facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

India-EU FTA: भारत-EU के बीच FTA पर साइन, पीएम मोदी ने किया ऐलान

Advertisement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यह एफटीए कारोबार को नई रफ्तार देगा और भारत-यूरोप के करोड़ों लोगों को फायदा पहुंचाएगा

Last Updated- January 27, 2026 | 12:21 PM IST
India EU

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह समझौता भारत और यूरोप की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक ऐतिहासिक साझेदारी है। इससे कारोबार और आम लोगों दोनों को बड़ा फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि इस समझौते से खास तौर पर कपड़ा उद्योग, रत्न और आभूषण, और चमड़ा उद्योग को फायदा मिलेगा। इससे नए काम के मौके बनेंगे और व्यापार बढ़ेगा। लोग इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता 140 करोड़ भारतीयों और करोड़ों यूरोपीय लोगों के लिए नए अवसर लेकर आया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया की कुल जीडीपी के 25 फीसदी और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समझौता एक साल के भीतर लागू हो सकता है।

करीब 20 साल तक चली बातचीत और देरी के बाद यह समझौता अब साइन हुआ है। इसके तहत भारत अपने बड़े और अब तक काफी हद तक सुरक्षित रहे बाजार को 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार के लिए खोलेगा। यूरोपीय संघ इस समय भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन आज नई दिल्ली में होने वाले भारत–EU शिखर सम्मेलन में इस समझौते का संयुक्त रूप से ऐलान किया। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार 136.5 अरब डॉलर का रहा। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों पक्ष अमेरिका पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में बढ़े व्यापारिक तनाव के बीच, अमेरिका ने पिछले साल अगस्त से भारतीय सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगा रखा है।

Advertisement
First Published - January 27, 2026 | 11:46 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement