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Budget 2026: क्या इस साल के बजट में निर्मला सीतारमण ओल्ड टैक्स रिजीम को खत्म कर देगी?

एक्सपर्ट के मुताबिक, सरकार न्यू टैक्स रिजीम को प्राथमिकता देगी, जबकि ओल्ड टैक्स रिजीम को तुरंत खत्म किए बिना धीरे-धीरे अप्रासंगिक बना देगी

Last Updated- January 20, 2026 | 4:21 PM IST
Income Tax
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

हर साल बजट के साथ टैक्सपेयर्स की उम्मीदें और सवाल दोनों बढ़ जाते हैं। बजट 2026 भी कुछ ऐसा ही माहौल बना रहा है, जहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार ओल्ड टैक्स रिजीम हमेशा के लिए विदा ले लेगी या फिर उसे अभी और समय मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी बजट से पहले टैक्स को लेकर सरकार के इरादों पर चर्चा तेज हो चुकी है।

एक तरफ न्यू टैक्स रिजीम को आसान, साफ और कम झंझट वाला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लाखों ऐसे टैक्सपेयर हैं, जिनकी टैक्स प्लानिंग आज भी HRA, होम लोन और अलग-अलग छूटों पर टिकी हुई है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि सरकार किस रास्ते पर आगे बढ़ेगी।

टैक्स एक्सपर्ट का मानना है कि तस्वीर ब्लैक एंड व्हाइट नहीं है। बदलाव जरूर होगा, लेकिन झटके वाला नहीं। बजट 2026 इस दिशा में कौन से संकेत देगा, यही सबसे दिलचस्प पहलू है।

ओल्ड टैक्स रिजीम क्या होगी पूरी तरह खत्म?

Taxspanner के CEO और को-फाउंडर सुधीर कौशिक का कहना है कि बजट 2026 में ओल्ड टैक्स रिजीम को एकदम से खत्म करने की संभावना न के बराबर है। सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के बजाय धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से कम प्रासंगिक बनाने की दिशा में काम करेगी।

उन्होंने कहा, “ओल्ड रिजीम अभी भी उन टैक्सपेयर्स के लिए महत्वपूर्ण है जो HRA, होम लोन (सेक्शन 24(b) और 80C), 80C, 80D जैसी छूटों का फायदा उठाते हैं। हाल ही में ITR फॉर्म में 80C, 80D और होम लोन से जुड़ी अधिक विस्तृत जानकारी मांगने के प्रावधान जोड़े गए हैं, जो ओल्ड रिजीम को आगे भी जारी रखने के संकेत हैं।”

हालांकि, अधिक आय वाले अधिकतर लोगों द्वारा न्यू रिजीम को अपनाने की दर अभी इतनी अधिक नहीं है कि इसे पूरी तरह ही अनिवार्य किया जा सके। सरकार की रणनीति टैक्सपेयर्स को बेहतर स्लैब, रिबेट और छूट देकर न्यू रिजीम की ओर प्रोत्साहित करने की है।

Also Read: राहत अब काफी नहीं! एक्सपर्ट की मांग: बजट में प्री-फंडेड क्लाइमेट इंश्योरेंस पॉलिसी पर सोचे सरकार

ओल्ड टैक्स रिजीम खत्म होने से किसपर सबसे ज्यादा प्रभाव?

यदि ओल्ड रिजीम समाप्त हो जाती है, तो कुछ ऐसे वर्ग है जो सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। जैसे:

  • मेट्रो शहरों में वेतनभोगी कर्मचारी, जो HRA, LTA और अन्य सैलरी छूटों का लाभ लेते हैं।
  • होम लोन लेने वाले लोग सेक्शन 24(b) पर ब्याज और 80C की छूट से वंचित होंगे।
  • मध्यम से उच्च-मध्यम आय वर्ग वाले लोग जो 80C, 80D, एजुकेशन लोन का ब्याज जैसी छूटों से टैक्स प्लानिंग करते हैं।
  • इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक जो मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य छूटों पर निर्भर रहते हैं।

न्यू रिजीम उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास कम छूटें हैं, लेकिन अधिक छूट वाले टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स बोझ बढ़ सकता है।

न्यू रिजीम को डिफॉल्ट बनाने का उद्देश्य

सरकार न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य चीजों को सरल बनाना और टैक्स बेस को ठीक करना है। इससे लाभ होंगे:

  • टैक्सपेयर्स के लिए आसान नियम
  • डॉक्यूमेंट और सर्टिफिकेट पर कम निर्भरता
  • छूटों से जुड़े विवाद और मुकदमों में कमी
  • डिजिटलीकरण और फेसलेस असेसमेंट से बेहतर तालमेल
  • राजस्व की अधिक स्थिरता और पारदर्शिता

वैकल्पिक राहत की संभावना

यदि ओल्ड रिजीम हटाई जाती है, तो सरकार कुछ वैकल्पिक राहत दे सकती है, जैसे:

  • हाई स्टैंडर्ड डिडक्शन
  • न्यू रिजीम के टैक्स स्लैब में और सुधार
  • रिबेट सीमा का विस्तार
  • हाउसिंग जैसे उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों में सीमित सरलीकृत राहत

इस मकसद यह होगा कि टैक्स सिस्टम आसान रहे, ताकि लंबे समय की बचत और जरूरी खर्चों, जैसे घर खरीदना, पर टैक्स का बोझ न बढ़े।

बजट 2026 में किन संकेतों पर रखें नजर

अगर सरकार ओल्ड टैक्स रिजीम से स्थायी रूप से हटने की तैयारी में होगी, तो बजट में इसके कुछ साफ संकेत दिख सकते हैं। जैसे:

  • ओल्ड रिजीम के लिए कोई समय-सीमा तय करना, मसलन इसे किसी खास असेसमेंट ईयर तक ही लागू रखना।
  • न्यू रिजीम से बाहर निकलने के नियमों को सख्त करना, ताकि कुछ करदाताओं के लिए विकल्प सीमित हो जाए।
  • न्यू रिजीम को और आकर्षक बनाने के लिए टैक्स स्लैब या रिबेट में सुधार।
  • सैलरी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स में छूटों की भूमिका कम करना और Form 16 व पेरोल सिस्टम को न्यू रिजीम के हिसाब से ढालना।
  • सरकार की तरफ से एक आसान और सिंगल टैक्स सिस्टम का साफ संदेश।

कौशिक का मानना है कि सरकार न्यू रिजीम को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी, लेकिन ओल्ड रिजीम को तत्काल खत्म करने की बजाय इसे धीरे-धीरे खुद अप्रासंगिक होने देगी। हालांकि, बजट 1 फरवरी 2026 को पेश होगा, जिसमें इन तमाम पहलुओं पर स्पष्टता मिल सकती है।

First Published - January 20, 2026 | 4:21 PM IST

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