facebookmetapixel
Economic Survey 2026: वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की स्थिति बेहतर, टैरिफ के बावजूद ग्रोथ में तेजी – सीईए नागेश्वरनसुप्रीम कोर्ट ने नए UGC नियमों के लागू होने पर रोक लगाई, जारी रहेंगे 2012 के नियमEconomic Survey: बजट से पहले क्यों जारी की जाती है यह रिपोर्ट, जानिए आर्थिक सर्वेक्षण का मतलबVi Revival Plan: 5G, 4G और अब 45,000 करोड़ रुपये का दांव- क्या यही Vi की आखिरी उम्मीद है?Economic Survey 2026: वित्त मंत्री सीतारमण ने पेश किया इकोनॉमिक सर्वे, FY27 के लिए GDP ग्रोथ 6.8-7.2% रहने का अनुमानGold Price Surge: फेड के फैसले के बीच सोना-चांदी बेकाबू, क्या यह आखिरी तेजी है? एक्सपर्ट से जानेंUS ट्रेजरी सचिव ने भारत-EU FTA पर साधा निशाना, बोले- यूरोप ने यूक्रेन से ऊपर व्यापार को रखाUPI के बीच कैश क्यों बना हुआ है बैकअप प्लान? बीते एक साल में ATM से पैसा निकालने में बड़ा बदलावDefence Stock: ₹73,000 करोड़ की ऑर्डर बुक, Q3 में मुनाफा 21% उछला; ब्रोकरेज बोले – अभी और चढ़ेगासोने-चांदी के भाव बेकाबू, चांदी ₹4 लाख और सोना ₹1.76 लाख के पार

होटल सेक्टर में पैसा ही पैसा, ट्रैवल बूम का सीधा असर

होटल सेक्टर में निवेश की नई लहर, रफ्तार को पहचान

Last Updated- January 29, 2026 | 9:15 AM IST
Hotel sector

देश के ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग में संस्थागत पूंजी के निवेश की नई लहर दिख रही है। इससे इस क्षेत्र की जोरदार रफ्तार का पता चलता है। इस महीने की शुरुआत में लेमन ट्री होटल्स ने ऐलान किया था कि अमेरिका की बहुराष्ट्रीय निजी इक्विटी कंपनी वारबर्ग पिंकस उसकी सब्सिडियरी फ्लेर होटल्स के विकास पर 960 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। साथ ही वह डच पेंशन फंड एपीजी से फ्लेर होटल्स में 41.09 प्रतिशत हिस्सेदारी भी खरीदेगी।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों ने नोट में कहा, ‘कुल मिलाकर हम इस सौदे को सकारात्मक रूप से देख रहे हैं क्योंकि इससे वारबर्ग पिंकस फिर से पूंजी ला रही है और यह पूंजी इस बार फ्लेर के जरिए आ रही है। उनकी मौजूदगी ऑरिका नेहरू प्लेस जैसे भविष्य के बड़े स्तर वाले पूंजीगत व्यय का जोखिम कम करती है और फ्लेर की सूचीबद्धता के लिए सहज रास्ता सुनिश्चित करती है।’

हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की परिसंपत्ति निर्माण करने वाली कंपनी शैले होटल्स के मुख्य परिचालन अधिकारी गौरव सिंह ने कहा, ‘व्यावहारिक रूप से संस्थागत पूंजी परिसपत्ति स्वामित्व और परिचालन प्लेटफार्मों के बीच स्पष्ट अंतर को सक्षम बनाती है, जिससे स्थापित परिचालकों को बैलेंस शीट पर अधिक दबाव डाले बिना भौगोलिक रूप से विस्तार करने की अनुमति मिलती है।’

First Published - January 29, 2026 | 9:15 AM IST

संबंधित पोस्ट