facebookmetapixel
Advertisement
4000 लोगों की जा सकती है नौकरी! JLR बड़ी छंटनी की तैयारी में, बढ़ते खर्च से कंपनी परेशानसुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें: CBI ने दर्ज की FIR, फर्जी कागज दिखाकर ₹1,322 करोड़ के फ्रॉड का आरोपएक शेयर पर ₹60 का मोटा डिविडेंड! पावर ट्रांसमिशन सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सNPS में ‘नो मिनिमम इन्वेस्टमेंट’ का क्या है सच? एक्सपर्ट से समझें, किसे मिलेगा फायदा और किसे नहींटाटा मोटर्स खरीदेगी इटली की मशहूर इवेको ग्रुप, €3.82 अरब की डील से ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगा दबदबामोटी कमाई का चांस! अगले हफ्ते लगभग 150 कंपनियां देंगी डिविडेंड, एक शेयर पर ₹60 तक कमाने का मौकाजन्माष्टमी पर बाजारों में बंपर खरीदारी की उम्मीद, 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के व्यापार का अनुमान18 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 37.5 अरब डॉलर खर्च, फिर भी ट्रंप ने ईरान युद्ध को बताया ‘छोटी बात’लाइट, कैमरा और एक्शन: कैसे साल 1991 के आर्थिक सुधारों ने भारतीय सिनेमा का पूरा कारोबार बदल दिया?भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यों और शहरों को खुद जुटाना होगा फंड: भार्गव दासगुप्ता

Rupee vs Dollar: नए निचले स्तर पर फिसला रुपया, डॉलर के मुकाबले 91.71 पर बंद

Advertisement

डीलरों के अनुसार ग्रीनलैंड लेने की अमेरिकी धमकियों और येन कैरी ट्रेड के समापन के कारण जापान के बॉन्डों की बिकवाली के चलते वैश्विक जोखिम वाले हालात और खराब हुए

Last Updated- January 21, 2026 | 9:56 PM IST
Rupee vs Dollar

डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 0.8 फीसदी गिरकर 91.71 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 91.75 डॉलर तक फिसल गया था। डीलरों के अनुसार ग्रीनलैंड लेने की अमेरिकी धमकियों और येन कैरी ट्रेड के समापन के कारण जापान के बॉन्डों की बिकवाली के चलते वैश्विक जोखिम वाले हालात और खराब हुए। इसकी वजह से शेयरों से लगातार विदेशी निकासी होने से रुपये में गिरावट आई। जानकारों का मानना ​​है कि रुपया जल्द ही 92 प्रति डॉलर के स्तर को छू सकता है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि केंद्रीय बैंक ने रुपये के फॉरवर्ड मार्केट में अलग-अलग अवधि के अनौपचारिक खरीद-बिक्री सौदे किए, जिससे रुपये की कीमत में और गिरावट थमी। हाजिर बाजार में सरकारी बैंकों ने आरबीआई की ओर से लगभग 1 अरब से 2 अरब डॉलर बेचे। यह बिक्री तू हुई जब रुपये का भाव 91.74 प्रति डॉलर तक गिर गया था। मंगलवार को रुपया 90.98 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

बाजार के एक प्रतिभागी ने बताया, आरबीआई ने 91.74 प्रति डॉलर पर हस्तक्षेप किया। केंद्रीय बैंक ने लगभग 1 अरब से 2 अरब डॉलर की बिक्री की। आरबीआई द्वारा विभिन्न अवधियों के लिए कुछ अनौपचारिक खरीद/बिक्री सौदे भी किए गए। इस वित्त वर्ष में यह भारतीय मुद्रा का तीसरा सबसे खराब सत्र था।

2025 में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियाई मुद्रा रहने के बाद रुपया जनवरी में अब तक फिर से सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई है और इसमें अभी तक करीब 2 फीसदी की गिरावट आई है। आंकड़ों के अनुसार, रुपये के फॉरवर्ड मार्केट में केंद्रीय बैंक की बकाया नेट शॉर्ट डॉलर पोजीशन नवंबर के अंत तक बढ़कर 66.04 अरब डॉलर हो गई जबकि अक्टूबर के अंत तक यह 63.6 अरब डॉलर थी।

डीबीएस बैंक इंडिया के कार्यकारी निदेशक और ट्रेडिंग प्रमुख समीर करियत ने कहा, रुपये की यह चाल आयातकों की मांग, इक्विटी की निकासी और एनडीएफ बाजार में विदेशी खरीद के कारण देखने को मिली है, क्योंकि हाजिर बाजार का भाव 91.09 के पिछले उच्चतम स्तर को तोड़ चुका है।

Advertisement
First Published - January 21, 2026 | 9:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement