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Closing Bell: बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 261 अंक टूटा; निफ्टी 25157 पर बंद

Closing Bell: सरकारी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे की तरफ खींचा।

Last Updated- January 21, 2026 | 3:59 PM IST
RVNL share price

Stock Market Closing Bell, Wednesday, January 21, 2026: एशियाई बाजारों से कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार (21 जनवरी) को लगातार तीसरे ट्रेडिंग सेशन में लाल निशान में बंद हुए। सरकारी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे की तरफ खींचा। वहीं, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव ने निवेशकों की घबराहट बढ़ा दी है। इससे निवेशकों की भावनाओं पर नेगेटिव असर पड़ा है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) बड़ी गिरावट लेकर 81,794 अंक पर खुला। खुलते ही इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान यह 700 अंक तक गिर गया था। अंत में 261.41 अंक या 0.32 फीसदी की गिरावट के साथ 81,919.06 पर ट्रेड कर रहा था।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) गिरावट के साथ 25,141 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,500 के नीचे फिसल गया था। अंत में 75 अंक या 0.30 फीसदी गिरकर 25,157 पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू शेयर बाजारों में वैश्विक जोखिम कारकों के चलते तेज उतार–चढ़ाव देखने को मिला। इससे निवेशकों की धारणा पर दबाव बना रहा। हालांकि कारोबार के अंतिम दौर में वैल्यू खरीदारी आने से शुरुआती नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सकी। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के कमजोर तिमाही नतीजे भी शेयर बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना रहे हैं।”

उन्होंने कहा, ”रुपये में कमजोरी और व्यापारिक संबंधों को लेकर बनी अनिश्चितता से यह अस्थिरता आगे भी बनी रह सकती है। फिर भी, नतीजों का मौजूदा दौर चुनिंदा शेयरों में निवेश के मौके दे सकता है और मजबूत घरेलू मांग के सहारे अगला कारोबारी सत्र बेहतर रहने की उम्मीद है।”

Top Losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस बैंक और लार्सन एंड टुब्रो सबसे ज्यादा दबाव बनाने वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके उलट, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंडिगो सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे। ब्रोडर बाजार की बात करें तो मिडकैप इंडेक्स 1.14 प्रतिशत गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।

सेक्टोरल आधार पर केमिकल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट रही और यह 2.12 प्रतिशत टूट गया। इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स 1.66 प्रतिशत और बैंकिंग इंडेक्स 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, मेटल इंडेक्स 0.57 प्रतिशत और तेल व गैस इंडेक्स 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

Global Markets

एशिया के शेयर बाजार बुधवार को भी गिरावट में रहे। इसकी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों को दी गई धमकी है। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.35 प्रतिशत गिरा। एक दिन पहले तेज बिकवाली के बाद बुधवार को बॉन्ड बाजार में कुछ सुधार देखा गया।

ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जो 1 फरवरी से लागू होगा और जून में बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा। इन देशों ने ग्रीनलैंड को हासिल करने की उनकी योजना का विरोध किया था।

वॉल स्ट्रीट पर शेयर बाजार में पिछले साल अप्रैल की बड़ी गिरावट के बाद सबसे खराब दिन रहा। बाजार में उतार-चढ़ाव नवंबर के बाद सबसे ज्यादा स्तर पर पहुंच गया। S&P 500 और नैस्डैक दोनों इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर बंद हुए।

इस हफ्ते दुनिया की नजर दावोस में हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर है। यहां ग्लोबल लीडर अमेरिका के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपने अहम भाषण में कहा कि ‘नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था’ अब लगभग खत्म हो चुकी है।

First Published - January 21, 2026 | 8:25 AM IST

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