Apple Pay | फाइल फोटो
Apple Pay India Launch: अमेरिका की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी ऐपल इंक. की डिजिटल भुगतान सेवा ऐपल पे इसी साल भारतीय बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रही है। वह यहां मौजूद प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्ड नेटवर्कों के साथ भारतीय बाजार में प्रवेश कर सकती है। इस मामले से अवगत कई सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि भारतीय बाजार में ऐपल पे की शुरुआत इसी कैलेंडर वर्ष के आखिर तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में औपचारिक तौर पर प्रवेश करने से पहले कंपनी को कई नियामकीय मंजूरिया हासिल करना जरूरी है। Apple Pay सेवा चीन सहित सभी प्रमुख देशों में उपलब्ध है, मगर नियामकीय अनुपालन सहित तमाम कारणों से भारत में अब तक उसकी शुरुआत नहीं हो पाई है। ऐपल पे गेटवे के लिए कंपनी को देश में कार्ड जारी करने वाली प्रमुख कंपनियों के साथ वाणिज्यिक करार करना होगा और फीस संबंधी मुद्दों पर बातचीत करनी होगी।
ऐपल पे असल में ऐपल पेमेंट्स सर्विसेज एलएलसी द्वारा प्रदान की जाने वाली एक सेवा है, जो ऐपल इंक. की सहायक कंपनी है। न तो ऐपल इंक. कोई बैंक है और न ही ऐपल पेमेंट्स सर्विसेज एलएलसी। ऐसे में ऐपल पे में इस्तेमाल होने वाला कोई भी कार्ड किसी कार्ड जारीकर्ता द्वारा पेश होना चाहिए।
मामले से अवगत सूत्रों के अनुसार, ऐपल को वाणिज्यिक तालमेल के लिए बैंकों (क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड जारीकर्ताओं) के साथ गठजोड़ करना होगा। उन्होंने कहा, ‘जारीकर्ताओं यानी बैंकों को उन्हें भुगतान करना होगा। हर बार जब कोई ग्राहक ऐपल पे को गेटवे के रूप में उपयोग करेगा, तो वे कुछ फीस लेंगे।’ उन्होंने कहा कि ऐपल पे ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन अनुभव है, लेकिन बैंकों के लिए इसकी एक कीमत होगी।
सूत्रों ने कहा, ‘ऐपल इसके लिए भारत में बैंकों, नियामकों और कार्ड नेटवर्कों के साथ काम करेगा। ऐपल पे को संभवत: इसी कैलेंडर वर्ष के दौरान भारत में शुरू करने की योजना है।’
ऐपल ने इस बाबत जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं दिया। ऐपल पे के उपयोगकर्ता अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड को ऐपल वॉलेट में सेव कर सकते हैं और कार्ड डिफॉल्ट के रूप में सेट हो जाने के बाद वे एनएफसी (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) के जरिये संपर्क रहित भुगतान के लिए अपने डिवाइस को पीओएस टर्मिनल पर टैप कर सकते हैं। ऐपल पे आईफोन, आईपैड, ऐपल वॉच, मैक और ऐपल विजन प्रो का उपयोग करके भुगतान करने का एक आसान, सुरक्षित एवं निजी तरीका उपलब्ध कराता है। फिलहाल भारत में क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड को ऐपल वॉलेट पर लोड नहीं किया जा सकता है।
Apple Pay भारत में ऐसे समय में दस्तक देने जा रही है जब यहां कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट और डेबिट कार्ड, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई), प्रीपेड पेमेंट्स इंस्ट्रूमेंट्स (पीपीआई) जैसे डिजिटल वॉलेट सहित डिजिटल भुगतान को तेजी से अपनाया जा रहा है।
साल 2025 में फिनटेक कंपनियों कैशफ्री पेमेंट्स और रेजरपे ने भारतीय व्यापारियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय भुगतान के लिए ऐपल पे को भुगतान तरीके के रूप में एकीकृत किया था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ऐपल पे 89 देशों में उपलब्ध है। इसने 11,000 से अधिक बैंकों एवं नेटवर्क साझेदारों और 20 से अधिक स्थानीय भुगतान नेटवर्कों के साथ साझेदारी की है। कंपनी के ब्लॉग के अनुसार, आईफोन पर टैप टू पे फिलहाल 50 बाजारों में लाइव है। वैश्विक स्तर पर 1.5 करोड़ से अधिक मर्चेंट्स आईफोन का उपयोग करके कॉन्टैक्टलेस पेमेंट स्वीकार करते हैं। मोटे तौर पर कंपनी के 60 करोड़ से अधिक वैश्विक उपयोगकर्ता हैं। इस सेवा की शुरुआत 2014 में हुई थी।