यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लिएन और पीएम मोदी
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लिएन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) अगले सप्ताह ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा करने वाले हैं। यह कदम करीब 200 करोड़ लोगों के बाजार को जोड़ते हुए वैश्विक जीडीपी के एक-चौथाई हिस्से को कवर करेगा। यूरोपीय संघ की प्रशासकीय इकाई यूरोपीय आयोग की प्रमुख लिएन ने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में यह बात कही।
उर्सुला ने कहा कि भारत और ईयू के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का ऐलान एक ऐतिहासिक अवसर होगा और यूरोप को दुनिया के तेजी से बढ़ते एवं गतिशील बाजार के साथ पहले जुड़ने का लाभ मिलेगा। लिएन ने कहा, ‘मैं भारत की यात्रा पर जा रही हूं। हालांकि अभी काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब हैं। कुछ लोगों ने तो इसे सबसे महत्त्वपूर्ण व्यापार समझौता कहा है। यह एक ऐसा समझौता होगा जो करीब 200 करोड़ लोगों का एक बाजार तैयार करेगा और वैश्विक जीडीपी का करीब चौथाई हिस्सा होगा।’
लिएन यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा के साथ 25 से 27 जनवरी के बीच भारत दौरे पर रहेंगी। दोनों नेता गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता का भी कार्यक्रम है। इस शिखर सम्मेलन में एफटीए के अलावा दोनों पक्षों ने रक्षा ढांचा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक एजेंडा तैयार करने की भी योजना है। प्रस्तावित सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी (एसडीपी) दोनों पक्षों के बीच गहन रक्षा और सुरक्षा सहयोग को सक्षम करेगी और भारतीय कंपनियों को ईयू के ‘यूरोप के लिए सुरक्षा कार्रवाई’ (सेफ) कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर देगी।
लिएन ने वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे ईयू की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप ने ऊर्जा, कच्चे माल, रक्षा एवं डिजिटल क्षेत्रों में तेजी से कदम उठाए हैं और अब स्थायी बदलाव को अपनाकर अवसर का लाभ उठाना होगा। भारत और यूरोपीय संघ 2004 से ही रणनीतिक साझेदार हैं। दोनों के बीच एफटीए पर पहली बार बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन 2013 में रोक दी गई थी। जून 2022 में वार्ता फिर से बहाल हुई थी। दोनों पक्ष अब व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में व्यापक समझौते पर सहमति बनाने के अंतिम चरण में हैं। शीर्ष ईयू नेता ने विशेष रूप से ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों के महत्त्व का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘चाहे व्यापार हो या व्यवसाय, पूंजी हो या ऊर्जा- यूरोप को तत्परता से इस दिशा में बढ़ने की आवश्यकता है। हमारी शुरुआती बात अच्छी है। हम पवन ऊर्जा से लेकर अगली पीढ़ी की बैटरी तक के क्षेत्रों में वैश्विक चैंपियन के घर हैं। एयरोस्पेस से लेकर औद्योगिक मशीनों तक जो चिप्स या उन्नत हथियार बनाने के लिए आवश्यक हैं। हमारी कंपनियां अमेरिकी समकक्षों के समान गति से एआई अपना रही हैं।’
यूरोपीय संघ की शीर्ष अधिकारी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने पिछले वर्ष यूरोपीय संघ के सदस्य देशों पर नए शुल्क नहीं लगाने पर सहमति जताई थी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष लिएन ने कहा कि ग्रीनलैंड पर ट्रंप द्वारा प्रस्तावित नए शुल्क खासतौर पर लंबे समय से सहयोगी रहे देशों के साथ एक गलती हैं। वह ट्रंप की उस घोषणा पर प्रतिक्रिया दे रही थीं कि फरवरी से उन 8 यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा, जिन्होंने डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा करने के ट्रंप के आह्वान के बाद डेनमार्क का समर्थन किया है।
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पारमेलिन ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उनका देश अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों, विशेष रूप से व्यापार और वैज्ञानिक क्षेत्रों में और अधिक विविधता लाना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘संरक्षणवाद के मौजूदा माहौल में भी हम मुक्त व्यापार की सफलता में विश्वास रखते हैं और इस क्षेत्र में अपने समझौतों के नेटवर्क का विस्तार करना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें समान स्तर पर बातचीत करने में सक्षम होना चाहिए। ये बातचीत ऐसी होनी चाहिए, जिसमें सभी पक्षों का लाभ हो।
बैठक में चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने कहा, ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था में अधिक सहयोग और संवाद की जरूरत है। व्यापार और शुल्क युद्ध में किसी की जीत नहीं होती है। चीन दुनिया के लिए अपने दरवाजे और अधिक खोलेगा।’ उन्होंने कहा कि देश विशेष रूप से सेवा क्षेत्र में अपने बाजार का विस्तार करने की योजना बना रहा है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में सहयोग और संवाद बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘हालांकि आर्थिक वैश्वीकरण पूरी तरह दोषमुक्त नहीं है, लेकिन कोई भी देश इसे पूरी तरह से खारिज नहीं कर सकता और वे खुद को अलग-थलग नहीं कर सकते।’
माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने कहा कि एआई का लक्ष्य हर किसी के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। इसमें शिक्षा से लेकर सार्वजनिक क्षेत्र की दक्षता तक शामिल है। नडेला ने एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यदि एआई से जुड़ी सारी चर्चा केवल आपूर्ति पक्ष या तकनीकी कंपनियों पर ही केंद्रित रही, तो यह एक ‘बुलबुला’ साबित हो सकता है।