facebookmetapixel
Advertisement
नेट न्यूट्रैलिटी के उल्लंघन के आरोपों पर एयरटेल की सफाई, कहा: नियमों के तहत काम कर रहे हैं हमCoal India का दावा: गर्मियों में बिजली संकट नहीं, 16.8 करोड़ टन कोयला स्टॉक मौजूदपीयूष गोयल और कनाडाई PM मार्क कार्नी के बीच हुई बड़ी बैठक, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार $50 अरब करने का लक्ष्यPronto की AI ट्रेनिंग पर बढ़ा विवाद, ग्राहकों से बातचीत व वीडियो इस्तेमाल करने को लेकर प्राइवेसी पर उठे सवालAI की आंधी में भारत से आगे निकला ताइवान, बना दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजारATM में अब मांग के हिसाब से भरी जाएगी नकदी, ईंधन बचाने के लिए बदला जाएगा पुराना नियमदिल्ली- एनसीआर में CNG फिर महंगी, दो हफ्ते में चौथी बार बढ़े दामबॉम्बे हाउस में हुई टाटा संस की मैराथन बैठक, नोएल टाटा ने नए जमाने के कारोबार पर पूछे सवालफंडामेंटम ने लॉन्च किया ‘F2A’ प्लेटफॉर्म, AI और डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए ₹2,000 करोड़ का फंडइस साल खाली नहीं रहेंगे दफ्तर! ग्रेड ए कमर्शियल ऑफिस स्पेस में खाली जगह 16% तक घटने के आसार

CAFE-3 नियमों में बड़ा बदलाव संभव: छोटी पेट्रोल कारों की विशेष छूट हटाने की तैयारी में BEE

Advertisement

बीईई ने सितंबर 2025 में जारी कैफे-3 के मसौदे में 909 किलोग्राम से कम वजन वाली पेट्रोल कारों को विशेष राहत का प्रावधान किया था

Last Updated- January 21, 2026 | 10:31 PM IST
CAFE 3 Norms

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) प्रस्तावित कॉरपोरेट औसत ईंधन दक्षता फेज 3 (कैफे-3) उत्सर्जन मानदंड में छोटी पेट्रोल कारों को विशेष छूट के प्रावधान को हटा सकता है। बीईई ने सितंबर 2025 में जारी कैफे-3 के मसौदे में 909 किलोग्राम से कम वजन वाली पेट्रोल कारों को विशेष राहत का प्रावधान किया था मगर अब अंतिम अधिसूचना में इसको हटाए जाने की संभावना है।

बीईई अब मुख्य फॉर्मूला में, जिसका उपयोग प्रत्येक कार विनिर्माता के औसत कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन लक्ष्य की गणना के लिए किया जाता है, संशोधन करने की योजना बना रहा है ताकि 1,229 किलोग्राम से कम वजन वाले वाहनों के लिए अधिक उदार लक्ष्य और उससे भारी वाहनों के लिए कड़े लक्ष्य तय किए जा सकें। घटनाक्रम से अवगत लोगों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी।

उत्सर्जन मानदंड में छोटी कारों को विशेष छूट पर वाहन विनिर्माताओं के बीच विवाद के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर, टाटा मोटर्स और किया ने दिसंबर में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कहा कि प्रस्तावित नियम के तहत अलग-अलग छूट से ‘सिर्फ एक कार विनिर्माता’ को फायदा होगा जिसके लगभग 95 फीसदी वाहन 909 किलोग्राम से कम वजन वाले सेगमेंट में आते हैं।

मारुति सुजूकी ने अन्य कार विनिर्माताओं के तर्क का जोरदार ढंग से विरोध किया। मारुति के वरिष्ठ कार्याधिकारी राहुल भारती ने आगाह किया कि अगर कैफे-3 कार्बन डाइऑक्साइड लक्ष्य ‘अवैज्ञानिक और अन्यायपूर्ण’ रहे तो 909 किलोग्राम से कम वजन वाली कारों को बंद किया जा सकता है।

कैफे-3 मानदंड वित्त वर्ष 2027-28 और वित्त वर्ष 2032 के बीच लागू होंगे। बीईई के एक अधिकारी ने कहा कि अंतिम अधिसूचना में मुख्य फॉर्मूले को इस तरह से संशोधित किया जा सकता है जिससे 909 किलोग्राम वाली कार को वित्त वर्ष 2028 से वित्त वर्ष 2032 तक प्रत्येक वर्ष 4.51 ग्राम प्रति किलोमीटर से 5.31 ग्राम प्रति किलोमीटर के बीच अतिरिक्त राहत मिल सके।

कैफे मानदंडों के अनुसार कार विनिर्माताओं के एक वर्ष में बेचे जाने वाले सभी यात्री वाहनों के औसत कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को ग्राम प्रति किलोमीटर में मापा जाता है और उत्सर्जन को तय सीमा में रखना होता है। प्रत्येक मॉडल के लिए एक निश्चित सीमा के बजाय विनिर्माता द्वारा बेचे गए कुल वाहनों के औसत उत्सर्जन की गणना की जाती है। इसका उद्देश्य पूरे उद्योग में उत्सर्जन को कम करना है।

बीईई ने अपने नई नीति नोट में कहा है कि सितंबर 2025 के मसौदे में ‘तुलनात्मक रूप से ज्यादा कमी (0.002)’ ने वाहन के वजन के साथ लक्ष्य को और तेजी से बढ़ाने की इजाजत है, जिससे भारी बेड़े वाले विनिर्माताओं को ज्यादा छूट मिलती। साथ ही, हल्के बेड़े वाले विनिर्माताओं को सितंबर 2025 के मसौदे के हिसाब से तुलनात्मक रूप से सख्त लक्ष्यों का सामना करना पड़ सकता है।

हल्की कारों के लिए लक्ष्यों को आसान बनाने के लिए बीईई अब फॉर्मूले को संशोधित करने की योजना बना रहा है जो इस प्रकार होगा: [0.00153 × (डब्ल्यू − 1229) + सी] × 23.71, वित्त वर्ष 2028 में नया स्थिरांक ‘c’ 3.8844 पर शुरू होकर धीरे-धीरे वित्त वर्ष 2032 में 3.2053 तक घट जाएगा।

सितंबर 2025 के मसौदे में वित्त वर्ष 2028 में 909 किलोग्राम की कार के लिए उत्सर्जन सीमा 75.98 ग्राम प्रति किलोमीटर है। अंतिम कैफे-3 मानदंडों में यह सीमा बढ़कर 80.49 ग्राम प्रति किलोमीटर हो सकती है। जिसका अर्थ है कि वित्त वर्ष 2028 में 909 किलोग्राम की कार के लिए 4.51 ग्राम प्रति किलोमीटर की छूट मिलेगी।

इसी तरह मसौदे के तहत वित्त वर्ष 2029 में 909 किलोग्राम की कार के लिए 72.36 ग्राम प्रति किलोमीटर की उत्सर्जन सीमा है। बीईई के अधिकारी के अनुसार अंतिम अधिसूचना में यह सीमा बढ़कर 77.01 ग्राम प्रति किलोमीटर हो जाएगी जिससे वित्त वर्ष 2029 में 4.65 ग्राम प्रति किलोमीटर की छूट मिलेगी।

इस मामले पर पक्ष जानने के लिए वाहन विनिर्माताओं के संगठन सायम और बीईई से संपर्क किया गया मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया।

बीईई ने जून 2024 में कैफे-3 मानदंडों का पहला मसौदा जारी किया था। सायम ने दिसंबर 2024 में इस पर टिप्पणियां दी थीं जिसमें कई बदलाव की मांग की गई थी। कुछ महीनों बाद मारुति ने स्वतंत्र रूप से छोटी कारों के लिए एक अलग वजन आधारित छूट की मांग की। इस विचार पर उद्योग दो हिस्सो में बंट गया।

सितंबर 2025 में बीईई ने कैफे-3 प्रारूप मानदंडों को संशोधित किया और पहली बार वजन आधारित राहत पेश की जिसमें 909 किलोग्राम से कम वजन वाली पेट्रोल कारों के लिए अतिरिक्त 3 ग्राम प्रति किलोमीटर की कटौती का प्रस्ताव किया गया। सायम ने संशोधित मसौदे पर प्रतिक्रिया में कहा कि सदस्यों में 909 किलोग्राम से कम वजन वाली कारों के लिए प्रस्तावित छूट पर सहमति नहीं है।

Advertisement
First Published - January 21, 2026 | 10:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement