आईटी सेक्टर की कंपनी Persistent Systems ने अपने शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹5 फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर ₹22 का अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया है। कंपनी ने यह जानकारी शेयर बाजार को दी है। Persistent Systems के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने यह फैसला 20 जनवरी 2026 को हुई बैठक में लिया।
कंपनी ने इस अंतरिम डिविडेंड के लिए 27 जनवरी 2026, मंगलवार को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब यह है कि जिन निवेशकों के पास इस तारीख तक कंपनी के शेयर होंगे, वही डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। कंपनी ने बताया है कि डिविडेंड की राशि घोषणा की तारीख से 30 दिनों के भीतर शेयरधारकों को भुगतान कर दी जाएगी।
Persistent Systems के तीसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। तिमाही आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6.8 फीसदी घटकर 439.4 करोड़ रुपये रह गया, जबकि इस दौरान कंपनी की आय 5.5 फीसदी बढ़कर 3,778.2 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 471.4 करोड़ रुपये और आय 3,580.7 करोड़ रुपये रही थी।
कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में नए लेबर कानूनों के लागू होने से उस पर करीब 89 करोड़ रुपये का एक बार का असर पड़ा। इस वजह से कंपनी के मुनाफे पर दबाव देखने को मिला।
कंपनी के CEO संदीप कालरा ने कहा कि डेटा, क्लाउड और डिजिटल इंजीनियरिंग से जुड़ी सेवाओं की मांग बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कंपनी बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स पर लगातार काम कर रही है और अपनी कार्यप्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल कर रही है, जिससे कामकाज की स्पीड और प्रोडक्टिविटी बेहतर हो रही है।
दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में Persistent Systems की कुल ऑर्डर बुकिंग 674.5 मिलियन डॉलर रही, जबकि सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 501.9 मिलियन डॉलर रही। शेयर बाजार की बात करें तो शुक्रवार, 23 जनवरी को कंपनी का शेयर 6,147.50 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 2.71 फीसदी कम रहा। बीते 10 वर्षों में कंपनी के शेयर में करीब 1991 फीसदी की जबरदस्त तेजी देखी गई है। Persistent Systems बीएसई 100 इंडेक्स की कंपनी है और इसका बाजार पूंजीकरण करीब 96,976.81 करोड़ रुपये है।