भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 23 जनवरी को खत्म हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 709.41 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। स्वर्ण भंडार और विदेशी मुद्रा संपत्ति में वृद्धि के कारण इस सप्ताह के दौरान कुल विदेशी मुद्रा भंडार में 8 अरब डॉलर की वृद्धि हुई।
विदेशी मुद्रा भंडार को इस नई ऊंचाई पर पहुंचने में लगभग 17 महीने लगे क्योंकि 705 अरब डॉलर का पिछला उच्च स्तर 27 सितंबर, 2024 को खत्म हुए सप्ताह के दौरान देखा गया था। पिछले डेढ़ साल में वैश्विक कारकों के कारण रुपये पर दबाव आने के कारण आरबीआई आक्रामक रूप से विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है।
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पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में, आरबीआई द्वारा सप्ताह के दौरान की गई 10 अरब डॉलर की खरीद/बिक्री स्वैप के कारण भंडार 14 अरब डॉलर बढ़कर 701 अरब डॉलर हो गया था। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार 5.64 अरब डॉलर बढ़कर 123 अरब डॉलर हो गया। वहीं इसी अवधि के दौरान सोने की कीमतें 8.52 प्रतिशत बढ़कर 4987 डॉलर प्रति औंस हो गईं।
विशेषज्ञों ने कहा कि सोने की कीमतों में वृद्धि और सप्ताह के दौरान डॉलर सूचकांक में गिरावट के चलते पुनर्मूल्यांकन लाभ के कारण भंडार में वृद्धि हुई। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता ने कहा, ‘पुनर्मूल्यांकन लाभ लगभग 12.3 अरब डॉलर था और सप्ताह के दौरान डॉलर की शुद्ध बिक्री लगभग 3.4 अरब डॉलर थी।’
उन्होंने कहा, ‘पुनर्मूल्यांकन लाभ, सोने की कीमतों में वृद्धि और डॉलर में कमजोरी के कारण हुआ।’
डॉलर सूचकांक 16 जनवरी को 99.29 के मुकाबले 23 जनवरी को 98.37 पर आ गया। यह छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है।