facebookmetapixel
Advertisement
Eternal Q1FY27 Results: मुनाफा 268% बढ़कर ₹92 करोड़, रेवेन्यू भी 182% बढ़ाSBI फंड्स vs HDFC AMC vs ICICI प्रूडेंशियल AMC: निवेश के लिए कौन बेहतर?टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में रहते हैं? अब RajmargYatra App से घर बैठे बनवाएं Local Pass; चेक करें ऑनलाइन प्रोसेसPM किसान की किस्त रुकी है? ऐसे दर्ज करें ऑनलाइन शिकायतAdani Power Q1 Results: मुनाफा 47% से ज्यादा बढ़ा, बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ जुटाने को दी मंजूरीCube Highways Trust InvIT IPO: आज से खुला ₹5,000 करोड़ का इश्यू, निवेश से पहले जान लें ब्रोकरेज की राय और GMP का हालDelhi Metro Alert: दिल्ली में सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशन बंद, जानें कौन से रूट हुए प्रभावितTVS Motor: 3% उछला शेयर, Q1 नतीजों के बाद क्या करें निवेशक? ब्रोकरेज ने जताया 15% अपसाइड का अनुमानBCCL Share Crash: तिमाही नतीजों ने लगाया बड़ा झटका! एक दिन में 8% से ज्यादा टूटा मल्टीबैगर PSU शेयरBandhan Bank 18% से ज्यादा टूटा, Q1 नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने घटाई रेटिंग; आगे क्या करें निवेशक?

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेज

Advertisement

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सदस्यता मानदंड के अनुसार सदस्य देशों को पिछले वर्ष के शुद्ध आयात के 90 दिनों के बराबर कच्चे तेल और उत्पाद भंडार बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

Last Updated- March 26, 2026 | 9:37 AM IST
Oil Reserve

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि ओडिशा और कर्नाटक में भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) की दो प्रमुख विस्तार परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से उपजे ऊर्जा संकट को देखते हुए सरकार देश भर में पर्याप्त एसपीआर स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दे रही है।

मंत्रालय ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस पर संसदीय स्थायी समिति को काम की स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में बताया, ‘ओडिशा के चंद्रिखोल में पेट्रोलियम भंडार के लिए अधिग्रहीत होने वाली भूमि और मुआवजे की दर को अंतिम रूप दिया जा रहा है जबकि उडुपी के पास पाडुर में भूमि अधिग्रहण का काम लगभग पूरा होने वाला है।’

इसमें कहा गया है कि चंद्रिखोल में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। ओडिशा सरकार ने परियोजना के लिए 400 एकड़ भूमि को मंजूरी दे दी है और इंडिया स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड को 363.3 एकड़ के लिए मांग पत्र मिल गया है। मंत्रालय ने कहा, ‘शेष 36.7 एकड़ के लिए मांग पत्र शीघ्र मिलने की उम्मीद है।’

कंपनी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और कर्नाटक के मंगलूर और पाडुर में 53.3 लाख टन कच्चे तेल की कुल क्षमता वाली एसपीआर स्थापित की हैं। ये एसपीआर आपूर्ति संकट के समय बफर के रूप में काम कर सकती हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में एक सवाल के लिखित उत्तर में कहा, ‘कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण के लिए वर्तमान कुल राष्ट्रीय क्षमता 74 दिन है, जिसमें तेल विपणन कंपनियों की 64.5 दिनों की भंडारण सुविधाओं की क्षमता शामिल है।’

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सदस्यता मानदंड के अनुसार सदस्य देशों को पिछले वर्ष के शुद्ध आयात के 90 दिनों के बराबर कच्चे तेल और उत्पाद भंडार बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

सरकार ने जुलाई 2021 में ओडिशा के चंद्रिखोल और कर्नाटक के पाडुर में 65 लाख टन भंडारण क्षमता वाली दो अतिरिक्त वाणिज्यिक-सह-रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व सुविधाओं की स्थापना को पीपीपी मॉडल के तहत मंजूरी दी थी, जिसमें कुल परियोजना लागत 14,527 करोड़ रुपये रखी गई थी और व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत तक सीमित था।

Advertisement
First Published - March 26, 2026 | 9:37 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement