Wipro Q3FY26 results: देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक विप्रो ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तिसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। Q3FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 7 फीसदी घटकर 3,119 करोड़ रुपये रह गया। गिरावट की मुख्य वजह नए श्रम कानूनों (Labour Codes) के लागू होने से 302.8 करोड़ रुपये का एकमुश्त अस्थायी (प्रोविजनल) प्रभाव रहा। बेंगलुरु हेडक्वार्टर वाली इस कंपनी ने एक साल पहले की समान तिमाही में 3,353.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इसके साथ ही कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को प्रति शेयर 6 रुपये के डिविडेंड का तोहफा दिया।
कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि विप्रो का ऑपरेशन से रेवेन्यू तीसरी तिमाही में 5.5 फीसदी बढ़कर 23,555.8 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 22,318.8 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर (QoQ), विप्रो का मुनाफा 3.9 फीसदी घटा जबकि रेवेन्यू 3.7 फीसदी बढ़ा।
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शेयर बाजार को दी सूचना में कंपनी ने बताया कि हमें उम्मीद है कि हमारे आईटी सर्विसेज बिजनेस सेगमेंट से रेवेन्यू 2,635 मिलियन डॉलर से 2,688 मिलियन डॉलर के दायरे में रहेगा। स्थिर मुद्रा (कॉन्स्टेंट करेंसी) में यह तिमाही आधार पर 0 से 2.0 फीसदी की वृद्धि हो सकती है।
विप्रो के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीनी पल्लिया ने कहा, “तीसरी तिमाही में हमने अपनी उम्मीदों के अनुरूप व्यापक आधार पर वृद्धि दर्ज की है। जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक रणनीतिक जरूरत बनता जा रहा है, विप्रो इंटेलिजेंस एक अहम डिफरेंशिएटर के रूप में उभर रहा है और इस तिमाही में कई नई डील जीतने में योगदान दिया है। इस दौरान हमारे AI-एनेबल प्लेटफॉर्म्स और सॉल्यूशंस को तेजी से अपनाया गया। हमने WINGS और WEGA के जरिए AI-आधारित डिलीवरी को बड़े स्तर पर लागू किया और दुनिया भर के विभिन्न स्थानों पर अपने इनोवेशन नेटवर्क का विस्तार किया।”
विप्रो की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अपर्णा अय्यर ने कहा, “हमारी आईटी सर्विसेज की ऑपरेटिंग मार्जिन 17.6 फीसदी रही, जिसमें तिमाही और सालाना आधार दोनों स्तरों पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह पिछले कुछ वर्षों में हमारा सबसे बेहतर मार्जिन प्रदर्शन है। एक्जीक्यूशन पर हमारा लगातार फोकस तीसरी तिमाही में नेट इनकम के 135 फीसदी के बराबर मजबूत ऑपरेटिंग कैश फ्लो में भी दिखता है। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बोर्ड ने प्रति शेयर 6 रुपये के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है, जिससे साल के लिए कुल भुगतान 1.3 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।”
बड़े प्रतिस्पर्धी TCS, इंफोसिस और HCLTech ने भी अपनी तीसरी तिमाही (Q3) की रिपोर्ट में नए श्रम कानूनों (Labour Codes) के लागू होने से महत्वपूर्ण प्रभाव दर्ज किया।
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इस सप्ताह की शुरुआत में, TCS ने कहा कि Q3FY26 में नए श्रम कानूनों के लागू होने से 2,128 करोड़ रुपये का वैधानिक (statutory) प्रभाव पड़ा, जबकि इंफोसिस को इस तिमाही में 1,289 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। HCLTech ने भी इसके लागू होने से जुड़े एकमुश्त प्रावधान के रूप में 82 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 719 करोड़ रुपये) का खर्च दर्ज किया।
विप्रो का शेयर शुक्रवार को बीएसई पर 267.25 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 2.73 फीसदी ज्यादा है।
(PTI इनपुट के साथ)