उत्तर प्रदेश की योगी सरकार वित्त वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट 11 फरवरी को पेश करेगी। यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट होगा। विधानसभा चुनाव अगले वर्ष प्रस्तावित होने के कारण सरकार तब अंतरिम बजट प्रस्तुत करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सत्र के पहले दिन, 9 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होगा। इसके बाद 10 फरवरी को सदन में दिवंगत सदस्यों के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 11 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे वर्ष 2025-26 का बजट सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। बजट में सरकार का फोकस विकास, जनकल्याण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आर्थिक मजबूती पर रहेगा।
मंत्रिपरिषद ने शिक्षा जगत से जुड़े लाखों कर्मियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। अब प्रदेश के माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर इसकी घोषणा की थी, जिस पर अब कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इस निर्णय से बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े लगभग 15 लाख शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इस योजना पर कुल लगभग 448 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 32 प्रस्ताव आए, जिनमें से 30 को कैबिनेट की स्वीकृति मिली।
कैशलेस इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी। स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को वेरिफिकेशन के बाद इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
वेरिफिकेशन के लिए जनपद स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाएगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो लोग पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान जन आरोग्य योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत आच्छादित हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
इसके अलावा प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर के मोरना स्थित गंगा किसान सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और नई तकनीक से इसके आधुनिकीकरण का भी बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने मिल की वर्तमान 2500 टीसीडी क्षमता को पहले 3500 टीसीडी और बाद में 5000 टीसीडी तक बढ़ाने की मंजूरी दी है।
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सड़कों, खाली पड़ी भूमि, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बुनियादी ढांचे और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए भी अहम निर्णय लिए गए हैं। मंत्रिपरिषद की बैठक में शहरी इलाकों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और संबंधित नियमावली में संशोधन को स्वीकृति दी गई। इसके तहत नक्शा पास करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, ताकि लोग अनिवार्य रूप से नक्शा पास कराएं। विकास शुल्क की संशोधित दरें भी लागू की जाएंगी।
इसके साथ ही बरेली में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना की जाएगी। इसी तरह मुरादाबाद में भी नक्षत्रशाला और विज्ञान पार्क स्थापित किए जाएंगे।