facebookmetapixel
Advertisement
चंद्रशेखरन के बाद टीसीएस के सामने नेतृत्व की नई चुनौती, टाटा समूह के साथ तालमेल पर भी नजरउदारीकरण के 35 साल: ‘एशिया के डेट्रॉइट’ से चेन्नई ने कैसे तय किया दुनिया के ऑटो हब तक का सफरअटकी चंद्रशेखरन के वारिस की तलाश, उत्तराधिकारी चुनने वाली चयन समिति गठित करने में लगेगा वक्त; AGM पर भी संशयभारत के एयर मोबिलिटी बाजार में उतरने की तैयारी, 2029 से ईवीटीओएल उड़ाने की स्काईड्राइव की योजनाMMDR विधेयक पर कुछ राज्यों को एतराज, खनन मंत्री बोले- प्रमुख खनिजों तक सीमित रहेंगे प्रावधानएयरटेल के ग्राहकों को महंगे प्लान में शिफ्ट करने से Vi को मिल सकता है मौका, बढ़ेगी कमाईस्मॉलकैप-मिडकैप फंड्स में फिर बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी, हर 3 इक्विटी फोलियो में 1 इनकाआरबीआई के नए नियमों से कर्ज दरों में बदलाव होगा तेज, बैंकों के स्प्रेड पर भी पड़ेगा असरQ1 Results: ABREL का घाटा बढ़ा, IGL का मुनाफा 44% घटा; LG Electronics का लाभ 27% बढ़ाभारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी, नीति आयोग ने औद्योगिक पार्क और क्लस्टर का दिया सुझाव

मुक्त व्यापार समझौते के करीब भारत और यूरोपीय यूनियन, 27 जनवरी को हो सकता है बड़ा ऐलान

Advertisement

यूरोपीय संघ के एक अधिकारी ने कहा कि वार्ता समाप्त होने के बाद दोनों पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में बढ़ने से पहले अपनी आंतरिक अनुमोदन प्रक्रियाओं का पालन करेंगे

Last Updated- January 23, 2026 | 10:38 PM IST
India EU trade deal
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) इस समय प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर गहन बातचीत कर रहे हैं। इसमें पर्यावरण संरक्षण जैसे कठिन मुद्दे भी शामिल हैं। दोनों पक्षों ने 27 जनवरी को नई दिल्ली में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में वार्ता के निष्कर्ष की घोषणा करने का लक्ष्य रखा है।

यूरोपीय संघ के एक अधिकारी ने कहा कि वार्ता समाप्त होने के बाद दोनों पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में बढ़ने से पहले अपनी आंतरिक अनुमोदन प्रक्रियाओं का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों तरफ से ‘शुल्क में पर्याप्त कमी’ करना है।

प्रस्तावित व्यापार समझौते को व्यापार के विविधीकरण और आपूर्ति के सीमित स्रोतों को व्यापक बनाने के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही निवेश को बढ़ावा देना और प्रमुख क्षेत्रों में औद्योगिक सहयोग भी शामिल है, जिसमें एक्टिव फॉर्मास्यूटिकल्स इनग्रेडिएंट्स (एपीआई), सौर उपकरण और हाइड्रोजन शामिल है। अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष संयुक्त रूप से औद्योगिक क्षमता का निर्माण करना और निर्भरता को कम करना चाहते हैं।

Also Read: अमेरिका पर अपनी निर्भरता घटाने की तैयारी में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, यूरोप बनेगा नया फोकस मार्केट

यूरोपीय संघ के अधिकारी ने कहा, ‘यूरोपीय आयोग  की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दावोस में भी कहा कि हम एक समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, और यह इन वार्ताओं को शुरू करने के 20 से अधिक वर्षों बाद हो रहा है। मर्कोसुर के साथ (समझौते) के बाद यह एक और बड़ा और बहुत रणनीतिक समझौता होगा।’

उन्होंने कहा, ‘भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक क्षेत्रों में से एक होगा और इससे लगभग 2 अरब लोगों का बाजार बनेगा। इससे कंपनियों की बाजार तक पहुंच में सुधार होगा और कारोबार को समर्थन मिलेगा और रोजगार का सृजन होगा। इससे आपूर्ति श्रृंखला में विविधीकरण लाने और अवांछित निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।’

Advertisement
First Published - January 23, 2026 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement