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Trump Davos Speech: ट्रंप दावोस में क्या बोलने वाले हैं, भाषण की पूरी टाइमिंग और प्लान जानिए

WEF 2026 के मंच से डोनाल्ड ट्रंप 21 जनवरी को दुनिया को करेंगे संबोधित, जानिए भाषण का समय, लाइव देखने के तरीके और किन मुद्दों पर रह सकती है नजर

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 21, 2026 | 8:41 AM IST

Trump Davos Speech: अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप एक बार फिर दुनिया के सबसे ताकतवर मंचों में से एक वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में नजर आने वाले हैं। स्विट्जरलैंड के बर्फीले शहर दावोस में होने वाली यह बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस दौरान 130 से ज्यादा देशों के नेता, नीति बनाने वाले और बड़े कारोबारी एक ही छत के नीचे जुटेंगे। इस साल WEF की थीम है संवाद की भावना, लेकिन ट्रंप की मौजूदगी ने इस संवाद को पहले ही चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

Trump Davos Speech: 21 जनवरी की शाम, जब दावोस थम जाएगा

बुधवार 21 जनवरी 2026 की शाम दावोस में एक अलग ही माहौल होगा। भारतीय समय के मुताबिक शाम 7 बजे जैसे ही डॉनल्ड ट्रंप कांग्रेस सेंटर के मेन हॉल में बोलना शुरू करेंगे, दुनिया भर की निगाहें उसी मंच पर टिक जाएंगी। 45 मिनट का यह भाषण WEF की पांच दिन की बैठक के बीच होगा और इसे ट्रंप के दावोस दौरे का सबसे अहम पल माना जा रहा है।

दुनिया भर में लाइव सुना जाएगा ट्रंप का संदेश

डॉनल्ड ट्रंप का यह भाषण किसी बंद कमरे तक सीमित नहीं रहेगा। इसे दुनिया भर में लाइव देखा जा सकेगा। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर इसका सीधा प्रसारण होगा। वहीं X और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हर बड़े बयान की गूंज सुनाई देगी और WEF26 हैशटैग के साथ पल पल के अपडेट सामने आएंगे।

दावोस के मंच से ट्रंप कई अहम मुद्दों पर खुलकर बोल सकते हैं। अमेरिका में लगातार महंगे होते घर, उनकी अमेरिका फर्स्ट व्यापार नीति और यूरोप के साथ व्यापारिक रिश्तों पर उनका रुख दुनिया के सामने आ सकता है। टैरिफ को लेकर चल रहे तनाव और विदेश नीति से जुड़े कुछ संवेदनशील सवाल भी उनके भाषण का हिस्सा हो सकते हैं। ग्रीनलैंड से जुड़े हालिया बयान और चर्चाएं भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर चर्चा में आ सकती हैं।

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बंद दरवाजों के पीछे होगी बड़ी बातचीत

मंच से उतरने के बाद ट्रंप की गतिविधियां और भी अहम मानी जा रही हैं। दावोस में वह वैश्विक कारोबार के बड़े नेताओं के साथ निजी बैठकों में हिस्सा लेंगे। बैंकिंग, निवेश, क्रिप्टोकरेंसी और कंसल्टिंग सेक्टर के दिग्गज इन बैठकों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि पूरी लिस्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन जेमी डाइमोन, लैरी फिंक और केन ग्रिफिन जैसे बड़े नाम दावोस में मौजूद हैं, जिससे इन बैठकों का असर और बढ़ जाता है।

दावोस के गलियारों में एक और अहम मुलाकात पर सबकी नजर है। डॉनल्ड ट्रंप जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बातचीत में अमेरिका और यूरोप के रिश्ते, व्यापार से जुड़े तनाव और कूटनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ग्रीनलैंड से जुड़े सवाल इस बैठक को और संवेदनशील बना सकते हैं।

दावोस से घरेलू मुद्दों का वैश्विक संदेश

दावोस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से ट्रंप का घरेलू आर्थिक मुद्दों पर बोलना खास माना जा रहा है। अमेरिका में आम लोगों की परेशानी और घरों की बढ़ती कीमतों का मुद्दा वह वैश्विक नेताओं के सामने रख सकते हैं। हाल ही में सत्ता में वापसी के बाद ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी नीतियों से अमेरिका की सुरक्षा मजबूत हुई है और बड़े वैश्विक टकराव को रोका गया है।

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Trump Davos Speech: क्यों पूरी दुनिया हर शब्द पर नजर रखेगी

डॉनल्ड ट्रंप का यह भाषण सिर्फ एक संबोधन नहीं होगा, बल्कि आने वाले संकेतों का केंद्र बनेगा। सरकारें, निवेशक और बाजार यह समझने की कोशिश करेंगे कि अमेरिका आगे किस दिशा में बढ़ेगा। व्यापार और टैरिफ की नीति क्या होगी, यूरोप के साथ रिश्ते कैसे रहेंगे और वॉशिंगटन की आर्थिक और विदेश नीति का अगला कदम क्या होगा, इसके जवाब शायद दावोस की उसी ठंडी शाम में छिपे होंगे।

First Published : January 21, 2026 | 8:32 AM IST