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गिरा तो खरीदो! एक्सपर्ट बोले- सोने की चमक और तेज होगी, ₹2.3 लाख तक जा सकता है भाव

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वैश्विक अनिश्चितता, जियो-पॉलिटिकल तनाव और केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी से सोने की चमक और तेज; जानकारों को अगले 2–3 साल में नई रिकॉर्ड ऊंचाई की उम्मीद

Last Updated- January 22, 2026 | 12:20 PM IST
Gold

Gold Price Outlook: दुनिया भर में अनिश्चितता के बीच सोना एक बार फिर निवेशकों का सबसे भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है। पिछले एक साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 73 फीसदी उछलकर 4,800 डॉलर प्रति औंस के पार निकल चुकी है। लेकिन जानकारों का कहना है कि यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले दो से तीन साल में सोना 7,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकता है।

क्यों तेज हुआ सोना

SAMCO सिक्योरिटीज के अपूर्व शेठ के मुताबिक, सोने की इस बेतहाशा तेजी के पीछे कई बड़ी वजहें हैं। दुनिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, सरकारों का लगातार बढ़ता खर्च और घाटा, केंद्रीय बैंकों की जोरदार खरीदारी और ब्याज दरों का ऐसा माहौल, जिसने सोने को और मजबूत बना दिया है। उनके अनुसार, भले ही बीच-बीच में कीमतों में गिरावट दिखे, लेकिन सोना अब भी लंबे समय के निवेश के लिए एक मजबूत सहारा बना हुआ है, न कि सिर्फ तुरंत मुनाफे का साधन।

7,000 डॉलर का सपना कैसे होगा पूरा

अपूर्व शेठ का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर सोने का अगला बड़ा पड़ाव करीब 7,040 डॉलर प्रति औंस के आसपास दिख रहा है। अगर रुपया मौजूदा स्तरों के आसपास स्थिर रहा, तो भारत में MCX पर सोने की कीमत लगभग 2.3 लाख रुपये प्रति औंस तक पहुंच सकती है। यानी आने वाले सालों में सोना निवेशकों को चौंकाने की पूरी तैयारी में है।

क्रिस्टोफर वुड का पुराना हिसाब, नई भविष्यवाणी

जेफरीज के वैश्विक इक्विटी रणनीति प्रमुख क्रिस्टोफर वुड भी सोने को लेकर बेहद आशावादी हैं। उनका मानना है कि मौजूदा तेजी के दौर में सोना 6,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वुड बताते हैं कि उन्होंने यह अनुमान सोने के पुराने शिखर और अमेरिका की आमदनी के आंकड़ों को ध्यान में रखकर लगाया है। उनके मुताबिक, पिछली बड़ी तेजी के दौर में सोने की कीमत अमेरिकी लोगों की आय के एक खास हिस्से के बराबर थी और उसी गणित से आज का टारगेट 6,600 डॉलर प्रति औंस निकलता है।

बाजार में हलचल, लेकिन रुख अब भी मजबूत

गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में थोड़ी गिरावट जरूर देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से यूरोपीय यूनियन पर टैरिफ को लेकर बदले हुए रुख को माना जा रहा है। MCX पर सोने की कीमत करीब 2 फीसदी गिरी, जबकि चांदी भी 3.20 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे फिसल गई। हालांकि, यह गिरावट निवेशकों के भरोसे को डगमगा नहीं सकी है।

गिरावट में मौका, आगे बड़ी उड़ान

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर का कहना है कि तकनीकी चार्ट पर MCX सोना अब भी मजबूती के संकेत दे रहा है। उनके मुताबिक, हालिया गिरावट मुनाफावसूली का नतीजा है, न कि रुझान बदलने का संकेत। अगर सोना 1.58 से 1.60 लाख रुपये के स्तर को पार करता है, तो अगली छलांग 1.65 से 1.70 लाख रुपये तक की हो सकती है। ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह साफ है- सोने में गिरावट से डरने के बजाय, इसे खरीदारी का मौका समझें और लंबे समय के लिए निवेश बनाए रखें, क्योंकि सोने की असली चमक अभी आना बाकी है।

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First Published - January 22, 2026 | 11:21 AM IST

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