जैसे-जैसे देश की आबादी उम्र के नए पड़ाव पर पहुंच रही है, वैसे-वैसे रिटायरमेंट को लेकर चिंता भी बढ़ती जा रही है। पहले जहां बुढ़ापे का सहारा परिवार होता था, अब वह व्यवस्था धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। बजट 2026 से पहले इसी मुद्दे पर बहस तेज है। PB फिनटेक के जॉइंट ग्रुप CEO सरबवीर सिंह मानते हैं कि अब रिटायरमेंट प्लानिंग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि सही नीतियों और बेहतर पेंशन सिस्टम के जरिए आम लोगों को भविष्य के लिए ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है।
गौरतलब है कि देश में फिलहाल 60 साल से ज्यादा उम्र के करीब 14 करोड़ लोग हैं, जो कुल जनसंख्या का लगभग 10 फीसदी हिस्सा है। अनुमानों के मुताबिक, 2047 तक यह संख्या दोगुनी हो सकती है, और तब हर पांच भारतीयों में से एक की उम्र 60 से ऊपर होगी। सरबवीर सिंह कहते हैं कि लंबी उम्र और बढ़ती उम्र का असर लोगों के रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी पर पड़ेगा। खासकर तब जब परिवारों का पुराना सहारा कमजोर पड़ रहा है। ऐसे में एक मजबूत और भरोसेमंद पेंशन सिस्टम की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है।
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सरबवीर सिंह के मुताबिक, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को और ज्यादा लोकप्रिय बनाने की जरूरत है। बजट 2026 में अगर न्यू टैक्स रेजीम के तहत NPS में डाले गए पैसे पर टैक्स छूट दी जाए, तो यह सैलरी पाने वालों और खुद का काम करने वालों दोनों के लिए फायदेमंद होगा। इससे लोग लंबे समय तक नियमित रूप से रिटायरमेंट के लिए पैसा जोड़ने के लिए प्रेरित होंगे। जैसे-जैसे देश की आबादी बूढ़ी हो रही है, वैसे-वैसे पेंशन प्लानिंग को ज्यादा आकर्षक और सुरक्षित बनाना जरूरी है। ताकि रिटायरमेंट के बाद लोग पैसे के मामले में खुद पर निर्भर रह सकें।
कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए भी एक मौजूदा टैक्स फायदा का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। सरबवीर सिंह सुझाव देते हैं कि कर्मचारी के टैक्स लाभ को कंपनी के योगदान से अलग कर दिया जाए। इससे कर्मचारी अपनी मर्जी से NPS में डाले गए पैसे पर तय लिमिट तक टैक्स छूट ले सकेंगे, भले कंपनी पैसा डाले या न डाले। यह कदम न सिर्फ ज्यादा लोगों को पेंशन सिस्टम से जोड़ेगा, बल्कि नौकरी के अलग-अलग दौर में भी बचत जारी रखने में मदद करेगा।
ऐसे बदलाव लंबे समय में भारत की पेंशन व्यवस्था को दुनिया के उन सिस्टमों के बराबर ला सकते हैं जहां रिटायरमेंट बचत को खास तौर पर बढ़ावा दिया जाता है। इससे लोगों को आने वाले दिनों में एक मजबूत आर्थिक आधार मिलेगा। सरबवीर सिंह का यह बयान बजट 2026 के लिए एक अहम सुझाव की तरह देखा जा रहा है, जो देश की बदलती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाने पर जोर देता है।