facebookmetapixel
Nifty outlook: निफ्टी में दिख रहे हैं तेजी के संकेत, एक्सपर्ट्स बोले- रुझान बदल रहा हैVedanta: 8% गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज का भरोसा कायम, ₹900 तक का टारगेट; मोटे डिविडेंड की उम्मीदGold, Silver Price Today: मुनाफावसूली से सोने-चांदी के भाव औंधे मुंह गिरे, आगे क्या करें निवेशक?Stocks to Watch today: Tata Motors CV से लेकर Swiggy, ITC और Paytm तक; शुक्रवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Update: बजट से पहले शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा; मेटल इंडेक्स 4% गिरा₹6,450 लागत में ₹8,550 कमाने का मौका? Bank Nifty पर एक्सपर्ट ने सुझाई बुल स्प्रेड स्ट्रैटेजीपर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी देगी 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर, Q3 में मुनाफा और रेवेन्यू में जोरदार बढ़तक्या MRF फिर देगी डिविडेंड? बोर्ड मीटिंग की तारीख नोट कर लेंचांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबाव

Economic Survey 2026: 4.4% फिस्कल डेफिसिट लक्ष्य की ओर बढ़ी सरकार, कैपेक्स से बनी मजबूती

Economic Survey 2026: नवंबर, 2025 तक, केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 62.3 फीसदी था

Last Updated- January 29, 2026 | 3:34 PM IST
Fiscal Deficit

Economic Survey 2026: संसद में गुरुवार को पेश आर्थिक समीक्षा 2025-26 में कहा गया कि व्यापक रुझानों के आधार पर केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे (fiscal deficit) को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.4 फीसदी तक सीमित रखने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अच्छी तरह आगे बढ़ रही है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और उनकी टीम द्वारा तैयार इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने राजकोषीय अनुशासन (fiscal consolidation) और ग्रोथ के लिए टिकाऊ निवेश दोनों को संतुलित किया जिसकी वजह से उसका राजकोषीय मार्ग अन्य से अलग और प्रभावशाली दिखता है।

भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार

इस प्रतिबद्धता के चलते इस वर्ष तीन रेटिंग एजेंसियों ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को बढ़ाया है। इसके मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 से 2024-25 के दौरान कुल केंद्रीय व्यय में पूंजीगत खर्च (Capex) का हिस्सा 12.5 फीसदी से बढ़कर 22.6 फीसदी हो गया जबकि जीडीपी के अनुपात में प्रभावी पूंजीगत व्यय लगभग 2.6 फीसदी से बढ़कर 4 फीसदी हो गया।

Also Read: Economic Survey 2026: FY27 में GDP ग्रोथ 6.8–7.2% रहने का अनुमान, महंगाई बड़ी चुनौती नहीं; जानें सर्वे की मुख्य बातें

राज्यों का राजस्व घाटा बढ़ा

इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया कि राज्यों का राजस्व घाटा बढ़ने के बावजूद केंद्र सरकार ने राज्यों को पूंजीगत व्यय बनाए रखने के लिए विशेष सहायता देकर प्रोत्साहित किया। इसके अलावा कई राज्यों में बिना-शर्त नकद हस्तांतरण का विस्तार राजस्व व्यय बढ़ाने का कारण बना, जिससे राज्यों के स्तर पर राजकोषीय गुंजाइश और सार्वजनिक निवेश प्रभावित हुआ।

4.4% फिस्कल डेफिसिट लक्ष्य की ओर बढ़ी सरकार

इकोनॉमिक सर्वे कहता है, “वित्त वर्ष में दिखे व्यापक रुझानों के आधार पर केंद्र सरकार फिस्कल कंसोलिडेशन के अपने निर्धारित मार्ग पर है और वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा लक्ष्य को जीडीपी के 4.4 फीसदी पर रखने का लक्ष्य हासिल करने की राह पर है।” नवंबर, 2025 तक, केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 62.3 फीसदी था।

Also Read: Economic Survey 2025-26: यूरिया महंगी होगी? इकोनॉमिक सर्वे ने दिया बड़ा फॉर्मूला, किसान को मिलेगा पैसा

बाजार का भरोसा बढ़ा

इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, बाजारों ने सरकार की राजकोषीय अनुशासन की प्रतिबद्धता को मान्यता दी है, जिससे सरकारी बॉन्ड यील्ड घटा है और भारत के सरकारी बॉन्ड पर अमेरिकी बॉन्ड के मुकाबले ब्याज दर का अंतर आधे से अधिक घट गया है। घटता यील्ड खुद ही वित्तीय प्रोत्साहन का काम करेगा। इकोनॉमिक सर्वे में यह भी बताया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार ने 4.8 फीसदी राजकोषीय घाटे का आंकड़ा हासिल कर 4.9 फीसदी के बजट लक्ष्य को भी पार कर लिया। वित्त वर्ष 2020-21 में राजकोषीय घाटा 9.2 फीसदी था।

(PTI इनपुट के साथ)

First Published - January 29, 2026 | 3:34 PM IST

संबंधित पोस्ट