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Budget Expectations: बजट में बड़ा ऐलान नहीं, फिर भी बाजार क्यों टिका है इन सेक्टरों पर

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FY27 के बजट में बड़े ऐलान की उम्मीद कम, फिर भी निवेशकों की नजर चुनिंदा सेक्टरों पर क्यों टिकी है

Last Updated- January 28, 2026 | 11:40 AM IST
Budget 2026 Expectations

Budget 2026 Expectations: आने वाला वित्त वर्ष 2027 का केंद्रीय बजट शेयर बाजार में कोई बड़ी हलचल पैदा करने वाला नहीं माना जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म Emkay और Motilal Oswal दोनों का मानना है कि सरकार ग्रोथ को सहारा देने वाले ज्यादातर कदम पहले ही उठा चुकी है, ऐसे में बजट में किसी बड़े और चौंकाने वाले ऐलान की गुंजाइश सीमित है। हालांकि, कम उम्मीदें ही कुछ पॉजिटिव सरप्राइज की जमीन तैयार कर सकती हैं। हाल के वर्षों में बजट के बाहर लिए गए कई फैसलों की वजह से बजट का सीधा असर बाजार पर पहले के मुकाबले कम हो गया है। ऐसे में निवेशक इस बार बजट को बड़े एलान के बजाय चुनिंदा और टारगेटेड उपायों के नजरिये से देखेंगे।

फिस्कल अनुशासन पर कायम सरकार, खर्च की गुंजाइश सीमित

Emkay के मुताबिक सरकार वित्त वर्ष 2027 में फिस्कल घाटे को जीडीपी के करीब 4.3 प्रतिशत पर ही बनाए रखने की कोशिश करेगी। वहीं Motilal Oswal का भी मानना है कि सरकार फिस्कल कंसोलिडेशन के रास्ते से ज्यादा भटकने वाली नहीं है। कोविड के दौरान ऊंचे स्तर पर पहुंचा फिस्कल घाटा अब काफी हद तक काबू में आ चुका है और सरकार इसे संभालकर आगे बढ़ाना चाहती है।

हालांकि दोनों ब्रोकरेज का कहना है कि जरूरत पड़ने पर सरकार थोड़ा ढील दे सकती है, खासकर तब जब खर्च का इस्तेमाल निवेश या खपत बढ़ाने में किया जाए। लंबी अवधि के बॉन्ड पर दबाव और जीएसटी में कटौती की वजह से सरकार के पास खुलकर खर्च करने की ज्यादा गुंजाइश फिलहाल नहीं दिखती।

Budget 2026: कैपेक्स पर दांव, लेकिन चुनिंदा सेक्टरों में

पूंजीगत खर्च को लेकर दोनों ब्रोकरेज का नजरिया साफ है कि सरकार का फोकस बना रहेगा, लेकिन ज्यादा पैसा खर्च नहीं कर पाएगी। Emkay का अनुमान है कि कैपेक्स में करीब 7 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है, जबकि बेहतर हालात में यह 10 प्रतिशत तक जा सकती है। वहीं Motilal Oswal का कहना है कि इस बार कैपेक्स का रुख ज्यादा रणनीतिक सेक्टरों की तरफ रहेगा।

डिफेंस, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कैपिटल गुड्स और अफोर्डेबल हाउसिंग जैसे क्षेत्रों पर सरकार का ज्यादा ध्यान रहने की उम्मीद है। इसके उलट रोडवे यानी सड़क जैसे कुछ सेक्टरों में खर्च की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है। बिजली और ऊर्जा से जुड़े निवेश को भी खास तवज्जो मिलने की संभावना जताई गई है।

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टैक्स फ्रंट पर बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं

टैक्स से जुड़े मोर्चे पर भी बजट के शांत रहने के संकेत हैं। Emkay के मुताबिक कैपिटल गेन टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स और डिविडेंड टैक्स में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। Motilal Oswal भी मानता है कि टैक्स के जरिए बाजार को बड़ा संदेश देने की उम्मीद कम है।

हालांकि, बायबैक टैक्स जैसे कुछ मुद्दों पर सरकार विचार कर सकती है, जिससे टेक्नोलॉजी सेक्टर को राहत मिल सकती है। पर्सनल इनकम टैक्स में भी किसी बड़ी राहत की संभावना नहीं जताई गई है, क्योंकि पिछले बजट में पहले ही मिडिल क्लास को राहत दी जा चुकी है।

सुधारों की रफ्तार बनी रहेगी

दोनों ब्रोकरेज इस बात पर सहमत हैं कि बजट में भले ही कोई बड़ा सुधार पैकेज न आए, लेकिन सुधारों की प्रक्रिया जारी रहेगी। सरकार मैन्युफैक्चरिंग, विदेशी निवेश, निर्यात और सरकारी खर्च को बेहतर ढंग से चलाने के लिए छोटे लेकिन असरदार कदम उठा सकती है। पीएलआई योजना का विस्तार, कस्टम ड्यूटी में बदलाव, एफडीआई नियमों में ढील और एसेट मोनेटाइजेशन जैसे कदम इसी दिशा में देखे जा रहे हैं।

Motilal Oswal का मानना है कि इसके साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियागत सुधारों की भी घोषणा हो सकती है।

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Budget 2026: किन सेक्टरों को फायदा, किन पर दबाव

सेक्टरों के लिहाज से बजट का असर सीमित लेकिन साफ दिख सकता है। Emkay के मुताबिक रेलवे, डिफेंस, ऑटो पार्ट्स और ईएमएस कंपनियों को फायदा मिल सकता है। वहीं अगर सोने पर आयात शुल्क बढ़ाया गया तो ज्वेलरी कंपनियों पर दबाव आ सकता है। नई टैक्स व्यवस्था को आगे बढ़ाने से लाइफ इंश्योरेंस और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को हल्की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

Motilal Oswal की लिस्ट में इंफ्रा, कैपिटल गुड्स, डिफेंस, पावर, गैस, रिन्यूएबल एनर्जी और अफोर्डेबल हाउसिंग से जुड़ी कंपनियां प्रमुख लाभार्थी मानी जा रही हैं।

लंबी नजर, छोटी चिंता

कुल मिलाकर Emkay और Motilal Oswal दोनों का मानना है कि बजट से उम्मीदें भले ही सीमित हों, लेकिन बाजार की लंबी अवधि की कहानी अब भी मजबूत बनी हुई है। रुपये पर दबाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के शांत होने के बाद अगली बड़ी तेजी की जमीन तैयार हो सकती है। फिलहाल बजट बड़े एलानों से ज्यादा संकेतों की परीक्षा होगा।

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First Published - January 28, 2026 | 11:40 AM IST

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