JSW Steel ने दिसंबर तिमाही में कमाल का प्रदर्शन किया। कंपनी का कंसॉलिडेटेड मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 2,410 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर यानी FY25 की इसी तिमाही में यह आंकड़ा सिर्फ 719 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताते हुए कहा कि इस बार के मुनाफे में एक खास बात जुड़ी है। भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (BPSL) की पुरानी अनएब्जॉर्ब्ड डेप्रिसिएशन पर 1,439 करोड़ रुपये के डिफर्ड टैक्स एसेट्स को रिकग्नाइज किया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी को यकीन है कि BPSL के स्टील बिजनेस की स्लंप सेल से होने वाली कैपिटल गेन से यह डेप्रिसिएशन रिकवर हो जाएगा।
JSW Steel ने इस तिमाही में कुल 7.64 मिलियन टन स्टील बेचा, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। यह पिछले साल के मुकाबले 14 फीसदी ज्यादा है। घरेलू बाजार में मांग जबरदस्त रही, जिससे इंडिया में बिक्री 6.59 मिलियन टन पर पहुंची – यानी 10 फीसदी की बढ़ोतरी। एक्सपोर्ट में तो और भी तेजी दिखी। 0.84 मिलियन टन स्टील विदेश भेजा गया, जो पिछले साल से 53 फीसदी ज्यादा है। इससे भारतीय ऑपरेशंस की कुल बिक्री में एक्सपोर्ट का हिस्सा 11 फीसदी हो गया। रिटेल सेल्स वॉल्यूम भी 12 फीसदी ऊपर रहा।
कंपनी की कुल इनकम बढ़कर 46,264 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल यह 41,525 करोड़ रुपये थी। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 45,991 करोड़ रुपये रहा। एडजस्टेड EBITDA 6,620 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जो साल-दर-साल 22 फीसदी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी का बड़ा कारण ज्यादा वॉल्यूम, कोकिंग कोल और पावर की कम कीमतें रहीं, हालांकि रियलाइजेशन थोड़ा कम होने से कुछ दबाव भी पड़ा।