Asian paints share: दिग्गज पेंट कंपनी एशियन पेंट्स के शेयर बुधवार (28 जनवरी) को बाजार खुलते ही 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट दिसंबर तिमाही के नतीजों के चलते देखने को मिल रही है। देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी के लिए बीती तिमाही मिली-जुली रही। बाजार में सुस्ती और भारी कॉम्पिटिशन के बावजूद कंपनी की बिक्री में तो बढ़त देखी गई, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर उसे थोड़ी गिरावट झेलनी पड़ी है। नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउसेस ने एशियन पेंट्स के शेयर अपनी सलाह जारी कर दी है। उनका कहना है कि रेवेन्यू और वॉल्यूम ग्रोथ के बीच का अंतर अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।
मोतीलाल ओसवाल ने एशियन पेंट्स पर ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस को बदलकर 2,950रुपये कर दिया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव 2,624 रुपये से 12 प्रतिशत ज्यादा है।
ब्रोकरेज ने कहा कि अक्टूबर में मांग कमजोर रही, क्योंकि त्योहारी सीजन छोटा रहा और मानसून लंबा चला। हालांकि नवंबर और दिसंबर 2025 में मांग में हल्की सुधार देखने को मिली। तिमाही के अंत में स्थिति कुछ बेहतर रही।
ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने एशियन पेंट्स पर ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट घटाकर 1,875 रुपये कर दिया है। यह शेयर के मौजूदा लेवल से 28 फीसदी कम है।
ब्रोकरेज ने कहा कि ब्रोकरेज ने कहा कि 3.7 प्रतिशत की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ उसकी उम्मीदों से करीब 2 प्रतिशत कम रही। स्टैंडअलोन आधार पर वॉल्यूम ग्रोथ सालाना 7.9 प्रतिशत रही, जिसे कमजोर बेस और पहले आए त्योहारी सीजन से सहारा मिला। हालांकि शार्ट टर्म के लिए गाइडेंस मिड सिंगल डिजिट वैल्यू ग्रोथ और हाई सिंगल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ की ओर इशारा करता है। लेकिन ब्रोकरेज ने कहा कि रेवेन्यू और वॉल्यूम ग्रोथ के बीच का अंतर अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।
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एचएसबीसी ने एशियन पेंट्स पर अपनी रेटिंग को डाउनग्रेड कर ‘Hold’ कर दिया है। साथ ही ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस घटाकर 2,900 रुपये कर दिया है। यह शेयर के पिछले बंद से 10 फीसदी ज्यादा है।
ब्रोकरेज ने तीसरी तिमाही (Q3) में वॉल्यूम और रेवेन्यू ग्रोथ को निराशाजनक बताया और चेतावनी दी कि रिटेल मांग में कमजोरी का रुझान लंबे समय तक बना रह सकता है। हालांकि मार्जिन मजबूत रहे। लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि इसका अधिकांश फायदा पहले ही वित्त वर्ष 2025-26 के अनुमानों में शामिल किया जा चुका है, जबकि FY27 के लिए नकारात्मक जोखिम उभर रहे हैं।
एशियन पेंट्स ने मंगलवार को अपने दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी के लिए बीती तिमाही मिली-जुली रही। बाजार में सुस्ती और भारी कॉम्पिटिशन के बावजूद कंपनी की बिक्री में तो बढ़त देखी गई, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर उसे थोड़ी गिरावट झेलनी पड़ी है।
अक्टूबर-दिसंबर की इस अवधि में एशियन पेंट्स का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 4.6 प्रतिशत गिरकर 1,059.9 करोड़ रुपये रहा। मुनाफे में आई इस कमी की मुख्य वजह बाजार में डिमांड का कम होना माना जा रहा है। हालांकि, अगर कमाई की बात करें तो कंपनी की नेट सेल्स पिछले साल के मुकाबले 3.7 प्रतिशत बढ़कर 8,867 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
भले ही मुनाफे का आंकड़ा थोड़ा सुस्त रहा हो, लेकिन कंपनी ने बिक्री की मात्रा (Volume) के मामले में दम दिखाया है। भारत के डेकोरेटिव बिजनेस में कंपनी ने 7.9 प्रतिशत की वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की है, जिससे इसका रेवेन्यू 2.8 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, इंडस्ट्रियल कोटिंग्स सेगमेंट में तो कंपनी ने दोहरे अंकों (Double-digit) में शानदार तरक्की की है।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)