facebookmetapixel
Advertisement
Trump-Xi Meeting: अमेरिका-चीन की बड़ी डील! ट्रंप-शी बैठक में तनाव कम करने की कोशिश, जानें 5 बड़े फैसलेदिल्ली की रेखा सरकार का बड़ा फैसला! वर्क फ्रॉम होम से लेकर ‘नो व्हीकल डे’ तक कई नए नियम लागूHUF के जरिए घर खरीदना कैसे बन सकता है टैक्स बचत का स्मार्ट तरीका, जानिए क्या हैं फायदे और जरूरी बातेंNEET में लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में? पेपर लीक के बाद चौंकाने वाले आंकड़ेTata Motors Q4 Results: मुनाफा 31% गिरा, राजस्व में बढ़त; JLR का दबाव भारीSenior Citizens के लिए खुशखबरी! FD पर मिल रहा 8.3% तक बंपर ब्याज, जानें कौन से बैंक दे रहे सबसे ज्यादा रिटर्नMutual Fund: अप्रैल में इक्विटी AUM रिकॉर्ड स्तर पर, फंड हाउसेस ने किन सेक्टर और स्टॉक्स में की खरीदारी?तेल संकट और कमजोर पर्यटन ने मॉरीशस की अर्थव्यवस्था को झकझोरा, भारत भी रहे सतर्कप्लेटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड: 20 मई से खुलेगा NFO, किसे करना चाहिए इस SIF में निवेश?Airtel को लेकर सुनील मित्तल का 10 साल का मास्टरप्लान सामने आया

SEC की कार्रवाई से अदाणी ग्रुप को झटका, मार्केट कैप में 12.5 अरब डॉलर की गिरावट

Advertisement

अदाणी समूह ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि वह अपने बचाव के लिए हरसंभव कानूनी उपाय करेगा

Last Updated- January 23, 2026 | 10:18 PM IST
Adani Group

अदाणी समूह की कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में शुक्रवार को 12.5 अरब डॉलर की गिरावट आई। गिरावट की वजह अमेरिकी बाजार नियामक का अनुरोध रहा, जिसमें उसने अदालत से कथित धोखाधड़ी और 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत योजना के मामले में संस्थापक गौतम अदाणी और समूह के कार्यकारी सागर अदाणी को व्यक्तिगत रूप समन भेजने की अदालत से अनुमति मांगी।

गुरुवार को भारतीय बाजार बंद होने के बाद अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) की तरफ से दी गई सूचना से यह जानकारी मिली। शुक्रवार को ग्रुप की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज निफ्टी 50 पर सबसे ज़्यादा नुकसान वाली कंपनी रही और कंपनी के शेयर 10.65 फीसदी गिरकर 1,864.2 रुपये पर आ गए। निफ्टी में  0.95 फीसदी की गिरावट आई। समूह की कंपनियों के शेयर 3.4 फीसदी से 14.54 फीसदी गिरकर बंद हुए।

नवंबर 2024 में सामने आए अमेरिकी अभियोग में अदाणी समूह के अधिकारियों पर अदाणी समूह की कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी द्वारा उत्पादित बिजली खरीदने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की योजना में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।

Also Read: JSW Steel Q3 Results: मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़कर ₹2,400 करोड़ के पार, कुल आय ₹46,264 करोड़ पर

अमेरिकी कानून के तहत वहां के निवेशकों से पैसा जुटाने वाली बाहर की कंपनियों को कारोबार हासिल करने के लिए विदेश में रिश्वत देने से रोकता है और यह उन्हें झूठे या गुमराह करने वाले बयानों के आधार पर निवेश जुटाने से भी रोकता है। दस्तावेजों के अनुसार भारत ने पहले भी दो बार समन तामील करने के अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया है, जिन्हें एसईसी पिछले साल से भेजने की कोशिश कर रहा है।

अदाणी समूह ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि वह अपने बचाव के लिए हरसंभव कानूनी उपाय करेगा। 21 जनवरी की एसईसी फाइलिंग पर रॉयटर्स के टिप्पणी के अनुरोध पर उसने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। 

Also Read: Cipla Q3FY26 Results: मुनाफा 57% घटकर ₹676 करोड़, अमेरिकी कारोबार में कमजोरी से झटका; शेयर 3.7% फिसले

स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, बाजार के प्रतिभागियों ने मान लिया था कि कुछ भी लंबित नहीं है और समूह को क्लीन चिट मिल गई है। इसलिए एसईसी की फाइलिंग अप्रत्याशित लगती है। अगले कदमों के बारे में कोई स्पष्ट समयसीमा न होने के कारण बालिगा को उम्मीद है कि यह मुद्दा कम से कम दो सप्ताह तक बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि समग्र बाजार का सेंटिमेंट पहले से ही कमजोर है।

Advertisement
First Published - January 23, 2026 | 10:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement