Shadowfax Technologies IPO GMP: शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का 1,907.27 करोड़ रुपये का आईपीओ इस हफ्ते शेयर बाजार में लिस्ट होगा। इसका अलॉटमेंट शुक्रवार (23 जनवरी) को फाइनल हो गया। इश्यू अप्लाई करने के लिए सोमवार यानी 20 जनवरी को खुला था और 22 नवंबर को बंद हो गया था। निवेशक अब लिस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं।
लॉजिस्टिक्स कंपनी का आईपीओ शुरुआत में सुस्त रहा, जो निवेशकों की सतर्क धारणा को दर्शाता है। हालांकि, बोली के अंतिम दिन मांग में तेज उछाल देखने को मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल खरीदारों और रीटेल निवेशकों ने इश्यू को सबसे ज्यादा अप्लाई किया। क्वालिफाइड खरीदारों ने अपने हिस्से को 3.81 गुना सब्सक्राइब किया। इसके बाद रिटेल निवेशकों ने 2.31 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की श्रेणी में सबसे कम मांग रही, जहां केवल 84 प्रतिशत ही बुकिंग हो सकी।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ के जीएमपी की बात करे तो ग्रे मार्केट में इसके नॉन-लिस्टेड शेयर मंगलवार को 120 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे थे। यह अपर प्राइस बैंड 124 रुपये से 4 रुपये या 3 प्रतिशत कम है। अगर लिस्टिंग पर भी यही रुझान रहते है तो शेयर डिस्काउंट पर लिस्ट हो सकते हैं।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज ने अपने आईपीओ के लिए 118 से 124 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। एक लॉट में 120 शेयर थे। शेयरों का अलॉटमेंट 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को फाइनल हो गया।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के शेयर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 28 जनवरी 2026 को लिस्ट होंगे। इश्यू के लिए केफिन टेक्नोलॉजीज को रजिस्ट्रार बनाया गया है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टैनली इंडिया और जेएम फाइनेंशियल इस निर्गम का प्रबंधन कर रहे हैं।
कंपनी ने बताया है कि नए शेयरों से मिलने वाली रकम में से 42.34 करोड़ रुपये नेटवर्क ढांचे को मजबूत करने पर खर्च किए जाएंगे। 13.86 करोड़ रुपये नए केंद्रों के लिए किराये के भुगतान में लगाए जाएंगे। इसके अलावा 8.85 करोड़ रुपये पब्लिसिटी, मार्केटिंग जैसी कार्यों में खर्च किए जाएंगे। बची हुई राशि भविष्य में किसी कंपनी के अधिग्रहण और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।