प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग जगत एवं स्टार्टअप से गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने तथा विनिर्माण में उत्कृष्टता को मानदंड बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के पर्याय होने चाहिए। उद्योग जगत ऐसे उत्पादों का निर्माण करे जिनमें किसी प्रकार की कमी न हो।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 130वें ‘मन की बात’ संबोधन में कहा, ‘हम जो कुछ भी निर्मित करते हैं, आइए, उसकी गुणवत्ता में सुधार करने का संकल्प लें। चाहे वह हमारे वस्त्र हों, प्रौद्योगिकी हो, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हों या पैकेजिंग, हर भारतीय उत्पाद ‘सर्वोत्तम गुणवत्ता’ का पर्याय होना चाहिए।’ उन्होंने उन युवाओं के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने 10 साल पहले 2016 में शुरू हुई भारत की स्टार्टअप यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मोदी ने कहा, ‘आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेशी तंत्र बन गया है। ये स्टार्टअप लीक से हटकर काम कर रहे हैं और उन क्षेत्रों तक काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।’
मोदी ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप कंपनियां एआई, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, परिवहन एवं आवागमन, हरित हाइड्रोजन और जैव प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस और गणतंत्र दिवस की भी शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने यूएई द्वारा 2026 को ‘परिवार वर्ष’ घोषित करने की पहल की भी सराहना की और इसकी तुलना भारत की परिवार व्यवस्था से की, जो देश की परंपराओं का हिस्सा है।