facebookmetapixel
Advertisement
ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोयला से गैस बनाना भारत की नई राष्ट्रीय प्राथमिकताEditorial: सुनील मित्तल के उत्तराधिकार प्लान से भारती एयरटेल में बड़े बदलाव की आहटपश्चिम एशिया संकट: क्या भारत बनेगा खाड़ी देशों का नया और सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार?महाराष्ट्र सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए ₹6.5 लाख करोड़ के किए समझौते, पैदा होगीं 1.23 लाख नौकरियां Explainer: Physical Gold, ETF या नया EGR? सोने में निवेश का कौन सा विकल्प है आपके लिए बेस्टदिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 की पाबंदियां लागू, वायु गुणवत्ता ‘खराब’ कैटेगरी में पहुंची Chana Price: चना हुआ गरम, आवक घटने और निचले भाव पर खरीद बढ़ने से भाव चढ़ेम्युचुअल फंड में महिला निवेशकों का AUM FY26 में ₹11 लाख करोड़ के पार, SIP में 29% हिस्सेदारीExplainer: क्या सिर्फ परिवार की प्रॉपर्टी में रहने से मिल जाता है मालिकाना हक? जानिए कानून क्या कहता हैThe Wealth Company बनी EGR से जुड़ने वाली पहली AMC, अब NSE पर मिलेगा शेयर की तरह सोना

Visa फ्लेक्स जल्द ही भारत में आएगा, एक ही कार्ड से डेबिट और क्रेडिट दोनों का मिलेगा लाभ

Advertisement

कंपनी अब प्लास्टिक मनी में अपने नवाचार - क्रेडिट और डेबिट कार्ड दोनों के लिए 16 अंकों का एक ही कार्ड क्रेडेंशियल, को अब भारत लाने की तैयारी में है

Last Updated- January 23, 2026 | 10:58 PM IST
VISA
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वीजा जल्द ही प्लास्टिक मनी में अपने  एक नवाचार को भारत ला सकती है। इससे कार्डधारकों को क्रेडिट और डेबिट के लिए अलग-अलग कार्ड रखने की जरूरत नहीं होगी और समान क्रेडेंशियल यानी एक ही कार्ड से ही झट से भुगतान हो जाएगा। वीजा अपनी इस सुविधा को जापान में सफलतापूर्वक शुरू कर चुकी है जिसके अच्छे नतीजे मिले हैं। कंपनी अब प्लास्टिक मनी में अपने नवाचार – क्रेडिट और डेबिट कार्ड दोनों के लिए 16 अंकों का एक ही कार्ड क्रेडेंशियल, को अब भारत लाने की तैयारी में है।

वीजा फ्लेक्सिबल क्रेडेंशियल ऐसा कार्ड है जिसे लेनदेन सीमा या मर्चेंट के प्रकार के आधार पर तथा ग्राहक की पसंद और बैंक की जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड दोनों के रूप में उपयोग किया जा सकता है। कार्ड का 16 अंकों का क्रेडेंशियल समान रहता है।

उदाहरण के लिए छोटे मूल्य के लेनदेन के लिए कार्डधारक इसे डेबिट कार्ड के रूप में उपयोग कर सकते हैं जबकि उच्च मूल्य की खरीदारी के लिए इसे क्रेडिट कार्ड के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

वीजा में भारत और दक्षिण एशिया के ग्रुप कंट्री मैनेजर संदीप घोष ने कहा, ‘कई भारतीय एक से अधिक भुगतान कार्ड रखते हैं। इससे कभी-कभी मर्चेंट चेकआउट  पर सही कार्ड (फंडिंग के स्रोत जैसे क्रेडिट/डेबिट/प्रीपेड, ईएमआई आदि) चुनना मुश्किल हो जाता है।’ उन्होंने बताया, ‘वीजा फ्लेक्सिबल क्रेडेंशियल (वीजा फ्लेक्स) 16 अंकों के एक ही वीजा क्रेडेंशियल में कई वित्तीय स्रोतों को जोड़कर ग्राहकों को डेबिट, क्रेडिट, प्रीपेड, बीएनपीएल (बाय नाउ, पे लैटर) आदि के बीच स्विच करने की सुविधा देता है।’

घोष ने बताया कि उपयोगकर्ता अपने बैंक के ऐप पर आसान, स्मार्ट नियम सेट कर सकते हैं (जैसे डेबिट कार्ड से रोजाना घरेलू खर्च, क्रेडिट पर महंगे सामान की खरीदारी, फॉरेक्स कार्ड से विदेश में खर्च, वगैरह)। उन्होंने कहा, ‘इससे मर्चेंट चेकआउट (ई-कॉमर्स साइट/पॉइंट ऑफ सेल आदि) पर कार्ड बदलने की जरूरत नहीं होगी और ग्राहक एक ही क्रेडेंशियल से भुगतान कर सकता है। इससे उसे ज्यादा आसानी होती है।’

वीजा फ्लेक्स को जापान में सूमीतोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन और सूमीतोमो मित्सुई कार्ड कंपनी के साथ ऑलिव के नाम से पेश किया गया था। इसमें उपयोगकर्ताओं को डेबिट, क्रेडिट और रिवॉर्ड पॉइंट्स के बीच स्विच करने की सुविधा होती है।

वर्तमान में 50 लाख से ज्यादा खाताधारक ऑलिव का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले साल इसकी वजह से जापान के राष्ट्रीय औसत से 40 फीसदी अधिक लेनदेन हुए। यह कार्ड छोटे कारोबारियों को एक ही ऑलिव कार्ड का इस्तेमाल करके कारोबारी और व्यक्तिगत खाते के बीच स्विच करने की सुविधा भी देता है, जिससे क्रेडिट और नकद प्रवाह प्रबंधन बेहतर तरीके से हो पाता है। घोष ने कहा कि वीजा इस नवाचार को भारत में लाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, ‘यह समाधान जापान में पहले ही लाया जा चुका है, जहां यह बहुत सफल रहा है। हम इस नवाचार को भारत में लाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा।’

इस वैश्विक कार्ड नेटवर्क के लिए भारत महत्त्वपूर्ण बाजार है, जहां उसे क्रेडिट की कम पहुंच की वजह से मौके दिख रहे हैं। भारत के 1 लाख करोड़ डॉलर के उपभोक्ता बाजार में करीब 50 फीसदी लेनदेन अभी भी नकद में संचालित होती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में क्रेडिट कार्ड में बढ़ोतरी धीमी रही है। 2023 में लगभग 20 फीसदी बढ़ने के बाद 2024 में क्रेडिट कार्ड की संख्या करीब 10 फीसदी बढ़ी और नवंबर 2025 तक यह सालाना आधार पर 6.3 फीसदी बढ़ी। 

Advertisement
First Published - January 23, 2026 | 10:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement