facebookmetapixel
Advertisement
थोक जमा नियमों में आरबीआई का बदलाव, सभी ग्राहकों को मिलेगी समान ब्याज दर की जानकारी15 साल में मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मौसम का असर पहले से कम: आरबीआई डिप्टी गवर्नरब्रांड वैल्यू में शाहरुख खान नंबर-1, विराट कोहली को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थानवीजा की बेंगलूरु में बड़ी छंटनी, 1,400 कर्मचारियों की गई नौकरी; एआई पर बढ़ते फोकस का असरई-कॉमर्स निर्यात के लिए विदेशी कंपनियों को बनानी होगी अलग यूनिट एक्सचेंजों पर बंद भाव में बड़ा अंतर ट्रेडरों के लिए कमाई का मौका, आर्बिट्राज ट्रेडिंग में आई तेजीटाटा संस फिलहाल अपर लेयर एनबीएफसी में रहेगी, सीआईसी लाइसेंस पर फैसला बाकीRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, महंगाई आउटलुक घटायाडिजिटल रुपये की बढ़ी रफ्तार, सीबीडीसी और यूएलआई का दायरा लगातार बढ़ा: आरबीआईUPI पर MDR लागू होगा या नहीं? RBI गवर्नर बोले- अभी चर्चा करना जल्दबाजी

PhD वाला गरीब, 10वीं फेल करोड़पति! रॉबर्ट कियोसाकी ने बताया आखिर पैसा कहां चूक जाता है

Advertisement

रॉबर्ट कियोसाकी द्वारा अमीरी और गरीबी के फर्क को निवेश की सोच, फाइनेंशियल एजुकेशन और कैश फ्लो पर आधारित बताया गया है जिसमें पढ़ाई से ज्यादा समझ को अहम माना गया है

Last Updated- December 13, 2025 | 5:24 PM IST
Robert Kiyosaki
मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक और फाइनेंशियल एडवाइजर रॉबर्ट कियोसाकी | फाइल फोटो

मशहूर लेखक और निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अमीरी और गरीबी के बीच फर्क को बहुत आसान शब्दों में समझाया है। उन्होंने लिखा कि उनके “गरीब पापा” के पास PhD थी, जबकि उनके “अमीर पापा” ने कभी हाई स्कूल भी पूरा नहीं किया। इसके बावजूद एक की मौत कर्ज और तंगी में हुई, जबकि दूसरा करोड़पति बनकर रिटायर हुआ। कियोसाकी के मुताबिक इसका कारण पढ़ाई या बुद्धि नहीं, बल्कि पैसे को लेकर सोच थी।

कियोसाकी ने कहा कि अमीर और गरीब लोगों की सोच में बड़ा फर्क होता है। गरीब लोग हमेशा यह पूछते हैं कि कौन-सा निवेश सबसे सुरक्षित है, जबकि अमीर लोग यह सोचते हैं कि किस निवेश से उनके हाथ में नियंत्रण रहेगा, उधार (लीवरेज) मिलेगा और हर महीने नकद कमाई होगी। उन्होंने बताया कि कोई भी निवेश अपने आप में अच्छा या बुरा नहीं होता, असली फर्क इस बात से पड़ता है कि उस निवेश को समझने की आपकी जानकारी कितनी है।

Also Read: क्या आपकी नौकरी खतरे में है? ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक कियोसाकी ने जॉब करने वालों को क्या सलाह दी

अपने पोस्ट में उन्होंने “गरीब सोच” और “अमीर सोच” की तुलना करते हुए लिखा कि गरीब सोच कहती है—सुरक्षित रहने के लिए पैसा अलग-अलग जगह लगाओ, बाजार ऊपर जाए तो उम्मीद करो, और अक्सर कहती है कि “मेरे पास पैसे नहीं हैं।” वहीं अमीर सोच कहती है—इतनी जानकारी हासिल करो कि डरने की जरूरत न पड़े, हर बाजार में नकद कमाई कैसे करनी है यह सीखो, और यह सवाल पूछो कि ऐसा साधन कैसे खरीदा जाए जो खुद अपना खर्च निकाल ले।

रॉबर्ट कियोसाकी के मुताबिक असली जोखिम निवेश करना नहीं, बल्कि हमेशा गरीब बने रहना है। उन्होंने कहा कि गरीब लोग सुरक्षा ढूंढते हैं, जबकि अमीर लोग शिक्षा और समझ पर भरोसा करते हैं। जब किसी के पास सही जानकारी होती है, तो उसे “सेफ” निवेश की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि वह जानता है कि जीत कैसे हासिल करनी है।

Advertisement
First Published - December 13, 2025 | 5:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement