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‘रिफाइनिंग हब बनने की ओर भारत’, हरदीप पुरी ने पेट्रोकेमिकल उत्पादन में भारी उछाल का जताया भरोसा

भारत का लक्ष्य वर्तमान 26 करोड़ टन प्रति वर्ष की रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ाकर 30 करोड़ टन से अधिक करना है, ताकि वह विश्व का रिफाइनिंग हब बन सके

Last Updated- January 29, 2026 | 10:55 PM IST
Hardeep Singh Puri
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी | फाइल फोटो

भारत की कच्चे तेल की रिफाइनिंग में निरंतर बढ़ती क्षमता के साथ रिफाइनरियों से पेट्रोकेमिकल उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है। भारत ऊर्जा सप्ताह (आईईडब्ल्यू) 2026 के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘भारत की घरेलू पेट्रोकेमिकल मांग वैश्विक औसत का एक-तिहाई है। यह एक खास स्थिति है, क्योंकि हमारी कच्चे तेल की खपत वैश्विक औसत से तीन गुना बढ़ रही है। इसके बावजूद पेट्रोकेमिकल की मांग केवल एक तिहाई ही है। आगे चलकर एकीकृत रिफाइनरी पारंपरिक तरीके से रिफाइनिंग के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल का उत्पादन भी करेंगी।’

भारत का लक्ष्य वर्तमान 26 करोड़ टन प्रति वर्ष की रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ाकर 30 करोड़ टन से अधिक करना है, ताकि वह विश्व का रिफाइनिंग हब बन सके। भारत के पास वर्तमान में वैश्विक स्तर पर चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां मौजूदा संयंत्रों की रिफाइनिंग क्षमता बढ़ा रही हैं और साथ ही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल संयंत्र भी स्थापित कर रही हैं। भारत की ग्रीनफील्ड रिफाइनरीज पेट्रोकेमिकल उत्पादन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही हैं। 

भारत पेट्रोलियम की आंध्र प्रदेश में आने वाले समय में शुरू होने वाली रिफाइनरी का लक्ष्य 35 प्रतिशत का पेट्रोकेमिकल इंटेंसिटी इंडेक्स (पीआईआई) हासिल करना होगा। कंपनी ने अपनी 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा, ‘परिष्कृत उत्पादों और पेट्रोकेमिकल्स की अपेक्षित मांग वृद्धि को पूरा करने के लिए हम आंध्र प्रदेश में एक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिसे उच्च पेट्रोकेमिकल गहनता के साथ डिजाइन किया गया है।’ 

इस बीच, हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कहा कि राजस्थान के बाड़मेर में उसकी चालू वित्त वर्ष 2025-26 में ही उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का पीआईआई 26 प्रतिशत होगा। इंडियन ऑयल भी अपनी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता को वर्तमान 43 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 2030 तक 1.3 करोड़ टन प्रति वर्ष करने की योजना बना रही है। देशभर की अन्य रिफाइनरी में क्षमता वृद्धि भी पेट्रोकेमिकल उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है।

आईईडब्ल्यू के तीसरे दिन भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय ऊर्जा साझेदारी के भविष्य पर बैठक आयोजित की। इसमें दोनों पक्षों ने कच्चे तेल, तरल प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी और तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सहित द्विपक्षीय व्यापार को और अधिक विस्तार देने पर चर्चा की। अमेरिका भारत का छठा सबसे बड़ा ऊर्जा व्यापार भागीदार है, जिसका हाइड्रोकार्बन व्यापार 2024-25 में 13.7 अरब डॉलर रहा। गोलमेज बैठक में भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में एलएनजी तरलीकरण परियोजनाओं में इक्विटी भागीदारी में रुचि जताई। इनमें भी विशेष रूप से भारतीय कंपनियां उन परियोजनाओं में भागीदार बनना चाहती हैं, जो निर्माणाधीन हैं अथवा अंतिम निवेश निर्णय के करीब हैं। 

First Published - January 29, 2026 | 10:55 PM IST

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