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निफ्टी की रफ्तार पर ब्रेक! PL कैपिटल ने घटाया टारगेट, बैंक से डिफेंस तक इन सेक्टरों पर जताया भरोसा

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वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच PL कैपिटल ने निफ्टी का 12 महीने का लक्ष्य घटाकर 28,814 किया, निकट अवधि में सतर्क रुख जताया

Last Updated- January 22, 2026 | 12:32 PM IST
Stock Market today

Stock Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार की तेजी फिलहाल थम सी गई है। पिछले कुछ महीनों में निफ्टी ने जो ऊंचाई छुई थी, वह अब पीछे छूटती नजर आ रही है। दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर जारी खींचतान ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। नतीजा यह है कि बाजार अब जोश से ज्यादा सोच-समझ कर कदम बढ़ा रहा है।

वैश्विक उथल-पुथल ने छीना बाजार का दम

PL कैपिटल की रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक राजनीति में बदलते समीकरण और अमेरिका के साथ भारत का टैरिफ विवाद बाजार की चाल को बार-बार रोक रहा है। अनिश्चितता बढ़ी है, भरोसा डगमगाया है और निफ्टी हाल के महीनों की लगभग पूरी बढ़त गंवा चुका है। बाजार अब एक दायरे में कैद नजर आ रहा है।

हालांकि तस्वीर का दूसरा पहलू उतना निराशाजनक नहीं है। देश के भीतर मांग के संकेत अब भी मजबूत हैं। ब्याज दरों में कटौती, जीएसटी दरों में बदलाव, इनकम टैक्स में राहत और कम महंगाई ने आम उपभोक्ता के मन में भरोसा जगाया है। PL कैपिटल का कहना है कि तीसरी तिमाही और उसके बाद भी आर्थिक गतिविधियों में जान बनी रह सकती है।

PL कैपिटल के को-हेड (इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज) अम्निश अग्रवाल के मुताबिक, इनकम टैक्स में कटौती, रेपो रेट में कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कमी, सामान्य मानसून और कई वर्षों की सबसे कम महंगाई ने अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया है। लेकिन जैसे-जैसे 2027 का बजट नजदीक आ रहा है, सरकार का ध्यान बड़े धमाकेदार ऐलानों से ज्यादा संरचनात्मक सुधारों पर टिकता दिख रहा है।

यह भी पढ़ें: बजट से पहले बड़ा संकेत! डिफेंस और इंफ्रा बनेंगे गेमचेंजर, निफ्टी को भी मिल सकती है नई रफ्तार

निफ्टी टारगेट घटा, लेकिन भरोसा कायम

PL कैपिटल ने निफ्टी के 12 महीने के लक्ष्य में हल्की कटौती करते हुए इसे 29,094 से घटाकर 28,814 कर दिया है। मुनाफे के अनुमानों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं, फिर भी ब्रोकरेज का मानना है कि FY26 से FY28 के बीच निफ्टी EPS सालाना 14.8% की रफ्तार से बढ़ सकता है। यानी मंजिल थोड़ी दूर खिसकी है, पर सफर जारी है।

रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि आने वाले समय में बाजार से बड़ी छलांग की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी। PL कैपिटल का मानना है कि इस दौर में लार्ज-कैप शेयर ही बेहतर सहारा देंगे। पिछले 12 महीनों में 16–17% का रिटर्न देने वाले ये शेयर आगे भी निवेशकों का भरोसा जीत सकते हैं। बैंक, एनबीएफसी, ऑटो, चुनिंदा एफएमसीजी, ज्वेलरी, डिफेंस और मेटल सेक्टर पर नजर टिकाए रखने की सलाह दी गई है।

तीसरी तिमाही में मांग की असली तस्वीर

FY26 की तीसरी तिमाही में मांग की तस्वीर मिली-जुली रही है। ऑटो सेक्टर में जीएसटी बदलाव के बाद दोपहिया, पैसेंजर वाहन और ट्रैक्टर की बिक्री ने रफ्तार पकड़ी है। ज्वेलरी सेक्टर में सोने की कीमतें 65% बढ़ने के बावजूद बिक्री में 30–40% की उछाल देखने को मिली। वहीं कपड़ा, फुटवियर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में मांग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। ग्रामीण भारत की मांग शहरी इलाकों से आगे निकलती दिख रही है।

बजट 2026–27: बड़े धमाके की उम्मीद कम

PL कैपिटल का कहना है कि आने वाला बजट ऐसे समय में पेश होगा, जब वैश्विक माहौल चुनौतीपूर्ण है, लेकिन भारत अब भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। पिछले साल टैक्स और जीएसटी में बड़ी राहत के बाद इस बार बजट में किसी बड़े ऐलान की उम्मीद कम है। फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबे समय के सुधारों पर रहने की संभावना है।

रिपोर्ट चेतावनी देती है कि कमजोर टैक्स कलेक्शन और बढ़ते खर्च के चलते राजकोषीय घाटा लक्ष्य से थोड़ा फिसल सकता है। हालांकि सरकार इसे काबू में रखने की पूरी कोशिश करेगी। रक्षा खर्च में बढ़ोतरी और चुनिंदा इंफ्रा सेक्टरों में निवेश जारी रहने की उम्मीद जताई गई है।

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First Published - January 22, 2026 | 12:18 PM IST

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