जिंदल स्टेनलेस ने दिसंबर तिमाही के दौरान समेकित लाभ में सालाना आधार पर 26.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। दमदार घरेलू मांग और परिचालन दक्षता ने निर्यात में आई गिरावट की भरपाई करने में कंपनी की मदद की। अमेरिका और यूरोपीय संघ में नीति संबंधी अनिश्चितता की वजह से कंपनी के निर्यात पर असर पड़ा है।
कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में 828 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह 654 करोड़ रुपये था। एबिटा या परिचालनगत लाभ पिछले साल के मुकाबले 16.6 प्रतिशत बढ़कर 1,408 करोड़ रुपये हो गया। इस तिमाही के दौरान राजस्व पिछले साल के मुकाबले 6.2 प्रतिशत बढ़कर 10,518 करोड़ रुपये हो गया। इसे वाहन, बुनियादी ढांचा, पाइप और ट्यूब, रेलवे, मेट्रो और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तु जैसे प्रमुख सेक्टरों की स्थिर मांग से मदद मिली।
कंपनी के निदेश मंडल ने वित्त वर्ष 26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 1 रुपये (अंकित मूल्य का 50 प्रतिशत) के अंतरिम लाभांश की मंजूरी दी। कंपनी ने कहा कि भुगतान के लिए सदस्यों की पात्रता तय करने की तारीख 29 जनवरी तय की गई है और लाभांश का भुगतान 19 फरवरी, 2026 तक कर दिया जाएगा।
निर्यात के मोर्चे पर वैश्विक व्यापार का मनोबल नरम रहा। प्रमुख बाजारों में अधिक अनिश्चितता और संरक्षणात्मक उपायों की वजह से ऐसा हुआ, खास तौर पर अमेरिका के टैरिफ और यूरोपीय संघ के कार्बन बोर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) की वजह से। नतीजतन दिसंबर तिमाही के दौरान कुल बिक्री में कंपनी के निर्यात की हिस्सेदारी घटकर 5.4 प्रतिशत रह गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 8.5 प्रतिशत थी।
वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही में दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज (डीआरएल) का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 1,210 करोड़ रुपये रहा। उत्तर अमेरिकी बाजार में कैंसर की दवा लेनोमाइड की कम बिक्री के कारण कंपनी के शुद्ध लाभ पर दबाव पड़ा। कंपनी का परिचालन से राजस्व दिसंबर तिमाही में बढ़कर 8,727 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में दर्ज 8,357 करोड़ रुपये से 4.4 प्रतिशत ज्यादा है।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) ने मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 57.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का शुद्ध लाभ 4,011 करोड़ रुपये रहा। यह बढ़ोतरी मजबूत सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के नुकसान की भरपाई की वजह से हुई है।
पिछली तिमाही के मुकाबले, दिसंबर तिमाही में एचपीसीएल का शुद्ध लाभ 4 फीसदी बढ़ा, क्योंकि कंपनी ने अगस्त-सितंबर तिमाही में 3,859 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तिमाही में कंपनी का राजस्व 5 फीसदी बढ़कर 1.25 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 1.19 लाख करोड़ रुपये था। बीएस
सरकार के स्वामित्व वाले बैंक ऑफ इंडिया का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 7.47 फीसदी बढ़कर 2,705 करोड़ रुपये हो गया। यह एक साल पहले की समान अवधि में 2,517 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुनाफे को गैर-ब्याज आय में बढ़ोतरी होने से मदद मिली। तिमाही आधार पर मुनाफा 2,555 करोड़ रुपये से 5.9 फीसदी तक बढ़ गया।
धनलक्ष्मी बैंक का दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 20.3 प्रतिशत बढ़कर 23.88 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 19.85 करोड़ रुपये था। धनलक्ष्मी बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 456 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 377 करोड़ रुपये थी। बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घटकर कुल अग्रिम का 2.36 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 3.53 प्रतिशत थी।
केपीआई ग्रीन एनर्जी का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर करीब 48 प्रतिशत बढ़कर 125.80 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का गत वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी (अक्टूबर-दिसंबर) तिमाही में मुनाफा 85.15 करोड़ रुपये रहा था। केपीआई ग्रीन एनर्जी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कुल आय सालाना आधार पर 466.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 676.05 करोड़ रुपये हो गई। व्यय भी 351.08 करोड़ रुपये से बढ़कर 508.66 करोड़ रुपये हो गया। निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पांच रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 0.20 पैसे के तीसरा अंतरिम लाभांश को मंजूरी दे दी है।