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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपनी दूसरी पारी के पहले साल पूरे होने पर आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोक दिया था। ट्रंप ने कहा कि उनकी राय में दोनों देश परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे और उन्होंने युद्ध रोककर लाखों लोगों की जान बचाई।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने केवल 10 महीनों में आठ ऐसे युद्ध खत्म किए, जिन्हें खत्म करना नामुमकिन माना जा रहा था। उन्होंने कहा, “कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा वर्षों से लड़ रहे थे। भारत और पाकिस्तान भी एक-दूसरे पर हमले कर रहे थे। आठ विमान गिराए गए। मेरी राय में वे परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे।”
भरी हुई व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग में ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, जो पिछले साल वॉशिंगटन आए थे, उन्होंने उनसे कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 1 करोड़ लोगों की जान बचाई, शायद इससे भी ज्यादा। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं। 105 मिनट तक चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कई बार यह दावा दोहराया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध खत्म कराया। नोबेल शांति पुरस्कार से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने दुनिया भर में युद्ध रोककर करोड़ों लोगों की जान बचाई।
ट्रंप ने कहा, “अगर आप आंकड़े जोड़ें, तो हर युद्ध में लाखों लोग मारे जा सकते थे। आठ युद्धों को जोड़िए। सिर्फ भारत-पाकिस्तान में ही 1 से 2 करोड़ लोग मारे जा सकते थे। मैंने लाखों लोगों की जान बचाई।” व्हाइट हाउस ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले साल की उपलब्धियों पर एक विस्तृत बयान जारी किया, जिसका शीर्षक था- ‘365 दिन में 365 जीत: ट्रंप की वापसी ने सफलता और समृद्धि का नया दौर शुरू किया’।
इस बयान में कहा गया कि जनवरी 2025 में सत्ता संभालने के बाद ट्रंप ने रिकॉर्ड निवेश, ऊर्जा उत्पादन, अपराध में गिरावट और कई युद्धों को खत्म करने जैसे बड़े कदम उठाए। इसमें भारत-पाकिस्तान के बीच शांति समझौता कराने को भी उनकी उपलब्धियों में शामिल किया गया।
हालांकि, ट्रंप का यह दावा विवादित रहा है। वे अब तक करीब 90 बार यह कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक संघर्ष को रोका। यह दावा उन्होंने पहली बार 10 मई 2025 को किया था, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वॉशिंगटन की मध्यस्थता से दोनों देश संघर्षविराम पर सहमत हुए। भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई थी।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें भारत-पाक के अलावा इज़राइल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया और आर्मेनिया-अज़रबैजान जैसे संघर्षों को खत्म करने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने नॉर्वे और नोबेल समिति पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरस्कार पर नॉर्वे का पूरा नियंत्रण है और इसी वजह से उन्हें यह सम्मान नहीं मिला।
ट्रंप ने कहा, “मैंने आठ युद्ध खत्म किए। शायद कोई राष्ट्रपति एक भी युद्ध खत्म नहीं कर पाया होगा। मैंने यह नोबेल के लिए नहीं किया, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए किया।” उन्होंने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो की भी तारीफ की, जिन्होंने हाल ही में अपना 2025 नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को समर्पित किया था।
एजेंसी इनपुट के साथ