Stock Market Closing Bell, Tuesday, January 27, 2026: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (27 जनवरी) को उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में बढ़त के साथ बंद हुए। भारत और ईयू के बीच व्यापर समझौते की घोषणा से बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा। इसके अलावा प्राइवेट और सरकारी बैंकिंग शेयरों में तेजी से बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला।
ईयू ने भारत से आने वाले लगभग 99.5 प्रतिशत सामानों पर आयात शुल्क कम करने या पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। इसके बदले भारत भी EU से आने वाले 97 प्रतिशत उत्पादों पर टैक्स में राहत देगा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सपाट रुख के साथ 81,436 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 81,088 अंक के नीचले और 82,084 अंक के हाई लेवल तक गया। अंत में 319.01 अंक या 0.39 प्रतिशत की बढ़त लेकर 81,856.71 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 25,063 अंक पर सपाट खुला लेकिन खुलते ही इसमें गिरावट देखी गई। हालांकि, कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव रहा। अंत में 126.75 अंक या 0.51 प्रतिशत की मजबूती लेकर 25,175.40 पर बंद हुआ।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा, ”भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड सौदे को अंतिम रूप दिए जाने से निवेशकों के भरोसे को कुछ सहारा मिला। हालांकि अमेरिका के टैरिफ उपायों के चलते वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने का माहौल बना रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली और तीसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों में कमजोर वृद्धि के कारण घरेलू बाजार में बड़ी तेजी नहीं आ सकी।”
उन्होंने कहा, ”वैश्विक अनिश्चितताएं बने रहने के बीच निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही दिलचस्पी दिखाते नजर आए और बाजार सीमित दायरे में घूमता रहा। इस दौरान निवेशकों की नजर आगामी केंद्रीय बजट पर टिकी रही। टैक्स से जुड़ी स्पष्टता, वित्तीय अनुशासन और सरकार की पूंजीगत खर्च की रूपरेखा को लेकर मिलने वाले संकेत आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।’ कुल मिलाकर बाजार अब ज्यादा घटनाओं पर आधारित होता जा रहा है और बजट से जुड़े साफ संकेत मिलने तक इसमें समेकन का रुझान बने रहने की संभावना है।”
सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील और एसबीआई सबसे ज्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयर रहे। इनमें पांच प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी तरफ, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल, आईटीसी और मारुति सुजुकी इंडिया सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इन शेयरों में चार प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। वहीं
ब्रॉडर बाजार इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 0.59 फीसदी और 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टर के स्तर पर निफ्टी मेटल इंडेक्स ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और तीन प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी मीडिया इंडेक्स 1.4 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.9 प्रतिशत फिसल गया।
एशियाई शेयर बाजारों में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया पर ज्यादा टैरिफ लगाने की चेतावनी दी। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी। शुरुआती गिरावट के बाद दक्षिण कोरिया का कॉपी इंडेक्स संभला और करीब 0.7 प्रतिशत तक चढ़ गया। आखिरी अपडेट तक जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.1 प्रतिशत ऊपर था।
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशक इस हफ्ते आने वाले बड़ी कंपनियों के नतीजों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर होने वाली बैठक का इंतजार कर रहे हैं। S&P 500 इंडेक्स 0.50 प्रतिशत, नैस्डैक कंपोजिट 0.43 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.64 प्रतिशत चढ़ा।