Shadowfax Technologies IPO: सामान पहुंचाने की सर्विसेज देने वाली कंपनी शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का आईपीओ सब्सक्राइब करने के लिए मंगलवार यानी 20 जनवरी को खुल गया। यह अप्लाई करने के लिए गुरुवार (22 जनवरी) तक खुला रहेगा। कंपनी ने अपने इश्यू के लिए प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर तय किया है। 1,907 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 1,000 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे। जबकि करीब 907.27 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा निवेशक बेचेंगे। शेयर बेचने वालों में फ्लिपकार्ट इंडिया, एट रोड्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरिशस, अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम, क्वालकॉम एशिया पैसिफिक, नोकिया ग्रोथ पार्टनर्स, न्यूक्वेस्ट एशिया फंड और मियारे एसेट शामिल हैं।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। यह कंपनी ऑनलाइन कारोबार से जुड़े पार्सल की डिलीवरी सेवाएं देती है। तेज डिलीवरी के साथ-साथ कंपनी कई दूसरी लॉजिस्टिक्स सेवाएं भी प्रदान करती है। कंपनी के ग्राहक ई-कॉमर्स कंपनियां, क्विक कॉमर्स (फास्ट डिलीवरी), ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और ऑन-डिमांड ट्रांसपोर्ट कंपनियां हैं। 30 सितंबर 2025 तक शैडोफैक्स का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ के जीएमपी में खुलने थोड़ी बहुत हलचल देखने को मिल रही है। ग्रे मार्केट में शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के नॉन-लिस्टेड शेयर मंगलवार को 130 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे थे। यह अपर प्राइस बैंड 124 रुपये से 6 रुपये या लगभग 4 फीसदी ज्यादा है। अगर लिस्टिंग पर यही रुझान रहता है तो निवेशकों को एक लॉट पर 720 रुपये का फायदा मिल सकता है।
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मास्टर कैपिटल सर्विसेज ने कहा कि भारत का लॉजिस्टिक्स उद्योग तेज़ विकास के दौर में प्रवेश कर रहा है। इसका मुख्य कारण ऑनलाइन रिटेल और क्विक कॉमर्स का तेज़ी से बढ़ना है। वित्त वर्ष 2025 में इस उद्योग का आकार करीब ₹21–23 लाख करोड़ आंका गया है। यह व्यापार और उपभोग को सहारा देने में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है।
ब्रोकरेज के अनुसार, क्विक कॉमर्स को छोड़कर ई-कॉमर्स का हिस्सा वित्त वर्ष 2025 में भारत के कुल रिटेल बाज़ार में करीब 6% था, जो 15–20% की CAGR से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक 9–10% तक पहुंचने का अनुमान है। इस बदलते माहौल में शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड एक टेक्नोलॉजी आधारित थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) प्लेटफॉर्म के रूप में मजबूत स्थिति में है। निवेशक इस आईपीओ को लॉन्ग टर्म के निवेश के तौर पर देख सकते हैं।
पॉल एसेट में इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट और 129 वेल्थ फंड में फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल का कहना है कि नई पीढ़ी के कारोबार में ऑपरेशनल प्रॉफिट की संभावना तलाशने वाले निवेशक शैडोफैक्स पर करीबी नजर रख सकते हैं। कंपनी की मौजूदगी भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरी क्षेत्र में है।
उन्होंने कहा कि शैडोफैक्स ई-कॉमर्स, हाइपरलोकल डिलीवरी और एसएमई लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है, जिन्हें मेट्रो शहरों से बाहर डिजिटल कारोबार के धीरे-धीरे औपचारिक होने से लगातार फायदा मिल रहा है। हालांकि, लॉजिस्टिक्स एक ऐसा कारोबार है जिसमें कामकाज को सही ढंग से अंजाम देना बेहद अहम होता है। निवेशकों के लिए सबसे अहम बात मार्जिन को बनाए रखना और लागत पर नियंत्रण रहेगा, खासकर लास्ट-माइल डिलीवरी में, जहां प्रतिस्पर्धा और कीमतों का दबाव ज्यादा है।
उन्होंने कहा निवेश के नजरिए से शैडोफैक्स उन निवेशकों को ज्यादा आकर्षित कर सकती है जो लंबे समय में परिचालन लाभ के सामने आने का इंतजार कर सकते हैं, न कि उन लोगों को जो लिस्टिंग के दिन तुरंत मुनाफे की उम्मीद रखते हैं।
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शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज ने अपने आईपीओ के लिए 118 से 124 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इसके एक लॉट में 120 शेयर होंगे। अपर प्राइस पर एक लॉट के लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,880 रुपये लगाने होंगे।शेयरों का अलॉटमेंट 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को तय किया जाएगा। शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के शेयर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 23 जनवरी 2026 को लिस्ट होंगे। इश्यू के लिए केफिन टेक्नोलॉजीज को रजिस्ट्रार बनाया गया है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टैनली इंडिया और जेएम फाइनेंशियल इस निर्गम का प्रबंधन कर रहे हैं।
कंपनी ने बताया है कि नए शेयरों से मिलने वाली रकम में से 42.34 करोड़ रुपये नेटवर्क ढांचे को मजबूत करने पर खर्च किए जाएंगे। 13.86 करोड़ रुपये नए केंद्रों के लिए किराये के भुगतान में लगाए जाएंगे। इसके अलावा 8.85 करोड़ रुपये पब्लिसिटी, मार्केटिंग जैसी कार्यों में खर्च किए जाएंगे। बची हुई राशि भविष्य में किसी कंपनी के अधिग्रहण और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।