facebookmetapixel
Visa फ्लेक्स जल्द ही भारत में आएगा, एक ही कार्ड से डेबिट और क्रेडिट दोनों का मिलेगा लाभबिकवाली और आयातकों की मांग से रुपया डॉलर के मुकाबले 91.96 पर, एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बनीIndusInd Bank Q3 Results: मुनाफे पर पड़ा भारी असर, लाभ 91% घटकर ₹128 करोड़ पर पहुंचाविदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्जपेमेंट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड खत्म होने से फिनटेक फर्मों के राजस्व पर मामूली असर भारत ब्राजील से तेल की खरीद दोगुनी करेगा, BPCL-पेट्रोब्रास 78 करोड़ डॉलर के समझौते पर करेंगे हस्ताक्षरअमीर निवेशकों की पसंद बने AIF, निवेश प्रतिबद्धता 16 लाख करोड़ रुपये के पारमुक्त व्यापार समझौते के करीब भारत और यूरोपीय यूनियन, 27 जनवरी को हो सकता है बड़ा ऐलानभू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना, चांदी और प्लैटिनम रिकॉर्ड स्तर परमुनाफे में 8% उछाल के साथ इंडियन बैंक की दमदार तिमाही, MD बोले: हम बिल्कुल सही रास्ते पर

अमेरिका पर अपनी निर्भरता घटाने की तैयारी में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, यूरोप बनेगा नया फोकस मार्केट

सभी आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका प्रमुख बाजार रहा है और वह आम तौर पर उनके राजस्व में लगभग 50 प्रतिशत का योगदान देता है

Last Updated- January 23, 2026 | 10:19 PM IST
Persistent Systems
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

आईटी सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स यूरोप में अपनी मौजूदगी का विस्तार और मुख्य भौगोलिक बाजार के रूप में अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने पर विचार कर रही है। लगभग सभी आईटी सेवा कंपनियों को प्रभावित करने वाले व्यापक आर्थिक हालात की अनिश्चितता और अस्थिरता के मद्देनजर वह ऐसा कर रही है। 

सभी आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका प्रमुख बाजार रहा है और वह आम तौर पर उनके राजस्व में लगभग 50 प्रतिशत का योगदान देता है। लेकिन पर्सिस्टेंट के मामले में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से भी अधिक है। इसके विपरीत यूरोप ने 31 दिसंबर को समाप्त तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी के राजस्व में केवल 8.5 प्रतिशत का योगदान दिया। कंपनी के मुख्य कार्य अधिकारी और प्रबंध निदेशक संदीप कालरा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम यूरोप में अपना राजस्व बढ़ाना चाहते हैं। बाजार में जो हो रहा है, उसे देखते हुए और वैसे भी हम यूरोप में राजस्व में कुछ और विविधता चाहेंगे। लक्ष्य दीर्घावधि के आधार पर 12 से 15 प्रतिशत के दायरे में होना है।’ 

Also Read: Cipla Q3FY26 Results: मुनाफा 57% घटकर ₹676 करोड़, अमेरिकी कारोबार में कमजोरी से झटका; शेयर 3.7% फिसले

इसके लिए कंपनी को अपनी अधिग्रहण रणनीति में बदलाव करना होगा, जो मुख्य रूप से क्षमता बढ़ाने के लिए छोटे-मोटे अधिग्रहण रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम यूरोप जाते हैं, तो हम बड़े स्तर का अधिग्रहण करेंगे, जो हमें ग्राहकों की क्षमता तक पहुंच प्रदान करेगा। हमें ग्राहकों तक पहुंच की आवश्यकता है क्योंकि यूरोप में हमारे पास यही कमी है। इस लिहाज से अमेरिका में हमारे पास ग्राहक हैं तथा हम क्षमता और बढ़ाना चाहते हैं।’

First Published - January 23, 2026 | 10:19 PM IST

संबंधित पोस्ट