पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के निवेश ढांचे की समीक्षा, सिफारिश और आधुनिकीकरण के लिए निवेश विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति स्ट्रैटजिक एसेट एलोकेशन ऐंड रिस्क गवर्नेंस (एसएएआरजी) का गठन किया है।
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार समिति को मौजूदा एनपीएस निवेश दिशानिर्देशों की व्यापक समीक्षा करने, उन्हें प्रमुख वैश्विक पेंशन प्रणालियों के अनुकूल बनाने और उन्हें विकसित हो रहे भारतीय निवेश व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने करने का काम सौंपा गया है। इसका मकसद सेवानिवृत्ति के कोष में जमा दीर्घकालिक धन के विविधीकरण को बढ़ाना, जोखिम प्रबंधन प्रथाओं में सुधार करना और सब्सक्राइबर पसंद का विस्तार करने के लिए एनपीएस के निवेश ढांचे को मजबूत करना है।
एसएएआरजी की अध्यक्षता नारायण रामचंद्रन करेंगे। रामचंद्रन मॉर्गन स्टैनली इंडिया के पूर्व कंट्री हेड और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं और इस समय टीमलीज सर्विसेज लिमिटेड के अध्यक्ष हैं। समिति में पूंजी बाजारों, एसेट मैनेजमेंट और सिक्योरिटीज लॉ के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें सेबी के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण, फर्स्ट ग्लोबल की संस्थापक और सीएमडी देविना मेहरा, डीएसपी म्युचुअल फंड के एमडी और सीईओ कल्पेन पारेख, एचडीएफसी म्युचुअल फंड के पूर्व सीआईओ प्रशांत जैन, पीपीएफएएस एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ राजीव ठक्कर, मोतीलाल ओसवाल के सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के सीआईओ शंकरन नरेन, रेगस्ट्रीट लॉ एडवाइजर्स के संस्थापक सुमित अग्रवाल और पीएफआरडीए के कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार सोनी शामिल हैं।
पीएफआरडीए के अनुसार समिति के दायरे में रणनीतिक संपत्ति आवंटन ढांचे की समीक्षा, संपत्ति वर्ग का परिचय और मूल्यांकन, प्रदर्शन माप और जवाबदेही तंत्र, एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (एएलएम) प्रथाएं, वैकल्पिक निवेश के लिए मूल्यांकन मानक, पोर्टफोलियो स्थिरता और नकदी बढ़ाने के उपाय, प्रशासन और इंटरमीडियरी आर्किटेक्चर, निवेश निर्णय लेने में स्थिरता संबंधी विचारों का एकीकरण का काम शामिल है।