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दावोस में करार: मिल्की मिस्ट का महाराष्ट्र में बड़ा दांव, 1,130 करोड़ रुपये से बनेगा मेगा डेरी प्लांट

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यह करार दावोस में आयोजित हो रही विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में किया गया

Last Updated- January 23, 2026 | 10:11 PM IST
Milky Mist
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत की अग्रणी वैल्यू-एडेड डेरी कंपनी मिल्की मिस्ट डेरी फूड लिमिटेड ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत कंपनी राज्य में बड़े पैमाने पर दूध प्रसंस्करण और डेरी उत्पादों के निर्माण की इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में कुल निवेश करीब 1,130 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इससे लगभग 800 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय आजीविका को मजबूती मिलेगी और क्षेत्रीय डेरी इकोसिस्टम को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। 

यह करार दावोस में आयोजित हो रही विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में किया गया। इस समझौते पर मिल्की मिस्ट के सीईओ के. रत्नम ने हस्ताक्षर किए। यह कदम दक्षिण भारत से बाहर कंपनी के विस्तार योजनाओं की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।

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इस एमओयू के तहत मिल्की मिस्ट राज्य में 10 लाख लीटर प्रतिदिन (एलएलपीडी) क्षमता का दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करेगी, जिसे आगे चलकर 25 एलएलपीडी तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस इकाई में पनीर, योगर्ट, दही, मोजरेला चीज, आइसक्रीम, मक्खन और घी सहित विविध डेरी उत्पाद बनाए जाएंगे। यह परियोजना 1,94,866 वर्ग मीटर (करीब 48.15 एकड़) भूमि पर विकसित की जाएगी, जिसे महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) द्वारा आवंटित किया गया है। यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। संयंत्र के लिए दूध की खरीद राज्य के भीतर से ही की जाएगी। 

उद्यमी टी. सतीश कुमार द्वारा 1997 में स्थापित मिल्की मिस्ट आज भारत की अग्रणी वैल्यू-एडेड डेरी कंपनियों में शुमार है। कंपनी अपनी किसानों के साथ मजबूत जुड़ाव, तकनीक आधारित संचालन और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रीमियम डेरी उत्पादों के लिए जानी जाती है। समझौते पर टिप्पणी करते हुए के. रत्नम ने कहा, ‘यह एमओयू भारत की डेरी वैल्यू चेन को मजबूत बनाने और किसानों व समुदायों के लिए सतत आर्थिक अवसर सृजित करने के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

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First Published - January 23, 2026 | 9:59 PM IST

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