कंपनियों की आय में धीमी वृद्धि और भारत-अमेरिका व्यापार मोर्चे पर प्रगति नहीं होने के बीच विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं जिससे बेंचमार्क सूचकांकों में आज भारी गिरावट देखी गई। निफ्टी में सितंबर के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स 770 अंक या 0.9 फीसदी के नुकसान के साथ 81,538 पर बंद हुआ। निफ्टी 241 अंक या 1 फीसदी की गिरावट के साथ 25,049 पर बंद हुआ। इस हफ्ते सेंसेक्स 2.4 फीसदी और निफ्टी 2.5 फीसदी नुकसान में रहा। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को 7 लाख करोड़ रुपये घटकर 452 लाख करोड़ रुपये रहा। पूरे हफ्ते में बाजार पूंजीकरण में करीब 16 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव की वजह से पूरे हफ्ते बाजार में उठापटक रही। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर ताकत का उपयोग नहीं करने और उनके रुख का विरोध करने वाले देशों पर शुल्क की चेतावनी वापस लेने से बाजार को कुछ राहत मिली है।
अल्फानीति के सह-संस्थापक यू आर भट्ट ने कहा, ‘ ट्रंप के बयान के बावजूद ग्रीनलैंड मुद्दे का क्या नतीजा होगा, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।’
आम बजट से पहले निवेशक भी सतर्कता बरत रहे हैं। वहीं वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के शुरुआती नतीजों ने कंपनियों की मुनाफे को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। अभी तक जितनी कंपनियों ने नतीजे जारी किए हैं उनका कुल शुद्ध मुनाफा महज 3.5 फीसदी बढ़ा है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक शुद्ध बिकवाल बने रहे। उन्होंने जनवरी में अभी तक 33,958 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जो अगस्त 2025 के बाद किसी भी महीने में सबसे ज्यादा बिकवाली है। आज विदेशी निवेशकों ने 4,113 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 4,103 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भट्ट ने कहा, ‘बाजार के ज्यादातर प्रतिभागियों को लगता है कि व्यापार करार जल्द होने वाला नहीं है। विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बावजूद सूचकांक अभी भी रिकॉर्ड उच्च स्तर से केवल 5 फीसदी नीचे हैं। रुपये में गिरावट, भू-राजनीतिक तनाव और कंपनियों की आय में नरमी जैसी चुनौतियों के साथ बाजार में जोखिम बना हुआ है तथा इसमें और गिरावट की आशंका है।’
अमेरिकी बाजार नियामक ने अदाणी समूह के संस्थापक गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों के उल्लंघन और सौर ऊर्जा अनुबंध से जुड़े रिश्वतखोरी के आरोप वाले मुकदमे के बारे में औपचारिक जानकारी के लिए डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में संपर्क किया है। इस खबर से अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई।
इंडिगो का संचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 77.6 फीसदी घट गया। कंपनी का नतीजा गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद आया था इसलिए आज बाजार ने इस पर प्रतिक्रिया दी और कंपनी का शेयर 4.3 फीसदी टूट गया।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 2,989 शेयर नुकसान में और 1,229 लाभ में बंद हुए। सेंसेक्स शेयरों में इटर्नल में सबसे ज्यादा 6.3 फीसदी की गिरावट आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘तिमाही नतीजे जारी करने का सीजन चल रहा है इसलिए इनसे जुड़े कुछ शेयरों में उठापटक बने रहने के आसार हैं जबकि निवेशकों का रुख कुल मिलाकर सतर्क बना हुआ है।’