Editorial: IIP का नया रूप, 2022-23 आधार वर्ष के साथ औद्योगिक माप प्रणाली में बड़ा बदलाव
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय देश की अर्थव्यवस्था का आकलन करने के लिहाज से महत्त्वपूर्ण संकेतकों की समीक्षा कर रहा है। उसने राष्ट्रीय लेखा और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के लिए नई श्रृंखला मुहैया करा दी हैं। अगले सप्ताह वह औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के लिए नई श्रृंखला जारी करने वाला है। ये महत्त्वपूर्ण बदलाव हैं […]
Editorial: IBC के 10 साल, बेहतर वसूली के बावजूद समाधान में देरी बनी सबसे बड़ी चुनौती
दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) लागू हुए 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसे पिछले दशक के सबसे बड़े सुधारों में गिना जाता है। यह ऐसे समय पर आई जब देश दोहरी बैलेंस शीट की समस्या से जूझ रहा था। किसी बड़ी बाजार अर्थव्यवस्था में कुछ कंपनियों का नाकाम होना स्वाभाविक है। इसलिए जरूरी […]
Editorial: प्रासंगिकता की जंग लड़ रहा है क्वाड, अमेरिका की बदली प्राथमिकताओं से बढ़ी चिंता
क्वाड के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार की बैठक के बाद जो संयुक्त वक्तव्य जारी किया उसमें यह बात सामने आई कि 19 वर्ष पुराना यह समूह अपनी प्रासंगिकता के लिए जूझ रहा है क्योंकि अमेरिका की विदेश नीति अमेरिका और पश्चिम एशिया के इर्द गिर्द सिमट कर रह गई है। निश्चित तौर पर चारों सदस्य […]
Editorial: स्पेसएक्स के ऐतिहासिक IPO के साथ मस्क की नई कारोबारी छलांग
ईलॉन मस्क द्वारा प्रवर्तित स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज (स्पेसएक्स) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब तक का सबसे असाधारण आईपीओ हो सकता है। सिक्योरिटीज ऐंड एक्सचेंज कमीशन में पिछले हफ्ते दाखिल दस्तावेज से तो ऐसा ही लगता है। स्पेसएक्स 1.75 से 2 लाख करोड़ डॉलर के मूल्यांकन पर करीब 7,500 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश कर […]
Editorial: RBI से सरकार को मिला ₹2.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड फंड, फिर भी नहीं कम होंगी वित्तीय मुश्किलें
भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड ने गत सप्ताह यह निर्णय किया कि 2025-26 की 2.87 लाख करोड़ रुपये की अधिशेष राशि भारत सरकार को लौटा दी जाएगी। रिजर्व बैंक ने यह निर्णय भी लिया कि आकस्मिक जोखिम से बचाव यानी बफर के तहत बैलेंस शीट के 6.5 फीसदी के बराबर रकम (प्रॉविजनिंग) रखी जाएगी। […]
Editorial: बजाज समूह के 100 साल पूरे, लेकिन अभी कई चुनौतियां सामने
आर्थिक उदारीकरण भारत के पारिवारिक स्वामित्व वाले व्यापारिक समूहों के लिए अनुकूल नहीं रहा है। वर्ष 2000 के दशक की शुरुआत में खुले बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थता ने तीखे आंतरिक झगड़ों को जन्म दिया, जिसके कारण प्रसिद्ध ‘लाइसेंस राज’ के दिग्गज समूह बिखर गए। इनमें सिंघानिया, श्रीराम, मफतलाल कुछ प्रमुख नाम हैं। यही […]
Editorial: नॉर्डिक देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी
हाल ही में ओस्लो में संपन्न भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन यूरोप के नॉर्डिक क्षेत्र के साथ भारत के रिश्तों को व्यापक बनाने के मामले में अहम रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। नॉर्डिक में उत्तरी यूरोप के डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन जैसे देश शामिल हैं और अब भारत इनके साथ पारंपरिक […]
Editorial: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी ऊर्जा चिंता, भारत के सामने कठिन चुनौती
खबरों के मुताबिक अमेरिका ने गतिरोध दूर करने के संबंध में ईरान के नवीनतम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसका अर्थ यह है कि पश्चिम एशिया में अनिश्चितता का सिलसिला जारी रहेगा और अभी तक इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट का अवरोध कब तक खुलेगा ताकि तेल और […]
Editorial: सुनील मित्तल के उत्तराधिकार प्लान से भारती एयरटेल में बड़े बदलाव की आहट
भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल (68 वर्ष) ने एक क्रमिक उत्तराधिकार योजना अपनाने का निर्णय लिया है। यह भारतीय पारिवारिक व्यवसायों में दुर्लभ है। पिछले सप्ताह मित्तल ने अर्निंग कॉल (नतीजे घोषित होने के बाद का आयोजन) में एक 10-वर्षीय पीढ़ीगत बदलाव योजना की घोषणा की जिसे वे भारती एयरटेल में लागू करना […]
ईरान-अमेरिका तनाव के बावजूद UP में खाद संकट नहीं! योगी सरकार का दावा: पिछले साल से ज्यादा स्टॉक
ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच खाद की संभावित किल्लत की आशंकाओं के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने का दावा किया है। प्रदेश सरकार का कहना है कि इस समय राज्य में पिछले साल की तुलना में अधिक उर्वरक उपलब्ध है। गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र […]









