारी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की बहुप्रतीक्षित श्रृंखला के आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। पुरानी श्रृंखला पर आधारित प्रथम अग्रिम अनुमान में चालू वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.4 फीसदी आंकी गई थी। […]

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