Union Budget 2026 से पहले शेयर बाजार की धड़कनें तेज हैं और निवेशकों की निगाहें सरकार की प्राथमिकताओं पर टिकी हुई हैं। इसी बीच स्मॉलकेस (smallcase) प्लेटफॉर्म पर मौजूद निवेश मैनेजर्स के प्री-बजट सर्वे ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाला बजट बड़े उलटफेर नहीं, बल्कि मजबूत और भरोसेमंद रास्ते पर आगे बढ़ने वाला है। सर्वे के मुताबिक, सरकार का फोकस एक बार फिर पूंजीगत खर्च पर रहेगा और इसका सबसे बड़ा फायदा डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिल सकता है।
सर्वे में शामिल करीब 40 फीसदी स्मॉलकेस मैनेजर्स का मानना है कि यूनियन बजट 2026 में सबसे ज्यादा चमक डिफेंस सेक्टर में दिखेगी। आत्मनिर्भर भारत की सोच, रक्षा उपकरणों का आधुनिकीकरण, बढ़ती निर्यात संभावनाएं और सरकार की लगातार खर्च करने की नीति इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। मैनेजर्स का मानना है कि डिफेंस अब सिर्फ रणनीतिक जरूरत नहीं, बल्कि लंबी अवधि का मजबूत निवेश थीम बन चुका है।
डिफेंस के बाद सबसे ज्यादा उम्मीदें इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से लगाई जा रही हैं। करीब 29 फीसदी मैनेजर्स का कहना है कि सरकार सड़कों, रेल, ऊर्जा और शहरी ढांचे पर सार्वजनिक निवेश को जारी रखेगी। उनका मानना है कि इंफ्रा पर खर्च अर्थव्यवस्था में लंबे समय तक ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने वाला सबसे बड़ा इंजन साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ें: Budget 2026: PSU के भरोसे कैपेक्स को रफ्तार देने की तैयारी, अच्छी कमाई के लिए ब्रोकरेज की पसंद बने ये 6 सेक्टर
बजट से पहले बाजार की दिशा को लेकर भी मैनेजर्स का मूड पॉजिटिव नजर आ रहा है। सर्वे के अनुसार, 82 फीसदी से ज्यादा स्मॉलकेस मैनेजर्स को उम्मीद है कि निफ्टी 50 वित्त वर्ष 2026–27 के अंत तक 25,000 के ऊपर बंद होगा। इनमें से लगभग आधे मैनेजर्स निफ्टी को 27,500 से भी ऊपर जाते हुए देख रहे हैं। यह भरोसा बताता है कि भारतीय शेयर बाजार की कहानी अभी लंबी है।
महंगाई को लेकर भी तस्वीर सुकून देने वाली दिख रही है। सर्वे में शामिल 85 फीसदी से ज्यादा मैनेजर्स का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में महंगाई 4 से 5 फीसदी या उससे नीचे रह सकती है। इससे न सिर्फ आर्थिक स्थिरता का संकेत मिलता है, बल्कि यह भी साफ होता है कि नीति स्तर पर निरंतरता बनी रह सकती है।
हालांकि, बजट के समय बाजार में हलचल से इनकार नहीं किया जा सकता। करीब 80 फीसदी मैनेजर्स का मानना है कि बजट के पहले और बाद में शेयर बाजार में कुछ समय के लिए उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। लेकिन उनका भरोसा है कि यह अस्थिरता ज्यादा दिन नहीं टिकेगी और बाजार जल्द ही कंपनियों की कमाई और लिक्विडिटी जैसे बुनियादी फैक्टर्स पर लौट आएगा।
यह भी पढ़ें: Budget 2026: बजट से पहले एक्सपर्ट्स को NPS और पेंशन सिस्टम में सुधार को लेकर सरकार से बड़ी उम्मीदें
टैक्स के मामले में इस बार कोई बड़ा ऐलान होने की उम्मीद नहीं है। जानकारों का कहना है कि कंपनियों के टैक्स में ज्यादा कटौती नहीं होगी। हां, नौकरी करने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है या टैक्स भरने के नियमों को आसान बनाया जा सकता है। वहीं, खर्च बढ़ाने के लिए सरकार बहुत बड़ा पैकेज लाने के बजाय सिर्फ जरूरत के हिसाब से छोटे-छोटे कदम उठा सकती है, ताकि सरकार का खर्च काबू में रहे।
smallcase के फाउंडर और सीईओ वसंत कामथ का कहना है कि यह प्री-बजट सर्वे बताता है कि निवेश मैनेजर्स सरकार की योजनाओं को समझकर पैसा लगा रहे हैं। वे डिफेंस, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों पर लंबे समय के लिए दांव लगा रहे हैं। उनका कहना है कि बजट के समय बाजार में थोड़ी उठापटक हो सकती है, लेकिन आगे का रास्ता अब भी मजबूत दिख रहा है।