हर साल बजट के साथ टैक्सपेयर्स की उम्मीदें और सवाल दोनों बढ़ जाते हैं। बजट 2026 भी कुछ ऐसा ही माहौल बना रहा है, जहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार ओल्ड टैक्स रिजीम हमेशा के लिए विदा ले लेगी या फिर उसे अभी और समय मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी बजट से पहले टैक्स को लेकर सरकार के इरादों पर चर्चा तेज हो चुकी है।
एक तरफ न्यू टैक्स रिजीम को आसान, साफ और कम झंझट वाला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लाखों ऐसे टैक्सपेयर हैं, जिनकी टैक्स प्लानिंग आज भी HRA, होम लोन और अलग-अलग छूटों पर टिकी हुई है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि सरकार किस रास्ते पर आगे बढ़ेगी।
टैक्स एक्सपर्ट का मानना है कि तस्वीर ब्लैक एंड व्हाइट नहीं है। बदलाव जरूर होगा, लेकिन झटके वाला नहीं। बजट 2026 इस दिशा में कौन से संकेत देगा, यही सबसे दिलचस्प पहलू है।
Taxspanner के CEO और को-फाउंडर सुधीर कौशिक का कहना है कि बजट 2026 में ओल्ड टैक्स रिजीम को एकदम से खत्म करने की संभावना न के बराबर है। सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के बजाय धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से कम प्रासंगिक बनाने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने कहा, “ओल्ड रिजीम अभी भी उन टैक्सपेयर्स के लिए महत्वपूर्ण है जो HRA, होम लोन (सेक्शन 24(b) और 80C), 80C, 80D जैसी छूटों का फायदा उठाते हैं। हाल ही में ITR फॉर्म में 80C, 80D और होम लोन से जुड़ी अधिक विस्तृत जानकारी मांगने के प्रावधान जोड़े गए हैं, जो ओल्ड रिजीम को आगे भी जारी रखने के संकेत हैं।”
हालांकि, अधिक आय वाले अधिकतर लोगों द्वारा न्यू रिजीम को अपनाने की दर अभी इतनी अधिक नहीं है कि इसे पूरी तरह ही अनिवार्य किया जा सके। सरकार की रणनीति टैक्सपेयर्स को बेहतर स्लैब, रिबेट और छूट देकर न्यू रिजीम की ओर प्रोत्साहित करने की है।
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यदि ओल्ड रिजीम समाप्त हो जाती है, तो कुछ ऐसे वर्ग है जो सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। जैसे:
न्यू रिजीम उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास कम छूटें हैं, लेकिन अधिक छूट वाले टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स बोझ बढ़ सकता है।
सरकार न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य चीजों को सरल बनाना और टैक्स बेस को ठीक करना है। इससे लाभ होंगे:
वैकल्पिक राहत की संभावना
यदि ओल्ड रिजीम हटाई जाती है, तो सरकार कुछ वैकल्पिक राहत दे सकती है, जैसे:
इस मकसद यह होगा कि टैक्स सिस्टम आसान रहे, ताकि लंबे समय की बचत और जरूरी खर्चों, जैसे घर खरीदना, पर टैक्स का बोझ न बढ़े।
अगर सरकार ओल्ड टैक्स रिजीम से स्थायी रूप से हटने की तैयारी में होगी, तो बजट में इसके कुछ साफ संकेत दिख सकते हैं। जैसे:
कौशिक का मानना है कि सरकार न्यू रिजीम को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी, लेकिन ओल्ड रिजीम को तत्काल खत्म करने की बजाय इसे धीरे-धीरे खुद अप्रासंगिक होने देगी। हालांकि, बजट 1 फरवरी 2026 को पेश होगा, जिसमें इन तमाम पहलुओं पर स्पष्टता मिल सकती है।