facebookmetapixel
Advertisement
SEBI का मास्टरस्ट्रोक: AIF योजनाओं के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था शुरू, अब कम समय में लॉन्च होंगे फंडबाजार का मेगा कमबैक: अप्रैल में ₹51 लाख करोड़ बढ़ा निवेशकों का पैसा, मार्केट कैप में रिकॉर्ड उछालQ4 Results: ACC, अदाणी पोर्ट्स, नालको से लेकर वारी एनर्जीज तक; किस कंपनी ने कितना कमाया?करिश्मा कपूर के बच्चों को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत, पिता संजय कपूर की संपत्ति पर लगी रोकभारत और इटली मिलकर बनाएंगे घातक हथियार,रक्षा औद्योगिक ढांचे पर बनी सहमति; सुरक्षा होगी और मजबूतसमुद्र में बढ़ी भारत की ताकत: नौसेना और DRDO ने किया स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षणSC का ऐतिहासिक रुख: दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग पर नहीं थोप सकते अनचाहा गर्भ, कानून में बदलाव के संकेतबाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 583 अंक टूटा, क्रूड ऑयल और ईरान-अमेरिका तनाव ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशनHindustan Unilever Q4 Results: मुनाफा 21.4% उछला, निवेशकों को मिलेगा ₹22 का बंपर डिविडेंडकॉग्निजेंट में छंटनी का ‘प्रोजेक्ट लीप’: 15,000 कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी, भारत में सबसे ज्यादा असर

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 18.3% का इजाफा, बजट बढ़कर ₹35.1 लाख करोड़ पहुंचा

Advertisement

हालांकि, अगर पूर्ण संख्या में देखें तो मूल अनुमान से लागत में जो बढ़ोतरी हुई है वह 5.42 लाख करोड़ रुपये थी जो एक महीने पहले 5.37 लाख करोड़ रुपये थी

Last Updated- January 30, 2026 | 11:01 PM IST
Infrastructure projects
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

केंद्र सरकार की फंडिंग वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कुल लागत में दिसंबर में लगभग 18.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, क्योंकि लागत बढ़ने से 1392 परियोजनाओं की 29.7 लाख करोड़ रुपये की मूल लागत का संशोधित अनुमान बढ़कर बढ़कर 35.1 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (मॉस्पी) की 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक की लागत वाली केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर ताजा फ्लैश रिपोर्ट के डेटा से मिली है। हालांकि, दिसंबर में लागत बढ़ने की रफ्तार, नवंबर के 22 प्रतिशत से क्रमिक रूप से कम हुई।

हालांकि, अगर पूर्ण संख्या में देखें तो मूल अनुमान से लागत में जो बढ़ोतरी हुई है वह 5.42 लाख करोड़ रुपये थी जो एक महीने पहले 5.37 लाख करोड़ रुपये थी।

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने मंत्रालयों में सबसे अधिक लागत बढ़ने की सूचना दी है। इस विभाग में संशोधित लागत, शुरुआती अनुमानों से दोगुनी से भी अधिक हो गई और 99,854 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो 102 प्रतिशत की वृद्धि है और नवंबर के स्तर के बराबर है। दूरसंचार विभाग 1.22 लाख करोड़ रुपये की रकम के साथ 80.36 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि खनन मंत्रालय ने लगभग 27.7 प्रतिशत या 2,380.14 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की मौजूदा केंद्रीय परियोजनाओं में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है और इसकी लागत मूल व्यय से 1.96 प्रतिशत बढ़ गई, जिसका अर्थ यह है कि लगभग 10,358 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। इसी तरह, रेलवे, इस्पात, बिजली और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के तहत परियोजनाओं में लागत क्रमशः 21.4 प्रतिशत, 16.6 प्रतिशत, 15.8 प्रतिशत और 15.5 प्रतिशत बढ़ गई।

इसके विपरीत, उच्च शिक्षा और खेल जैसे कुछ ही मंत्रालयों ने बचत दर्ज की है जिनमें उनके संशोधित व्यय, मूल अनुमानों से क्रमशः 1.77 प्रतिशत और 32.5 प्रतिशत कम रहे।

Advertisement
First Published - January 30, 2026 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement