Coforge Stock: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (27 जनवरी) को सपाट रुख के साथ खुले। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नयी टैरिफ धमकी और भारत-ईयू के बीच व्यापर समझौते की घोषणा से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी का भी असर देखने को मिल रही है। बाजार में इस मूड माहौल के बीच ब्रोकरेज हाउस आईटी सेक्टर की कंपनी कोफोर्ज लिमिटेड (Coforge Ltd) पर बुलिश नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वित्त वर्ष 2026 की पहली नौ महीनों में कंपनी की मजबूत वृद्धि और मजबूत ऑर्डर बुक से आगे भी तेज आय बढ़ने का भरोसा बढ़ा है।
नुवामा इक्विटीज ने कोफोर्ज पर अपनी ‘BUY’ की रेटिंग को बरकरार रखा है। साथ ही स्टॉक पर अपना टारगेट प्राइस 2,250 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया है। इस तरह, शेयर निवेशकों को 53 प्रतिशत तक रिटर्न दे सकता है। कोफोर्ज के शेयर शुक्रवार को 1636 रुपये बंद हुए।
ब्रोकरेज के अनुसार, कोफोर्ज मजबूत वृद्धि दिखा रही है। साथ ही लंबे समय तक टिकाऊ कारोबार के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है। कंपनी अपने आय के आधार में विविधता ला रही है और कैश फ्लो में सुधार कर रही है।
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मोतीलाल ओसवाल ने भी कोफोर्ज पर ‘BUY‘ की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 2,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर निवेशकों को 53 प्रतिशत तक रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज ने कहा कि कोफोर्ज हमारी कवरेज में शामिल कंपनियों में सबसे तेज बढ़त दिखाने वाली कंपनी बनी रहेगी और हम इसे अपनी टॉप पिक के रूप में दोहराते हैं। वित्त वर्ष 2027 को छोड़कर हमने अपने अनुमान में ज्यादा बदलाव नहीं किया है। हमें उम्मीद है कि सिग्निटी का अधिग्रहण वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही तक पूरा हो जाएगा और इससे प्रति शेयर आय में बढ़ोतरी होगी।
इसके अलावा एंटिक स्टॉक ब्रोक्रिंग और चॉइस इक्विटीज ने भी कोफोर्ज लिमिटेड पर खरीदारी की सलाह दी है। एंटिक ने स्टॉक पर 2,100 रुपये और चॉइस ने 1900 रुपये का टारगेट दिया है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान 250.2 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो 17.6 प्रतिशत अधिक रहा। तिमाही आधार पर कंपनी का लाभ 33.4 प्रतिशत लुढ़क गया। नए लेबर कोड (117.9 करोड़ रुपये), अधिग्रहण से जुड़े कानूनी खर्च और साइबर सुरक्षा के मसलों की वजह से 16.2 करोड़ रुपये के खर्च के कारण लाभ में यह गिरावट आई। राजस्व सालाना आधार पर 28.5 प्रतिशत बढ़कर 4,188.1 करोड़ रुपये हो गया।
दिसंबर 2025 में कोफोर्ज ने अमेरिका की एआई मूल वाली इंजीनियरिंग कंपनी एनकोरा का 2.35 अरब डॉलर में पूरी तरह से नकद सौदे में अधिग्रहण का ऐलान किया था। कंपनी अनुमान जता रही है कि इस एकीकरण की लागत एक करोड़ डॉलर से डेढ़ करोड़ डॉलर के बीच रहेगी।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)