जब बेटी के भविष्य की बात आती है, तो हर माता-पिता चाहते हैं कि पढ़ाई, शादी या सपनों की राह में पैसों की कमी आड़े न आए। इसी भरोसे का नाम है सुकन्या समृद्धि योजना, जिसने 11 साल पूरे कर लिए हैं और आज करोड़ों परिवारों की पहली पसंद बन चुकी है। साल 2015 में शुरू हुई यह सरकारी बचत योजना धीरे-धीरे एक मजबूत आर्थिक सहारा बन गई है, जहां छोटी-छोटी रकम जमा करके बड़ी पूंजी तैयार की जा सकती है।
मौजूदा समय में 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज देने वाली यह स्कीम न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि टैक्स छूट और लंबी अवधि के कंपाउंडिंग फायदे भी देती है। यही वजह है कि अब तक करोड़ों खाते खोले जा चुके हैं और लाखों करोड़ रुपये इसमें जमा हैं। सही उम्र में शुरुआत और सही प्लानिंग के साथ यही योजना मैच्योरिटी पर करीब 72 लाख रुपये तक का फंड तैयार करने का रास्ता खोल सकती है। आगे जानते हैं, यह योजना कैसे काम करती है और यह आंकड़ा कैसे संभव बनता है।
यह योजना सरकार की ओर से बेटियों के लिए बनाई गई एक बचत स्कीम है, जो ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ; अभियान का हिस्सा है। इसका मकसद बेटी की पढ़ाई, शादी या दूसरे जरूरी खर्चों के लिए पैसे जमा करना है। योजना में निवेश पर अच्छा ब्याज मिलता है, और यह पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि सरकार इसे चलाती है। जनवरी-मार्च 2026 के लिए ब्याज दर 8.2 प्रतिशत सालाना है, जो साल में एक बार कंपाउंड होता है। इससे पहले भी दर 8.2 प्रतिशत ही थी, और यह तिमाही आधार पर बदल सकती है।
योजना में अब तक 4.53 करोड़ से ज्यादा अकाउंट खुल चुके हैं, और कुल जमा 3.33 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। यह दिखाता है कि लोग कितना भरोसा करते हैं इस पर। बेटी की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए अकाउंट खोलने के लिए, और एक परिवार में ज्यादा से ज्यादा दो बेटियों के लिए अकाउंट खुल सकते हैं। अगर जुड़वा बेटियां हैं, तो तीन तक की छूट है। अकाउंट पोस्ट ऑफिस या चुनिंदा बैंक में खोला जा सकता है।
निवेश शुरू करने के लिए कम से कम 250 रुपये सालाना जमा करने पड़ते हैं, और ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये प्रति साल। अगर आप कम जमा करेंगे, तो 50 रुपये का जुर्माना लग सकता है। जमा रकम पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख तक टैक्स छूट मिलती है, और ब्याज पर भी कोई टैक्स नहीं लगता। मैच्योरिटी की रकम भी टैक्स-फ्री है। अकाउंट खोलने से 15 साल तक जमा कर सकते हैं, और कुल टेन्योर 21 साल का होता है। अगर बेटी की शादी 18 साल के बाद होती है, तो मैच्योरिटी पहले भी हो सकती है। बीच में पैसे निकालने के नियम सख्त हैं- सिर्फ बेटी की पढ़ाई के लिए 50 प्रतिशत तक 18 साल बाद, या गंभीर बीमारी में। अगर अकाउंट समय से पहले बंद करना पड़े, तो ब्याज दर कम हो जाती है। योजना का ब्याज दूसरे बचत विकल्पों से ज्यादा है, जैसे PPF से, जो अभी 7.1 प्रतिशत है। इससे पैसे तेजी से बढ़ते हैं। अकाउंट ट्रांसफर भी हो सकता है अगर परिवार दूसरी जगह शिफ्ट होता है।
अब मुख्य सवाल- 72 लाख कैसे जमा होंगे। मान लीजिए आपकी बेटी अभी छोटी है, कहिए नवजात, और आप अकाउंट खोलते हैं। हर साल 1.5 लाख रुपये जमा करते हैं, 15 साल तक। ब्याज 8.2 प्रतिशत सालाना कंपाउंड। कुल 21 साल बाद मैच्योरिटी। कैलकुलेशन ऐसा है: हर साल की जमा रकम अलग-अलग सालों तक बढ़ती है। पहली साल की 1.5 लाख पर 21 साल का ब्याज लगेगा, दूसरी पर 20 साल का, और आखिरी 15वीं जमा पर 7 साल का।
सोर्स: HDFC बैंक कैलकुलेटर
सब जोड़ने पर कुल मैच्योरिटी लगभग 71.82 लाख आती है, जो राउंड करके 72 लाख कह सकते हैं। यानि इसमें कुल निवेश 22.5 लाख रुपये हैं, जबकि बाकि 49 लाख से ज्यादा रुपया ब्याज से आता है। अगर भविष्य में ब्याज दर बढ़ी, तो और ज्यादा मिलेगा। इसलिए फाइनेंशियल एक्सपर्ट भी सुकन्या समृद्धि योजना को एक भरोसेमंद बताते हैं, जहां धैर्य और नियमित बचत मिलकर बेटी के सपनों को मजबूत आधार देती है। सही समय पर शुरुआत करने से यह योजना भविष्य की बड़ी जरूरतों को आसान बना देती है और माता पिता को आर्थिक सुकून का एहसास कराती है।