नई दिल्ली में एक बैठक के दौरान अमेरिका के सीनेटर स्टीव डेनिस के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर | फाइल फोटो पीटीआई
अमेरिका के सीनेटर स्टीव डेविस ने नई दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता में ‘तेजी’ लाने का आह्वान किया है। साथ ही उन्होंने अमेरिकी दालों के भारत में आयात पर भी जोर दिया है। मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
अमेरिका के शीर्ष दलहन उत्पादक इलाके मोंटाना का प्रतिनिधित्व करने वाले डेविस का बयान भारत के बाजारों में कृषि उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए दबाव की एक नई कवायद है। कृषि संबंधी आयात भारत में एक संवेदनशील मसला रहा है।
अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी बयान के अनुसार, ‘डेनिस ने ट्रंप प्रशासन के साथ मोंटाना के लोगों के हितों के मसलों को आगे बढ़ाया। इसमें अमेरिका और भारत के बीच भविष्य के किसी भी व्यापार समझौते में अमेरिका से दलहन के आयात को शामिल करने का आग्रह किया गया है।
मोंटाना अमेरिका में दलहन फसलों का शीर्ष उत्पादक है और भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उपभोक्ता है। डेनिस ने एक निष्पक्ष और पारस्परिक लाभ वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को पूरा करने की दिशा में सक्रिय रहने और चल रही वार्ता में तेजी लाने की मांग की।
डेनिस 17 से 19 जनवरी के दौरान भारत में थे। उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, संसद सदस्यों और भारत व अमेरिका के कारोबारी प्रमुखों की बैठक में शामिल हुए थे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी बैठकों के दौरान मौजूद थे।
बयान में डेनिस के हवाले से कहा गया है, ‘मैं अपने दोनों देशों के साझा मूल्यों और रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करने और मोंटाना के दलहन किसानों की ओर से वकालत करने के लिए भारत आया था। मैंने अमेरिका के किसानों की चिंताओं को सुनने के लिए मंत्री गोयल की सराहना की और इस महत्त्वपूर्ण प्राथमिकता को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ काम करना जारी रखूंगा।’
भारत दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। इस समय भारत में दलहन आयात पर 30 प्रतिशत शुल्क लगता है। कृषि उत्पादों को भारत के बाजार में ज्यादा पहुंच देने का मसला व्यापार समझौतों में एक संवेदनशील मसला रहा है। देश के छोटे किसानों के हितों को देखते हुए इस मसले पर भारत सख्त रुख अपनाता रहा है।