facebookmetapixel
50% टैरिफ, फिर भी नहीं झुके भारतीय निर्यातक, बिल चुकाया अमेरिकी खरीदारों नेनई नैशनल इले​क्ट्रिसिटी पॉलिसी का मसौदा जारी, पावर सेक्टर में 2047 तक ₹100 लाख करोड़ निवेश का अनुमानखदानें रुकीं, सप्लाई घटी, क्या कॉपर बनने जा रहा है अगली सुपरहिट कमोडिटी, एक्सपर्ट से जानेंभारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध के करीब थे, मैंने संघर्ष रोका: व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में ट्रंप ने फिर किया दावाAmagi Media Labs IPO ने निवेशकों को किया निराश, 12% डिस्काउंट पर लिस्ट हुए शेयरGold and Silver Price Today: सोने ने हासिल की नई ऊंचाई, चांदी सुस्त शुरुआत के बाद सुधरीBudget 2026: PSU के भरोसे कैपेक्स को रफ्तार देने की तैयारी, अच्छी कमाई के लिए ब्रोकरेज की पसंद बने ये 6 सेक्टरReliance Share: 30% उछलेगा स्टॉक! ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; कहा – जियो लिस्टिंग और रिटेल ग्रोथ से मिलेगी रफ्तारभारत में एंट्री को तैयार ऐपल पे, साल के अंत तक डिजिटल भुगतान बाजार में मचा सकता है हलचलStocks to watch Today: Dr Reddys से लेकर Eternal और United Spirits तक, बुधवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजर

Q4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूत

हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्र ने दावा किया चांदी और कम लागत का असर दिख रहा है और चौथी तिमाही में हिंदुस्तान जिंक इतिहास रचेगा

Last Updated- January 20, 2026 | 9:47 PM IST
Hindustan Zinc Ltd (HZL) CEO Arun Misra
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्र | फाइल फोटो

हिंदुस्तान जिंक ने तीसरी तिमाही में चांदी के राजस्व में भारी उछाल और पांच वर्षों में अपनी सबसे कम लागत की मदद से अब तक का सबसे अधिक त्रैमासिक लाभ दर्ज किया। साकेत कुमार के साथ साक्षात्कार में कंपनी के सीईओ अरुण मिश्र ने लाभ की स्थिरता, चांदी व्यवसाय में विस्तार योजनाओं, लाभांश पर नजरिये और महत्त्वपूर्ण खनिजों में कंपनी के प्रवेश के बारे में विस्तार से बातचीत की। मुख्य अंश:

हिंदुस्तान जिंक ने पिछले पांच साल में जस्ता उत्पादन की सबसे कम लागत दर्ज की है। क्या आने वाली तिमाही में भी इतनी कम लागत को बनाए रखा जा सकता है?

हां, यह कमी ढांचागत रूप से टिकाऊ है। इसका एक मुख्य कारण कोयले और बिजली की कम लागत है। अब हम घरेलू कोयले का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल कर पा रहे हैं और अपने पावर प्लांट पर काम कर रहे हैं ताकि जब भी ज्यादा घरेलू कोयला उपलब्ध हो, तो हम उसे कुशलता से इस्तेमाल कर सकें। जैसे-जैसे कोल इंडिया का विस्तार होगा, घरेलू कोयले की उपलब्धता और बेहतर होगी।

पिछले कुछ महीनों में चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है और इससे आपके मुनाफे में भी इजाफा हुआ है। क्या आपको उम्मीद है कि चांदी इसी रफ्तार से बढ़ती रहेगी? क्या आप उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रहे हैं?

अगर हम अयस्क का ग्रेड बदल पाए, तो हम निश्चित रूप से चांदी का उत्पादन बढ़ाएंगे। लेकिन ग्रेड फिक्स है और जैसे-जैसे हम गहराई में जाते हैं, इसका प्रबंधन करना और मुश्किल होता जाता है। हम जो कर सकते हैं और सक्रियता के साथ कर रहे हैं, वह है रिकवरी पर अधिक जोर देना। हम मिलों में चांदी की रिकवरी बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।

हमारे फ्यूमर प्लांट ने इस साल लगभग 8 टन का योगदान दिया। अगले बिजनेस प्लान साइकल में, इससे हमें 34-35 टन अतिरिक्त चांदी मिलनी चाहिए। हम एक सर्किट की डीप डीबॉटलनेकिंग भी कर रहे हैं, जिससे हमें एक लेड-सिल्वर केक मिलेगा जिसे आगे प्रोसेस किया जा सकता है। यह इस साल अप्रैल-मई के आसपास तैयार हो जाना चाहिए। इसके अलावा, हमने जिंक कंसंट्रेट में फंसी चांदी को निकालने के लिए 200 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है। अगर इस पर उम्मीद के मुताबिक काम होता है, तो यह फ्यूमर रूट का विकल्प बन सकती है और आगे चलकर 30-35 टन और चांदी जोड़ सकती है।

आगे चांदी के दामों पर आपका क्या नजरिया है?

इस बारे में भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल है। जनवरी में मुझे काफी भरोसा था कि चांदी 41 डॉलर तक पहुंचेगी और यह पहले ही उससे काफी आगे निकल चुकी है। आज के माहौल में, मैं कीमत का अंदाजा लगाकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहूंगा।

इस तिमाही में आप फिर से शुद्ध नकदी के लिहाज से मजबूत हो गए हैं। क्या शेयरधारकों को इस साल ज्यादा लाभांश मिलने की उम्मीद करनी चाहिए?

लाभांश बोर्ड का फैसला होता है। अभी हमारा फोकस वृद्धि पर है।

First Published - January 20, 2026 | 9:42 PM IST

संबंधित पोस्ट