facebookmetapixel
Nifty outlook: निफ्टी में दिख रहे हैं तेजी के संकेत, एक्सपर्ट्स बोले- रुझान बदल रहा हैVedanta: 8% गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज का भरोसा कायम, ₹900 तक का टारगेट; मोटे डिविडेंड की उम्मीदGold, Silver Price Today: मुनाफावसूली से सोने-चांदी के भाव औंधे मुंह गिरे, आगे क्या करें निवेशक?Stocks to Watch today: Tata Motors CV से लेकर Swiggy, ITC और Paytm तक; शुक्रवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Update: बजट से पहले शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा; मेटल इंडेक्स 4% गिरा₹6,450 लागत में ₹8,550 कमाने का मौका? Bank Nifty पर एक्सपर्ट ने सुझाई बुल स्प्रेड स्ट्रैटेजीपर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी देगी 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर, Q3 में मुनाफा और रेवेन्यू में जोरदार बढ़तक्या MRF फिर देगी डिविडेंड? बोर्ड मीटिंग की तारीख नोट कर लेंचांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबाव

इंडियन ऑयल की अफ्रीका और यूरोप के बाजारों में पेट्रोकेमिकल निर्यात बढ़ाने की तैयारी: CMD एएस साहनी

कंपनी 2030 तक अपनी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता को 43 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 1.3 करोड़ टन प्रति वर्ष करने की योजना बना रही है

Last Updated- January 29, 2026 | 11:23 PM IST
Arvinder Singh Sahney
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एएस साहनी | फाइल फोटो

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) को अपनी शोधन क्षमता में विस्तार के बीच पेट्रोकेमिकल निर्यात के लिए अफ्रीका और यूरोप के महत्त्वपूर्ण बाजारों के रूप में उभरने की उम्मीद है। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एएस साहनी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से यह बात कही।

यह देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी है जिसकी कुल वार्षिक क्षमता 8.07 करोड़ टन (एमएमटीपीए) है। यह मुख्य रूप से घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करती है, जबकि निर्यात से इसकी बिक्री का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही होता है।  इसका लक्ष्य 2028 तक शोधन क्षमता को बढ़ाकर 9.84 करोड़ टन प्रति वर्ष करना है।

साहनी ने कहा, ‘भारत अपनी रिफाइनिंग क्षमता बढ़ा रहा है। मैं लगभग 1.8 करोड़ टन क्षमता बढ़ाऊंगा, जिसका मतलब है कि विस्तारित रिफाइनिंग क्षमता का 40 प्रतिशत हिस्सा इंडियन ऑयल से आएगा। घरेलू (ईंधन खपत) में 4-5 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। हमें निर्यात पर ध्यान देना होगा, खासकर डीजल का।’ चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में आईओसी की कुल बिक्री में निर्यात का हिस्सा केवल 5.5 प्रतिशत था।

भारतीय रिफाइनरियों में, रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी सहित निजी कंपनियां प्रमुख निर्यातक हैं, जबकि संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) मुख्य रूप से घरेलू बाजार में ईंधन बेचते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत जल्द ही विश्व की सबसे बड़ी तेल शोधन क्षमता वाला देश बन जाएगा। 

आईओसी वर्तमान में अपनी प्रमुख रिफाइनरियों की क्षमता का विस्तार कर रही है। पानीपत रिफाइनरी की क्षमता 1.5 करोड़ टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 2. 5 करोड़  टन प्रति वर्ष की जा रही है, जबकि गुजरात रिफाइनरी (कोयाली) की क्षमता मौजूदा 1.37 करोड़ टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 1.8 करोड़ टन प्रति वर्ष की जा रही है। कंपनी ने बताया कि बरौनी में 90 लाख टन प्रति वर्ष तक क्षमता विस्तार का कार्य उन्नत चरणों में है।

कंपनी 2030 तक अपनी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता को 43 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 1.3 करोड़ टन प्रति वर्ष करने की योजना बना रही है। साहनी ने कहा कि इंडियन ऑयल कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाकर मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए आश्वस्त है। कंपनी कच्चे तेल की खरीद के लिए गुयाना और ब्राजील सहित अन्य पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं की ओर भी देख रही है।

First Published - January 29, 2026 | 11:23 PM IST

संबंधित पोस्ट