facebookmetapixel
Advertisement
SBI Funds Management IPO Listing Today: GMP मजबूत, क्या पहले ही दिन निवेशकों की होगी दमदार कमाई?माफिया से मैन्युफैक्चरिंग तक: पूर्वांचल में निवेश की बारिश, एक्सप्रेसवे और उद्योगों ने बदल दी तस्वीरStocks To Watch Today: बाजार खुलते ही दौड़ सकते हैं ये शेयर! IndiGo, Redington, Ashiana समेत इन कंपनियों पर रखें नजरBS Ubharta Purvanchal: बढ़ते उत्तर प्रदेश में बैंकिंग क्षेत्र के लिए हैं असीमित अवसरBS Ubharta Purvanchal: धार्मिक पर्यटन से चमकी काशी पूर्वांचल का चमकना बाकीरियल एस्टेट में लखनऊ-नोएडा को पीछे छोड़ UP का सबसे महंगा शहर बना वाराणसी, VDA ला रहा नया टाउनशिप प्लानBS Ubharta Purvanchal: हस्तशिल्प, MSME और पर्यटन से चमकेगी वाराणसी की अर्थव्यवस्थाEditorial: विक्रम-1 की ऐतिहासिक उड़ान ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में खोले निजी भागीदारी के दरवाजे भारत के बड़े शहरों की हकीकत: एक जैसे नहीं रोजगार, वेतन और महिलाओं के अवसरसुधारों में देरी यानी सुधारों से इनकार, अब रोजमर्रा का हिस्सा बनें सुधार

India-EU FTA: भारत ने सेवाओं की प्रतिबद्धता को सामाजिक सुरक्षा समझौतों से जोड़ा, श्रमिकों को दोहरे योगदान से मिलेगी राहत

Advertisement

पत्रकारों को जानकारी देते हुए वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि सामान्यतः सामाजिक सुरक्षा समझौते सदस्य देशों के अधिकार क्षेत्र में होते हैं

Last Updated- January 27, 2026 | 10:35 PM IST
India-EU FTA

भारत ने यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते के तहत सेवाओं में अपनी प्रतिबद्धता को अगले पांच वर्षों में अपने 12 सदस्य देशों के साथ सामाजिक सुरक्षा समझौतों पर बातचीत करने की प्रतिबद्धता से जोड़ा है, जिनके साथ अभी उसके ऐसे कोई समझौते नहीं हैं। सामाजिक सुरक्षा समझौता पारस्परिक आधार पर सामाजिक सुरक्षा लाभों की निरंतरता सुनिश्चित करता है और इस प्रकार भविष्य में भारतीय श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए संभावित दोहरे योगदान से बचाता है।

पत्रकारों को जानकारी देते हुए वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि सामान्यतः सामाजिक सुरक्षा समझौते सदस्य देशों के अधिकार क्षेत्र में होते हैं और यूरोपीय संघ का अन्य देशों के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं है, लेकिन भारत सामाजिक सुरक्षा पर एक क्लाउज शामिल करने वाला पहला देश बन गया है क्योंकि यह भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, हमने इसे सेवाओं के अंतर्गत अपनी कुछ भावी एमएफएन (सर्वोत्तम राष्ट्र) प्रतिबद्धताओं से जोड़ा है। पहले पांच वर्षों के लिए, ये प्रतिबद्धताएं सदस्य देशों को सामाजिक सुरक्षा समझौतों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ लागू रहेंगी। आज, हमारे पास पहले से ही 27 सदस्य देशों में से 14 के साथ (ऐसे समझौते) हैं और हमें उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में हम बाकी 13 समझौतों को भी पूरा कर लेंगे।

वर्तमान में, भारत का आयरलैंड, इटली, स्पेन, ग्रीस, माल्टा, साइप्रस, बुल्गारिया, रोमानिया, स्लोवाकिया, क्रोएशिया, एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया के साथ कोई सामाजिक सुरक्षा समझौता नहीं है।

एमएफएन फॉरवर्ड क्लॉज के माध्यम से भारत यह वादा करता है कि अगर भविष्य में वह किसी अन्य व्यापारिक साझेदार को विशिष्ट सेवा क्षेत्रों में बेहतर व्यवहार प्रदान करता है तो वह वही बेहतर व्यवहार यूरोपीय संघ को भी प्रदान करेगा।

Advertisement
First Published - January 27, 2026 | 10:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement